Wednesday, May 20, 2026

सूरैन का हीरो - भाग 27

हाबू उससे बदला ले रहा है, ये तो वह पहले ही जान चुकी थी लेकिन उस बदले की ये नयी सूरत जो देखने में निहायत खूबसूरत थी, इतनी घिनावनी निकलेगी इतना तो उसने सोचा ही नहीं थी।


उसका दिल गम गुस्से से भर गया और उसने बेतहाशा हाबू को गालियां कोसने देने शुरू कर दिये। लेकिन हाबू तो चिकना घड़ा ही मालूम हो रहा था इस वक्त, जिसके माथे पर उसके कोसने सुनकर एक शिकन भी नहीं आयी।

वह उसी तरह हंसता रहा। फिर जब कोसते कोसते काईडोर निढाल हो गयी तो वह हंसते हुए बोला, ‘‘अब तुम इस खूबसूरत कमरे में बैठकर अपने महबूब के मरने का गम मनाओ, जो अब तुम्हारे पेट में पहुंच चुका है। तब तक, जब तक कि मेरा बेटा पूरी तरह इंसानी शक्ल में नहीं जाता।

एक महीने बाद वह मुकम्मल इंसान बनकर तुम्हारे सामने होगा। और वही तुम्हारा आगे का फैसला करेगा।’’ हाबू की तस्वीर गायब हो गयी और काईडोर रोती बिलखती रह गयी।

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एक महीना और बीत चुका था। और अब हाबू के सब्र का पैमाना लबालब भर चुका था।

वह गुस्से में भरा हुआ उस सीलनज़दा तहखाने में वापस पहुंचा और वहां गोजर को मंदोरा के साथ कॉकटेल पार्टी करते देखकर आग बबूला हो गया।

‘‘मेरा बेटा अपने को कीड़ों से मरवा रहा है और तुम लोगों को पार्टी की सूझी है। अभी चमड़ी उधड़वाता हूं तुम लोगों की।’’ उसने गार्डस को बुलाने के लिये सिग्नल देना चाहा लेकिन उसी वक्त मंदोरा और गोजर उठकर उसके पास गये।

‘‘सम्राट, अगर आपको मालूम हो जाये कि हम ये पार्टी किस खुशी में कर रहे हैं तो आप भी हमारे साथ इसमें शामिल हो जायेंगे।’’ मंदोरा मुस्कुराते हुए बोला।

‘‘किस खुशी में? भला तुम लोगों की खुशी से मुझे क्या मतलब?’’ हाबू तनकर बोला।

‘‘लेकिन आपकी खुशी से हमें तो मतलब है।’’ इसबार गोजर बोला और हाबू से तगड़ी सी थपकी खा गया।

‘‘पहेलियाँ बुझाना छोड़कर मुझसे सीधी सीधी बात किया करो तुम लोग।’’ हाबू गुर्राया।

‘‘सम्राट। बात ये है कि आज हमारे राजकुमार इस संदूक से बाहर आने वाले हैं। मुकम्मल इंसान बनकर।’’ 

‘‘क्या!’’ हाबू मंदोरा के इस पैगाम पर उछल पड़ा।

‘‘जी हां सम्राट। मेरे चमत्कारी कीड़ों ने अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब बहुत जल्द नौजवान और स्मार्ट राजकुमार पीको जी हमारे सामने अपने पूरे इंसानी जिस्म में नज़र आयेंगे।’’ गोजर चूंकि पीको के बारे में बात करने में कई बार हाबू के थप्पड़ खा चुका था इसलिए इसबार उसने सम्राट के डफर लड़के का वर्णन करने में पूरी तरह एहतियात से काम लिया।

हालांकि इस वक्त वह कुछ उल्टा सीधा बोल भी देता तो हाबू उसे नोटिस करता। इस वक्त की खुशखबरी इतनी ही जानदार थी। जिस बेअे को इंसानी रूप में देखने के लिये हाबू पिछले कई महीनों से तड़प रहा था, जिसे इंसानी रूप में लाने की पिछली तमाम कोशिशें नाकाम हो चुकी थीं, उसके बारे में ये सुनना कि अब वह पहले जैसा हो चुका है, इससे बढ़कर और क्या खुशी हो सकती थी बाकोल के सम्राट के लिये।    

‘‘बहुत खूब। तुमने इनाम का काम किया है। अब जल्दी से इस गंदे सड़े हुए संदूक से मेरे नफासत पसंद बेटे को बाहर निकालो।’’ उसने हुक्म दिया और मंदोरा मन ही मन उसकी बात पर हंसकर रह गया। क्योंकि हाबू का नफासत और सफाई पसंद बेटा पूरे साल में सिर्फ अपनी बर्थडे पर ही नहाता था। या दो चार बार उस वक्त जब वह सूरैन पर अपनी एकतरफा लवर ज़ारा से मिलने गया था।

‘‘ठीक है। मैं संदूक का ढक्कन उठाने जा रहा हूं।’’

‘‘रुकिये वैज्ञानिक महोदय।’’ मंदोरा ने हाथ उठाकर उसे रोक दिया और हाबू उसे बुरी तरह घूरने लगा।

‘‘क्यों? तुम क्यों रोक रहे हो? क्या तुम्हारा दिमाग चल गया है।’’

‘‘नहीं। मेरे कहने का मतलब है कि राजकुमार पीको जी पूरे ग्यारह महीनों बाद इस संदूक से बाहर रहे है। तो उनके भव्य स्वागत की तैयारियां भी तो होनी चाहिए।’’

‘‘हाँ तुम ठीक कहते हो।’’ हाबू ने सर हिलाया, ‘‘हमारे महल के तमाम तमाशाबाज़ों को हुम दिया जाये कि वे राजकुमार के संदूक से बाहर निकलने का भव्य स्वागत करें। आज आलीशान जश्न होना चाहिए।’’

मंदोरा फौरन आज्ञा के पालन में जुट गया। और फिर बाहर तमाशाबाज़ों को इकट्ठा होने में बहुत ज़्यादा वक्त नहीं लगा था।

उन तमाशाबाजों में हर वेराईटी के लोग तमाशे मौजूद थे। कुछ ऑक्सोर की सवारी के एक्सपर्ट थे तो कुछ ऑक्सोर को ही अपने ऊपर सवार कर लेते थे। कुछ ने अपने बदनों पर ग्लाईडर टाईप के रचनाएं डेवलप कर ली थीं जिनके ज़रिये वे हवा में तैरते हुए तरह तरह के करतब दिखाते थे तो उनमें से कुछ ने अपने बदनों के हिस्सों पर जुगनू की तरह रौशनियों को छोड़ने के स्रोत विकसित कर लिये थे और वे हवा में तैरते हुए रंग बिरंगी रौशनियों के सहारे तरह तरह के खूबसूरत अद्भुत दृश्य पैदा कर देते थे।

इसी के साथ राजकुमार पीको के इंसानी रूप में संदूक से बाहर आने का सीन पूरा बाकोल ग्रह देख सके मंदोरा ने इसका भी इंतिज़ाम झट पट कर दिया।

इधर गोजर अपने काम में जुट गया था। उसने संदूक से जुड़ी बहुत सी नलियां हटा दीं और कई नये उपकरण जोड़ दिये। फिर उसने और भारी सी मशीन खिसकाकर संदूक के पास कर दी और उस मशीन को ऑन कर दिया। मशीन से सफेद आँखों को चौंधिया देने वाली किरणें संदूक पर पड़ने लगीं।     

अब संदूक खुद खुद धीरे धीरे खुल रहा था और सम्राट देख रहा था कि अन्दर से बेशुमार कीड़े बिलबिलाते हुए बाहर की तरफ निकल कर भाग रहे हैं।

लेकिन जैसे ही वे संदूक से निकलकर थोड़ा आगे बढ़ते फौरन शांत हो जाते यानि कि मर जाते।

उन कीड़ों के हटने से धीरे धीरे पीको का जिस्म नज़र आने लगा था।

फिर जल्दी ही सारे कीड़े उसके जिस्म को छोड़कर अलग हो गये और अब सम्राट ने देखा कि पीको का पूरा जिस्म इंसानी आकार में चुका है।

अब अजगर वाले हिस्से का कहीं नामोनिशान भी नहीं था।

‘‘बहुत खूब।’’ उसने तारीफी नज़रों से गोजर को देखा और फिर उसके कंधे को थपथपाने लगा।

गोजर ने सुकून की गहरी साँस ली। यानि उसके इनाम पाने की उम्मीद पूरी होती नज़र रही थी।

‘‘लेकिन ये उठ क्यों नहीं रहा?’’ दूसरे ही पल सम्राट की आवाज़ में परेशानी झलकने लगी।

‘‘अभी इनके ऊपर गहरी नींद का असर है सम्राट।’’ गोजर ने जल्दी से बताया।

‘‘तो फिर उस असर को भी खत्म करो। हम अपने बेटे को गले से लगाने के लिये तैयार हैं।’’ हाबू बेताबी के साथ बेला।

‘‘जी सम्राट!’’ गोजर सर झुकाकर बोला और एक कोने में पहुंच गया। फिर उसने वहां कोई बटन दबाया था और संदूक के भीतर एक पतला पाईप किसी केमिकल की पतली सी धार छोड़ने लगा जो सीधे पीको के मुंह पर पड़ रही थी।

फिर जल्दी ही पीको के पपोटों में हरकत हुई और उसने अपनी आँखें खोल दीं।

पहले तो उसने मुंह बनाकर अपनी मुंह पर पड़ती हुई धार को देखा फिर गुस्से में उस पाईप को खींच लिया।

धार निकलनी फौरन बन्द हो गयी। अब वह झटके से उठकर बैठ गया। चेहरे से तेज़ गुस्सा ज़ाहिर हो रहा था।

‘‘ये किसने मेरे ऊपर अपना गंदा पानी उंडेला।’’ उसने चीखकर पूछा।

इस बार हाबू आगे बढ़ा और निहायत मोहब्बत के साथ बोला, ‘‘अरे मेरा बेटा तो बिल्कुल ठीक हो गया। और इंसान बनने के बाद तो पहले से भी ज़्यादा खूबसूरत दिखाई दे रहा है।’’

पीको ने घूमकर उसे देखा लेकिन उसकी आँखों में हाबू के जवाब में किसी भी तरह की मोहब्बत का कोई निशान नहीं दिख रहा था।

‘‘हां डोडी। अब मैं इंसान हूं और बाकोल का अगला सम्राट।’’ उसके लहजे में जाने क्या था कि दूर खड़े मंदोरा के कान खड़े हो गये।

‘‘बिल्कुल बेटे। तू ही बाकोल का अगला सम्राट बनेगा। मेरा वारिस तेरे अलावा और कौन है? लेकिन इसके लिये तुझे कम से कम पाँच सौ साल इंतिज़ार करना होगा।’’ हाबू ने उसके कंधे पर थपकी दी।

पीको के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान उभरी।

‘‘ये तो वक्त के गर्भ में छुपा हुआ है कि मेरे सम्राट बनने का क्या वक्त है।’’ वह बुदबुदाने के अंदाज़ में बोला।

मंदोरा इस वक्त गौर से पीको का चेहरा देख रहा था। अजगर बनने से पहले पीको के चेहरे पर जो बेवकूफी हमेशा किसी स्टैम्प की तरह छपी नज़र आती थी, वह इस वक्त पूरी तरह नदारद थी। और ऐसा मालूम होता था कि दुनिया जहान की कुटिलता उसके चेहरे में समा गयी है।

‘‘फिलहाल तो तेरे फिर से मुकम्मल इंसान बन जाने की खुशी में आलीशान जश्न का वक्त है।’’ हाबू उसकी बातों पर गौर करने की ज़रूरत समझते हुए मंदोरा की ओर घूमा।

‘‘जश्न शुरू किया जाये।’’ उसने हुक्म दिया और मंदोरा ने तमाम तमाशाबाज़ों को हुक्म दिया।

दूसरे ही पल वहाँ भव्य प्रोग्राम की शुरूआत हो चुकी थी।

हर एक सम्राट हाबू और राजकुमार पीको के सामने ज़्यादा से ज़्यादा बढ़ चढ़ कर अपने को पेश करने की कोशिश कर रहे था। किसी अच्छे इनाम की लालच में।

लेकिन पीको गौर से उस शो को देख रहा था जिसमें एक औरत मर्द किसी ड्रामे को अंजाम दे रहे थे। ड्रामा एक औरत मर्द की मोहब्बत को बयान कर रहा था। और उस ड्रामे में वह सब कुछ दिखाया जा रहा था जो एक मर्द देखना चाहता है।

ज़ाहिर है कि सम्राट के साथ साथ गोजर, मंदोरा पीको सभी उस ड्रामे में रम चुके थे। इसलिए किसी ने इसपर भी ध्यान नहीं दिया कि अचानक पीको का चेहरा गुस्से से तमतमाने लगा है।

 फिर उसने हाबू की कमर से लगी डेथ किरणें बरसाने वाली पिस्टल खींच ली और उस ड्रामे के आर्टिस्टों को टार्गेट बनाकर फायर कर दिया।

दूसरे ही पल उस ड्रामे के सभी आर्टिस्ट आग की लपटों में घिरे धू धू करके जलते नज़र आने लगे।

वहाँ मौजूद सभी ये समझे कि ये भी उनके ड्रामे का ही कोई हिस्सा है। इसलिए शो मस्ट गो ऑन की तर्ज़ पर सभी शो पहले की तरह चलते रहे।

हाबू ने एक पल को चौंक कर पीको की तरफ देखा फिर पूछने लगा, ‘‘क्यों बेटे? क्या तुझे इनका शो पसंद नहीं आया?’’

‘‘डोडी, मुझे औरत मर्द के बीच होने वाले प्यार मोहब्बत और उनको करने वालों से बेतहाशा नफरत है।’’ पीको गुर्राया।

‘‘लगता है मेरे बेटो को पुरानी बेवफाईयां याद गयी हैं। लेकिन तू घबरा मत मैंने तेरे इंतिकाम के लिये उस काईडोर को जिंदा रखा है। और रही बात ज़ारा की तो तू उसके ग्रह की तबाही का बटन अपने हाथ से दबायेगा।’’ सम्राट उसका कंधा थपथपाने लगा लेकिन पीको की बल खाती त्योरियों पर कोई फर्क नहीं पड़ा। 

मंदोरा ने नज़र बचाकर गोजर को दूर बुलाया और अब दोनों उस हुजूम सम्राट से दूर एक कोने की ओर जा रहे थे।

‘‘गोजर, मैंने गौर किया है कि पीको की पर्सनालिटी पूरी तरह बदल गयी है। चेहरे की बेवकूफी तो गायब हो ही चुकी है और साथ में दिमागी तौर पर भी वह अब बेवकूफ नहीं रह गया।’’ मंदोरा के चेहरे से फिक्र ज़ाहिर हो रही थी।

‘‘ये तो अच्छी बात है मंदोरा। क्या तुम चाहते हो कि राजकुमार हमेशा बेवकूफ ही बने रहें।’’ गोजर ने उसे घूरा।

‘‘हाँ। नहीं।’’ मंदोरा गड़बड़ा कर बोला। फिर थोड़ा संभलकर कहने लगा, ‘‘मेरा मतलब ये है कि पर्सनालिटी ही किसी इंसान को उसकी पहचान देती है। अगर वही बदल गयी तो इसका मतलब वह इंसान ही बदल चुका है। सच सच बताओ। ये वही पुराना राजकुमार पीको है या तुमने उसकी जगह उसी के मेकअप में किसी और को ला खड़ा किया है।’’ मंदोरा ने उसे शक की निगाहों से देखते हुए पूछा।

---- जारी है