Sunday, May 3, 2026

सूरैन का हीरो - भाग 10

‘‘अब क्या होगा डोडी।’’ पीको मिनमिनाती आवाज़ में बोला।


‘‘मैं कसम खाता हूं, अगर ज़ारा की शादी तेरे अलावा और किसी से भी हुई तो वह अपना आखिरी अंजाम देखेगा। मैं पूरे सूरैन ग्रह को हाईड्रोजन बम गिराकर जलता हुआ सूरज बना दूंगा। सबके सब भाप बनकर उड़ जायेंगे।’’ मुट्ठियाँ भींचे हुए सम्राट कह रहा था।

‘‘फिर तो ज़ारा भी भाप बन जायेगी। नहीं डोडी आप ऐसा मत करना।’’ पीको तड़पकर बोला।

‘‘ठीक है। हाईड्रोजन बम नहीं गिराऊंगा। लेकिन तू बेफिक्र रह, ज़ारा तेरे कब्ज़े में ज़रूर आयेगी। और शीले पीले जो भी है उसको गीले कपड़े में बदलकर सफाई वाला पोंछा बना दूंगा। मैं अभी जाता हूँ और अपने साइंटिस्टों के साथ मीटिंग करके ज़ारा की किडनैपिंग का प्लान बनाता हूं।’’ सम्राट तेज़ तेज़ कदमों से चलता हुआ बाहर निकल गया।

उसके जाने के बाद वहाँ मौजूद डाक्टरों की जान में जान आयी। इस वक्त मामला दूसरी तरफ घूम गया था वरना शामत हर हाल में आनी थी। लेकिन अब वे दूसरी समस्या में फंस गये थे।

पीको दहाड़ें मार मारकर रो रहा था और वे समझ नहीं पा रहे थे कि उसे दर्द हो रहा है या ज़ारा की शादी तय होने का सुनकर रो रहा है।

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सम्राट हाबू ने अपने चोटी के वैज्ञानिकों को तीन घण्टे का अल्टीमेटम दिया था कि वे उसे ज़ारा की किडनैपिंग का फूलप्रूफ प्लान बनाकर दें। और जब तीन घण्टे खत्म होने में पाँच मिनट बाकी थे तो वैज्ञानिकों का मैसेज गया कि उन्हांने ज़ारा को किडनैप करने का तरीका ढूंढ लिया है।

‘‘हमने एक शानदार मॉन्स्टर रोबोट बनाया है।’’ चीफ वैज्ञानिक ने हाबू के सामने सर झुकाकर बताया।

‘‘मान्स्टर रोबोट? अरे मुझे किसी को डराना नहीं है बल्कि ज़ारा का किडनैप करवाना है।’’ हाबू ने उसे घूरकर देखा।

‘‘जी वह मान्स्टर रोबोट पहले आसपास के लोगों को डरा कर भगा देगा और फिर ज़ारा को उठाकर अपने पेट में रख लेगा। उसके पेट के अन्दर हमने एक कमरा तैयार कर दिया है। रोबोट उसे उठाकर वहीं पटक देगा और उड़ता हुआ वापस जायेगा। साथ में वह भी जायेगी उसके पेट में फंसकर।’’

हाबू ने एक ज़ोरदार झापड़ उस साइंटिस्ट को रसीद किया और वह भौंचक्का होकर सोचने लगा कि उससे कहाँ गलती हो गयी।

‘‘नालायक। ज़ारा का नाम अदब से लो। वह मेरी होने वाली बहू है।’’

वैज्ञानिक ने जल्दी से अपने चकराते सर को संभाला और जल्दी से बात को बनाते हुए बोला, ‘‘...सम्राट, मॉन्स्टर रोबोट के पेट में हमने जो कमरा बनाया है, वह बहुत आरामदायक है। आपकी होने वाली बहू को कोई तकलीफ नहीं होगी।’’

‘‘ठीक है तो फिर उसे फौरन सूरैन पर भेज दो। और ख्याल रहे, हमारी बहू को ज़रा भी तकलीफ पहुंची तो तुम्हारा सर कलम कर दिया जायेगा।’’

‘‘...जी सम्राट।’’ साइंटिस्ट ने अपने माथे का पसीना पोंछते हुए कहा।

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सूरैन ग्रह का एक हिस्सा ऐसा भी था जहाँ इंसानी बस्ती नहीं पायी जाती थी। क्योंकि वहाँ इंसानों से सैंकड़ों गुना विशाल और खुंखार जानवर मौजूद थे। पृथ्वी से कोई वैज्ञानिक अगर सूरैन पर पहुंच जाता तो उन जानवरों को देखकर उसके मुंह से एक ही शब्द निकलता - डायनासोर।

लेकिन सूरैन के डायनासोर नुमा जानवर काफी शरीफ थे। अपनी ही दुनिया में मस्त रहने वाले। इंसानी बस्तियों से हमेशा दूर रहते थे। लेकिन अगर कोई इंसान उनके इलाके में जाता था तो छोड़ते भी नहीं थे।

लेकिन आज उन ही में से एक शायद पागल हो गया था जो इंसानों की बस्ती की तरफ दौड़ा चला जा रहा था। और जब आबादी में पहुंचा तो वहां हाहाकार मच गया। लोग उससे बचने के लिये इधर उधर भागने लगे।

हालांकि सिक्योरिटी के पास ऐसे हथियार मौजूद रहते थे जिससे ऐसे जानवरों को निशाना बनाया जा सके। लेकिन चूंकि डायनासोरों की संख्या सूरैन पर बहुत कम रह गयी थी इसलिए उन्हें तब तक मारने की मनाही थी जब तक सम्राट का आदेश होता। इसलिए लोग बस अपनी जान बचा रहे थे और उसके रास्ते से दूर हटे जा रहे थे। नतीजे में उस डायनासोर को आगे बढ़ने के लिये आसानी से रास्ता मिला जा रहा था। और लोग हैरत से देख रहे थे कि वह बिना किसी की तरफ मुखातिब हुए सीधे राजमहल की तरफ दौड़ा चला जा रहा है।

जल्दी ही ये खबर सम्राट तक भी पहुंच गयी। ज़ारा इस वक्त उसके पास ही मौजूद थी।

‘‘ऐसा कौन सा डायनासोर पैदा हो गया जो सीधे हमसे ही मिलने रहा है। क्या मेरी बेटी ने शेर की तरह किसी डायनासोर को भी पालतू बना लिया?’’ सम्राट ने मज़ाकिया नज़रों के साथ ज़ारा की तरफ देखा।

‘‘अरे नहीं पिताजी। एक वही तो जानवर है हमारे ग्रह पर जिसे आजक कोई पालतू नहीं बना पाया। वैसे अगर बन जाता तो खेतों में जुताई करना कितना आसान हो जाता।

उसी वक्त चीफ सिक्योरिटी अफसर की आवाज़ आयी, ‘‘सम्राट ये डायनासोर महल के काफी करीब पहुंच गया है। इसे मारने की इजाज़त दी जाये, वरना ये कोई बड़ा नुकसान कर सकता है।’’

‘‘उसे जिंदा पकड़ने की कोशिश करो। और फिर वापस उसकी जगह पर छोड़ दो।’’ सम्राट ने हुक्म दिया।

सम्राट अपने सामने मौजूद स्क्रीन पर डायनासोर को करीब आते देख रहा था। फिर स्क्रीन पर कुछ विशाल टैंकनुमा गाड़ियां नज़र आने लगीं। जो दअसल उस डायनोसोर को पकड़ने के लिये ही आयी थीं।

उन गाड़ियों ने स्टील जैसी किसी मज़बूत धातु से बने जाल हवा में फैला दिये और सामने तेज़ी से भागता रहा डायनासोर उसमें उलझ कर रह गया।

‘‘ गये दाम में बच्चू।’’ ज़ारा हंसकर बोली।

लेकिन दूसरे ही पल उसकी हंसी हैरत में बदल गयी क्योंकि डायनासोर ने उस मज़बूत जाल की कच्चे धागे की तरह धज्जियाँ उड़ा दी थीं।

‘‘ माई गॉड ये कैसे हो सकता है?’’ सम्राट अपनी कुर्सी से उछलकर खड़ा हो गया।

‘‘उसने जाल कैसे तोड़ दिया?’’ सम्राट ने चीफ सिक्योरिटी आफिसर से पूछा।

‘‘सर, हमें भी हैरत है। ये जाल तो हमारी धरती पर पाया जाने वाला कोई भी शक्तिशाली जानवर नहीं तोड़ सकता था।’’

‘‘उसे फौरन पकड़ने की और ज़्यादा मज़बूत कोशिश करो।’’

सिक्यिरिटी आफिसर ने सर हिलाया और इस बार उन्होंने देखा स्क्रीन पर दूसरी गाड़ियां नज़र आने लगी थीं। जो पहले वाली गाड़ियों से कहीं ज़्यादा भारी भरकम थीं। फिर उन गाड़ियों से पानी की तेज़ बौछार निकली और जैसे ही वह बौछार हवा में पहुंची तुरन्त ठोस होकर किसी चमकीली धातु में बदल गयी। जल्दी ही धातु की विशाल दीवार डायनासोर के चारों तरफ नज़र आने लगी थी। और डायनासोर उसमें कैद हो चुका था।

‘‘वेरी गुड। अब उसे ले जाकर वापस उसके जंगल में छोड़...!’’ सम्राट की आवाज़ घुटकर रह गयी क्योंकि एक ज़ोरदार आवाज़ के साथ उस डायनासोर ने उन दीवारों को टीन की तरह पिचका कर रख दिया था।

‘‘नामुमकिन। ये नहीं हो सकता।’’ सम्राट हैरत से बोला।

‘‘सम्राट। उसे कैद करने की सारी कोशिशें नाकाम हो रही हैं। आप उसे मारने की आज्ञा दीजिए।’’ सिक्योरिटी आफिसर की फिर आवाज़ आयी।

‘‘ठीक है। तुम उसे खत्म कर दो।’’ सम्राट ने उसे आज्ञा दे दी और फिर फोन उठाकर किसी से सम्पर्क करने लगा।

‘‘हैलो वोल्गा, इस डायनासोर के बारे में पता करो कि ये क्या बला है।’’

वोल्गा सम्राट पंजुम के खास साइंटिस्ट का नाम था।

स्क्रीन पर दिखने वाली गाड़ियां एक बार फिर बदल चुकी थीं। और अब घातक हथियारों से लैस मशीनें आकर मोर्चे पर डट गयी थीं। फिर उन मशीनों में लगी तोपें आग उगलने लगीं। दरअसल ये लाल पाले रंग की घातक किरणें थीं जो किसी को भी राख करने के लिये काफी थीं। उन किरणों ने डायनासोर को गगनचुंबी लपटों में छिपा लिया।

सम्राट ज़ारा को यकीन हो चुका था कि अब तक वह बदमाश जलकर राख हो चुका होगा।

लेकिन जब वह लपटें कम हुईं तो उनकी आँखें एक बार फिर फैल गयीं। क्योंकि डायनासोर का बाल भी बाँका नहीं हुआ था।

‘‘मैं नहीं मान सकता।’’ सम्राट बड़बड़ाया, ‘‘ये डायनासोर तो क्या कोई भी जानवर नहीं हो सकता। हमारे ग्रह का कोई जानवर इतना मज़बूत नहीं जो हमारे हथियारों से निकलने वाली किरणों को बेअसर कर दे।’’

उसी वक्त वोल्गा का मैसेज उसके फोन पर आने लगा।

‘‘हाँ बोलो वोल्गा।’’

‘‘सम्राट बहुत खास बात है। हमने उसके जिस्म का पूरा स्कैन कर लिया है। वह डायनासोर है ही नहीं।’’

‘‘क्या मतलब?’’ सम्राट चौंक पड़ा, ‘‘तो फिर वह क्या बला है?’’

‘‘वह एक रोबोट मॉन्स्टर है। किसी ने महल पर हमला करने के लिये उसे भेजा है।’’

‘‘हमला करने के लिये? लेकिन क्यों?’’

‘‘अभी हम उसके दिमाग की मेमोरी को पढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। जल्दी ही मालूम हो जायेगा।’’

‘‘हाँ जल्दी मालूम करो। वक्त बहुत कम है।’’ अब सम्राट चीफ सिक्योरिटी आफिसर से मुखातिब हुआ, ‘‘वह एक रोबोट मान्स्टर है। उससे निपटने का तरीका बदल दो।’’

चीफ आफिसर ने सर हिलाया।

‘‘हमारे महल पर हमला करने की किसको जुर्रत हुई है?’’ सम्राट तैश में आकर बोला।

‘‘मुझे लगता है ये हमला बाकोल ग्रह से हुआ है।’’ ज़ारा ने अंदाज़ा लगाया।

‘‘हाँ तुम ठीक कहती हो। हाबू अपने भेजे रिश्ते के ठुकराये जाने से बौखला गया है और उसी ने ये हमला किया है।’’

उधर मान्स्टर रोबोट महल के मेन गेट को तोड़ चुका था और अब अन्दर आकर इधर उधर तबाही मचा रहा था। हालांकि अभी तक उसने किसी इंसान की जान नहीं ली थी। दरअसल कोई इंसान उसके सामने आया ही नहीं था।

‘‘इससे पूछो ये चाहता क्या है? अगर किसी का भेजा हुआ रोबोट है तो जवाब ज़रूर देगा।’’

सम्राट के आदेश पर चीफ ने उसका सवाल उस मान्स्टर के सामने दोहराया।

‘‘ज़ारा। मैं ज़ारा को लेने आया हूं।’’ इस बार वकई उस मान्स्टर ने जवाब दे दिया था।

‘‘यहाँ कोई ज़ारा नहीं है। तुम गलत जगह गये हो।’’ इसबार खुद सम्राट स्पीकर पर चीखा।

‘‘ज़ारा वहीं पर है जहाँ से आवाज़ आयी है। मैं रहा हूं उसे लेने।’’ वह मॉन्स्टर रोबोट वाकई निहायत हाई क्वालिटी का था।

‘‘इसे तो तुम्हारी लोकेशन तक पता है।’’ सम्राट ज़ारा की ओर घूमा, ‘‘तुम यहाँ से निकल जाओ। किसी सेफ जगह पर। बेहतर है शीले के पास चली जाओ।’’

‘‘नहीं पिताजी। अगर वह मुझे नहीं पायेगा। तो आप सबके लिये खतरा बन जायेगा।’’

उसी वक्त वोल्गा का मैसेज फिर आने लगा था। सम्राट के सम्पर्क करने पर वह बोला, ‘‘हमने उसकी मेमोरी रीड कर ली है। उसे बाकोल ग्रह से भेजा गया है। राजकुमारी को किडनैप करने के लिये।’’

‘‘ओह। ज़ारा तुम देर मत करो और फौरन यहाँ से निकल जाओ।’’

‘‘मैं कहीं नहीं जाने वाली।’’ ज़ारा मज़बूत लहजे में बोली, ‘‘इसका मुकाबला करूंगी।’’

‘‘अचानक वह अपनी कुर्सी से उतरी और छलांग लगाती हुई बाहर निकल गयी। सम्राट उसे रोकता रह गया।

वह डायनासोर यानि हाबू का भेजा हुआ मॉन्स्टर रोबोट अब कुछ ज़्यादा ही तबाही मचाने लगा था। जो भी उसके रास्ते में आता, कुचल कर रख दिया जाता। उसके भारी भरकम पैरों के नीचे आने वाली हर चीज़ कचरा बन जाती।

अब सम्राट के चेहरे पर चिंता के आसार दिखाई देने लगे थे।

अचानक वहाँ ज़ारा की आवाज़ गूंज उठी, ‘‘ये तबाही मचाना बन्द करो। मैं महल में मौजूद नहीं हूं।’’

वह मॉन्स्टर रोबोट ठिठक गया और इधर उधर देखने लगा। अब सम्राट ने देखा वह घूम गया था और महल से वापस बाहर की तरफ निकलने लगा। इसका मतलब उसने आवाज़ से ज़ारा की नयी लोकेशन पता कर ली थी।

‘‘अरे ज़ारा बेटी तू बाहर क्यों निकल गयी। वहाँ तो तू बिल्कुल सुरक्षित नहीं रह पायेगी।’’ वह बेचैनी के साथ बड़बड़ाया।

फिर उसने स्क्रीन पर देखा, एक कार राजमहल से थोड़ी दूर पर मौजूद एक टावर से बाहर निकली और तेज़ी के साथ एक तरफ उड़ गयी। उस कार से ज़ारा की आवाज़ रही थी,

‘‘मैं जा रही हूं। दम है तो मुझे पकड़ कर दिखाओ।’’

डायनासोर ने उसकी आवाज़ सुनी और उस कार के पीछे लग गया।

‘‘ज़ारा तुम क्या बेवकूफी कर रही हो। वह बहुत खतरनाक मॉन्स्टर है। महल में वापस जाओ। हमारी सिक्योरिटी उसके हमले को यकीनन नाकाम बनाकर रहेगी।’’ सम्राट ने उससे सम्पर्क करते हुए बेचैनी के साथ कहा।

‘‘वह मुझे नहीं पकड़ पायेगा पिताजी।’’ ज़ारा ने जवाब दिया और अपनी कार और तेज़ी के साथ भगाने लगी। उस स्पीड में रियल डानासोर होता तो कब का पीछे छूट जाता। लेकिन ये तो मशीनी मॉन्स्टर था। इतनी तेज़ स्पीड पर भी ज़ारा की कार उससे दूर जाने में नाकाम रही थी।

अब पोज़ीशन ये थी कि आगे आगे ज़ारा की कार, उसके पीछे डायनासोर और उस डायनासोर पर किरणें बरसाते पीछे चलते हुए सूरैन की आर्मी के किरणें छोड़ने वाले टैंक। हालांकि अब उन्हें बहुत सावधानी से किरणें छोड़नी पड़ रही थीं, क्योंकि अब ज़ारा की कार को उन किरणों से बचाना भी था।

लेकिन उनकी सारी कोशिशें धरी रह गयीं क्योंकि अचानक उस मॉन्स्टर ने एक लंबी छलांग लगायी और कार को अपने मुंह में दबोच लिया। दूसरे ही पल वह समूची कार निगल चुका था।

सम्राट अपना दिल थामकर चीख पड़ा, ‘‘नहीं!’’

 

---- जारी है

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