‘‘जी, अगर आपको इंसान की सूरत में वापस आना है तो इस संदूक में लेटना ही पड़ेगा।’’ गोजर कंधे उचकाकर बोला।
पीको अपने नौकरों की ओर घूमा, ‘‘मेरे डोडी को फौरन बुलाओ यहाँ।’’
उसके हुक्म पर नौकरों ने फौरन हाबू को काल लगा दी और फोन पीको के सामने पेश कर दिया।
‘‘क्या बात है मेरे लाल?’’ हाबू की अपने बेटे के लिये प्यार भरी आवाज़ उभरी।
‘‘डोडी! ये लोग आपके बेटे को मार डालना चाहते हैं।’’ पीको रुहांसी आवाज़ में चीखा।
‘‘किसकी इतनी हिम्मत है। मैं उसे खोद कर गाड़ दूंगा।’’ उधर से डोडी भी चीखा, ‘‘मैं अभी आता हूं।’’
गोजर और मंदोरा एक दूसरे की शक्ल देख रहे थे और तब तक देखते रहे जब तक कि हाबू वहाँ पहुंच न गया।
‘‘तुम लोग क्या खुराफात करने जा रहे हो?’’ पहुंचने के साथ ही वह दहाड़ा।
‘‘सम्राट! अगर आप चाहते हैं कि आपका बेटा वापस अपनी इंसानी सूरत में आ जाये तो हमारे कहने पर उसे चलना ही पड़ेगा।’’ गोजर सर खुजलाते हुए बोला। उसके घने सर में जुओं के अलावा और क्या क्या पड़ा है, शायद उसे इसकी खबर ही नहीं थी। तमाम दूसरे साइंसदानों की तरह वह भी अपनी जिस्म से बेगाना ही रहता था।
‘‘लेकिन तुम उसे कहाँ चलाना चाहते हो?’’ सम्राट थोड़ा नरम पड़ा।
‘‘हम चाहते हैं कि आपका बेटा उस संदूक में लेट जाये। गोजर ने संदूक की तरफ इशारा किया।
‘‘डोडी! उस संदूक में बहुत बड़े बड़े कीड़े रेंग रहे हैं जो मेरा पूरा बदन चबा जायेंगे।’’
पीको ने बताया और सम्राट हाबू आगे बढ़कर संदूक में झांकने लगा।
वाकई पीको सच कह रहा था।
‘‘गोजर ये सब क्या है?’’ हाबू को फिर तैश आ गया, ‘‘क्या तुम मेरे बेटे को कीड़ों का भोजन बनाना चाहते हो? हम तुझे इसी संदूक में बन्द करके हमेशा के लिये ताला लगा देंगे।’’
‘‘सम्राट!’’ गोजर हाथ जोड़कर बोला, ‘‘पहले मेरी बात सुन लें।’’
‘‘बको जल्दी।’’
‘‘सम्राट। ये कीड़े दरअसल मेरी बनायी हुई जैविक मशीनें हैं। जब पीको इस संदूक में लेटेगा तो ये कीड़े खास तरह के माइक्रोआग्रेनिज़्म छोड़ेंगे। जो दो काम करेंगे। पहला ये कि वो माइक्रोआर्गेनिज़्म पीको के बदन से जानवर वाला हिस्सा खाकर खत्म कर देंगे।
और दूसरा ये कि उसके बदन के इंसानी हिस्से में जो सेल्स मौजूद हैं उसकी कापियां यानि क्लोन्स बनायेंगे और फिर उसमें जो इन्फार्मेशन मिसिंग होगी वह आपके व महारानी के सेल्स से हासिल करके उन सेल्स को मुकम्मल करेंगे। और फिर ये मुकम्मल सेल्स जानवर वाले हिस्से की जगह आरोपित हो जायेंगे। उन ही माइक्रोआर्गेनिज़्म के ज़रिये।’’
‘‘ये तुम कैसे कह सकते हो कि वो माइक्रोआर्गेनिज़्म यही काम करेंगे? हो सकता है उसका उल्टा कर दें। और हम अपने बेटे के बदन का बचा हुआ हिस्सा भी खो बैठें?’’ सम्राट हाबू ने आशंका ज़ाहिर की।
‘‘ऐसा नहीं होगा। क्योंकि वो माइक्रोआर्गेनिज़्म भी मेरी ही ईजाद हैं। और उनके डीएनए कोड में यही आदेश फीड किया गया है।’’
गोजर ने डीनए कोड नाम न लेकर दूसरा नाम लिया था लेकिन मतलब वही था जो हमारी धरती पर डीएनए का होता है।
‘‘तुम्हारी बात पर यकीन करने को दिल नहीं होता।’’ हाबू ने एक बार फिर बेयकीनी से गोजर की तरफ देखा, ‘‘ऐसा कैसे मुमकिन है? कि कीड़े किसी को खाकर इंसान बना दें।’’
‘‘ये तो बहुत कॉमन बात है सम्राट। हम सबके बदन में ऐसे कीड़े पाये जाते हैं जो बाहर के खतरनाक कीटाणुओं को खाकर हमारे बदन को सेहतमन्द कर देते हैं। मेरा मतलब इम्यूनिटी
के कीड़ों से है।’’
‘‘हाँ ये बात तो सही है।’’ हाबू ने सर हिलाया।
‘‘मुझे लगता है कि हमें गोजर को अपना काम करने देना चाहिए।’’ इसबार मंदोरा बोल उठा इस बहसबाज़ी से वह भी उकता चुका था। और चाहता था कि जल्द से जल्द ये किस्सा खत्म हो।
‘‘ठीक है। लेकिन ये कीड़े जब पीको के जानवर वाले हिस्से को खायेंगे तो क्या उसे दर्द नहीं होगा? नहीं मैं अपने बेटे को दर्द से कराहता नहीं देख सकता।’’ सम्राट एक बार फिर उखड़ गया।
‘‘उसे कोई दर्द नहीं होगा।’’ गोजर ने फिर साफ किया, ‘‘ये काम माइक्रोलेवेल पर होगा। किसी नेचुरल प्रोसेस की तरह। हमारे बदन में रोज़ाना लाखों सेल्स पैदा होता हैं और मरते रहते हैं। लेकिन हमें कुछ पता नहीं चलता। ऐसे ही पीको के साथ भी होगा।
दूसरी बात, वह बेहाशी की हालत में होगा। और इस दौरान उसे मशीनों से खाना पानी व हवा की सप्लाई होती रहेगी।’’
हाबू थोड़ी देर कुछ सोचता रहा फिर सर हिलाकर बोला, ‘‘ठीक है। मुझे लगता है बेटा पीको, तुम इस संदूक में जाकर सही सलामत इंसान बन ही जाआगे मुकम्मल।’’
अब तक पीको भी गोजर की पूरी बात सुन चुका था और उसके चेहरे पर इत्मिनान के आसार नज़र आने लगे थे।
‘‘ठीक है डोडी। आप कहते हैं तो मैं इसमें जाकर लेट जाता हूं। लेकिन कुछ भी उल्टा सीधा होगा तो आप मुझे फौरन बाहर निकाल लेना।’’
‘‘तुम बेफिक्र रहो मेरे बेटे। जब तक तुम मुकम्मल इंसान नहीं बन जाते मैं यहाँ से हिलूंगा भी नहीं।’’ हाबू अपने लाडले बेटे की बलायें लेकर बोला।
गोजर ने संदूक का ढक्कन उठा दिया था। पीको धीरे धीरे चलता हुआ संदूक के पास गया और थोड़ी हिचकिचाहट के साथ उसमें उतर गया।
‘‘राजकुमार, आप आराम से अन्दर लेट जायें।’’ गोजर ने फिर नर्मी के साथ कहा और पीको ने धीरे से पैर फैलाते हुए सर को ज़मीन से टिका दिया।
‘‘बेटे, क्या तुझे कीड़े काट रहे हैं?’’ हाबू ने पुकार कर कहा।
‘‘नहीं डोडी। मुझे तो लग रहा है कि यहाँ कोई कीड़ा है ही नहीं।’’
‘‘मैं यही कह रहा था सम्राट।’’
गोजर सर झुकाकर बोला।
‘‘ठीक है। तो फिर तुम अपना काम शुरू करो।’’ कहते हुए सम्राट वहीं पड़ी एक कुर्सी पर बैठ गया।
अब गोजर उठा और उस तहखाने में मौजूद कुछ मशीनों को खिसकाकर संदूक के पास पहुंचाने लगा। फिर उसने उन मशीनों को पतले पाइप्स के ज़रिये संदूक से जोड़ दिया।
‘‘जब राजकुमार दोबारा इंसान बनेंगे तो पहले से कहीं ज़्यादा ताकतवर होंगे सम्राट। जिस्मानी भी और दिमागी तौर पर भी।’’ अपना काम करते हुए गोजर बता रहा था।
‘‘वह कैसे ?’’ हाबू का सवाल था।
‘‘क्योंकि मैंने राजकुमार में आरोपित करने के लिये आपके व महरानी के सेल्स से छांट छांट कर वही जीन निकले हैं जो सबसे ज़्यादा ताकत व दिमागी सलाहियत के लिये जिम्मेदार
हैं।’’
‘‘हुम्म।’’ हाबू हुंकारी भरकर रह गया।
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उधर ज़ारा और शीले का बेटा ज़ारा के पेट में परवरिश पा रहा था। लेकिन जैसे जैसे वह ज़ारा के पेट में बढ़ रहा था उसकी बेचैनी भी बढ़ रही थी।
और एक दिन उसने शीले के सामने अपनी बेचैनी का इज़हार कर दिया।
‘‘शीले! मैं बहुत परेशान हूं।’’
‘‘तुम और परेशानी? अरे तमाम परेशानियां तो तुम्हें देखकर ही घबरा जाती हैं।’’ शीले मज़किया लहजे में बोला।
‘‘मज़ाक मत करो। वरना सर तोड़ दूंगी।’’ ज़ारा चिनचिनाई।
‘‘लगता है इस वक्त जनाब के मिजाज़ कुछ ज़्यादा ही बरहम हैं।’’ शीले डरने की एक्टिंग करते हुए सिमट गया।
‘‘मैं कहती हूं कि अब मैं इस जगह हरगिज़ न रहूंगी। पूरी रात बुरे बुरे सपने देखती रहती हूं और बार बार चौंक कर मेरी आँख खुल जाती है।’’
‘‘तुम किस तरह के सपने देखती हो?’’ इस बार शीले गंभीर होकर पूछने लगा।
‘‘ऐसे सपने कि मुंह से कहते हुए भी डर लगता है।’’ सपनों के बारे में सोचकर ज़ारा के चेहरे पर घबराहट के आसार दिखने लगे थे।
‘‘ज़ारा, तुम सूरैन की इकलौती वारिस हो और सूरैन के हीरो को जन्म देने वाली हो। तुम्हें किसी बात से डरना ही नहीं चाहिए। बल्कि डर को खुद तुमसे डरना चाहिए।’’
‘‘मुझे अपनी कोई परवाह नहीं। सारा मामला तो उस बच्चे का ही है जिसे तुमने अभी सूरैन के हीरो के लकब से नवाज़ा है।’’
‘‘क्यों उसे क्या हुआ?’’
‘‘उफ वह सपना। आज ही रात मैंने देखा कि एक डायनासोर से भी तीन गुना बड़ा निहायत बदशक्ल जानवर हमारे बच्चे को मारने की कोशिश कर रहा है। और मेरा बच्चा अपने नन्हे नन्हे हाथ फैलाकर उसे रोकने की कोशिश कर रहा है।’’
‘‘ओह।’’ शीले ने सर हिलाया।
‘‘और इसके थोड़ी देर पहले मैंने दूसरा सपना देखा था कि हज़ारों लोगों की आर्मी हम पर हमला कर चुकी है और मैं अकेली अपने बच्चे को गोद में उठाये हुए उनसे मुकाबला कर रही हूं। उस आर्मी ने हमें चारों तरफ से घेर लिया है और बचने का कोई रास्ता नज़र नहीं आ रहा।’’
‘‘सपने तो वाकई भयानक हैं।’’
‘‘न जाने इस तरह के कितने सपने मैं यहाँ अकेले पड़े पड़े देखती रहती हूं। ये जगह ही मनहूस है। इससे अच्छा है कि मैं अपने महल को निकल जाऊं। तुमने अपने घर के सबसे मनहूस कोने में मुझे रख छोड़ा है। एक तो इस बेडरूम के चारों तरफ इतना घना जंगल उगाने की क्या ज़रूरत थी।’’ वह झल्लाहट के साथ कहे जा रही थी।
शीले मुस्कुराया और चुपचाप उठकर खिड़की का परदा हटा दिया जहाँ से बाहर का जंगल साफ नज़र आ रहा था।
‘‘उस खिड़की को बन्द रहने दो। और मुझे इस जंगल से निकालकर बाहर करो।’’ ज़ारा फिर तेज़ आवाज़ में बोली।
‘‘ज़ारा। जो कुछ हो रहा है, वह सब प्लान के मुताबिक ही हो रहा है।’’ शीले पूरे इत्मिनान के साथ बोला।
‘‘यानि तुमने पहले से प्लान बना रखा है कि मुझे डरा डरा कर मार डालोगे। तो फिर तुम्हारा सूरैन का हीरो कैसे पैदा होगा?’’ ज़ारा तैश में आकर बोली।
‘‘ज़ारा मैंने तुम्हें यहाँ लाने के साथ ही बता दिया था कि इस जगह तुम्हारे पेट में पलने वाले बच्चे के ट्रेनिंग हो रही है। ये जो तुम सपने देख रही हो, ये सब काल्पनिक ईवेन्टस मेरी ऑप्टिकल मशीनें क्रियेट कर रही हैं। इन ईवेन्टस में हमारा बच्चा भी अपने को शामिल समझते हुए उन तमाम काल्पनिक दुश्मनों से मुकाबला कर रहा है। और जब वह इस दुनिया में अपने कदम रखेगा तो पूरी तरह से अपने तमाम दुश्मनों से मुकाबले को तैयार होगा।
ज़ारा चुप होकर कुछ सोचने लगी थी।
‘‘क्या सोचने लगीं?’’ शीले ने टोका।
‘‘अपने होने वाले बच्चे का नाम।’’ जवाब देकर ज़ारा फिर सोच में डूब गयी।
‘‘तो तुमने हमारे बच्चे का क्या नाम सोचा?’’ थोड़ी देर की खामोशी के बाद शीले पूछने लगा।
‘‘फैम।’’ टपाक से ज़ारा ने जवाब दिया मानो वह बहुत पहले ही सोच बैठी थी।
‘‘फैम!’’ शीले चुप होकर नाम पर गौर करने लगा।
‘‘हमारे सूरैन पर फैम का मतलब होता है वह परम प्रथम औचित्य जिसके कारण पूरा यूनिवर्स अस्तित्व में आया।’’ ज़ारा बताने लगी।
‘‘हाँ मुझे मालूम है। नाम तो तुमने बहुत खूबसूरत सोचा है। यकीन नहीं आता कि तुम इतनी दूर तक दिमाग दौड़ा सकती हो।’’
‘‘दौड़ाने को तो मैं अच्छे अच्छों को दौड़ा सकती हूं। क्या तुम्हें पीको का अंजाम नहीं पता। मैंने कैसा सबक सिखाया उसे।’’ ज़ारा उसे घूरते हुए बोली।
‘‘उसे तो ऐसा सबक मिला है कि अब वह सूरैन और तुम्हारी तरफ पलटकर भी नहीं देखेगा। वैसे भी वह जिसके चक्कर में था अब वह थोडे़ ही दिनों में अम्मा जान बन जायेगी। पता नहीं वह एक काईडोर के साथ खुश होगा या नहीं।’’ शीले ठंडी साँस लेकर बोला।
‘‘तुम्हें आज उसकी कुछ ज़्यादा ही याद आ रही है और हमदर्दी महसूस हो रही है। ज़ारा ने उसे घूरा। जबकि अगर वह कामयाब हो जाता तो तुम आज कुँवारे टहल रहे होते।’’
‘‘कुँवारे होने का भी एक अलग ही मज़ा है। हाय कहां गयी वह आज़ादी की खुली हवा।’’ शीले गहरी साँस लेकर बोला और ज़ारा की लात खाकर गिरते गिरते बचा।
‘‘अभी तुम्हारी आज़ादी के बचे खुचे पर भी कुतरने वाले हैं।’’ अचानक ज़ारा मूड बदलकर मुस्कुराई।
‘‘वह किस तरह?’’ शीले पूछने लगा।
‘‘अभी जब ग्यारह महीनों बाद हमारा बेटा दुनिया में आयेगा तो उसकी पॉटी धुलाने से लेकर कपड़े बदलने तक के सारे काम तुम ही को करने पड़ेंगे।’’
‘‘अरे बाप रे!’’ शीले का मुंह खुला रह गया।
‘‘क्या हुआ? ये तुमको सांप क्यों सूंघ गया।’’ ज़ारा दाँत पर दाँत जमाकर पूछने लगी।
शीले मुस्कुराया। और फिर बोला, ‘‘फिकर मत करो। मैं एक साइंटिस्ट हूं और इसकी भी तरकीब निकाल लूंगा।’’
‘‘किसकी तरकीब?’’ ज़ारा उसे टेढ़ी नज़रों से घूरने लगी।
‘‘मैं ऐसी मशीनें बनाकर तैयार कर दूंगा जो हमारे बच्चे की पूरी खिदमत करेंगी किसी अच्छी नर्स की तरह।’’
‘‘ऐसा करना भी मत। हम अपने बच्चे का सारा काम खुद अपने हाथों से करेंगे। मेरी समझ में नहीं आता, साइंटिस्ट
होकर तुम इतने बुद्धू कैसे हो जाते हो।’’
शीले क्या जवाब देता। वाकई घरेलू मामलों में उसकी अक्ल घास ही चरने चली जाती थी।
‘‘क्या बाकोल वाले हमारे ग्रह को अभी तक ढूंढ नहीं पाये?’’ अचानक ज़ारा को ख्याल आया।
‘‘मेरा ख्याल है कि नहीं। वरना अभी तक उनकी तरफ से कोई बड़ा हमला हो चुका होता। क्या तुम चाहती हो कि वे लोग हमारे ग्रह को ढूंढ लें?’’ शीले का सवाल था।
‘‘कम से कम तब तक नहीं, जब तक कि हमारा बेटा इस दुनिया में नहीं आ जाता। अब इसे पेट में लिये लिये बाकोल का मुकाबला भला कैसे करूंगी?’’
ज़ारा अपने पेट पर हाथ फेरते हुए बोली।
‘‘इस बार वो लोग मुकाबले के लिये नही आयेंगे।’’
इस बार शीले सीरियस होकर बोला।
‘‘तो फिर?’’ ज़ारा चौंक कर पूछने लगी।
‘‘इस बार वो लोग सीधे सीधे हमारा पूरा प्लेनेट ही खत्म कर देंगे। उनके जासूसों से जो इन्फार्मेशन मिली है उसके मुताबिक बार बार की नाकामी उनके अन्दर इतनी ज़्यादा झल्लाहट पैदा कर चुकी है कि अब वे हमारा वजूद बर्दाश्त ही नहीं कर सकते।’’
