शीले और ज़ारा इस वक्त एक ऐसे छोटे यान में सफर कर रहे थे जो अन्दर से लगता था फूलों से बना हुआ है। चारों तरफ नर्म व नाज़ुक फूलों जैसी ही रचनाएं दिख रही थीं जिनसे घिरे शीले और ज़ारा ऐसा महसूस कर रहे थे, मानो वे फूलों की पंखुड़ियों पर ही टिके हुए हैं।
पूरा यान तरह तरह की खुशबुओं से महक रहा था।
‘‘शीले तुमने भी क्या क्या चीज़ें बना रखी हैं। इस तरह के यान में तुम मुझे पहली बार सफर करा रहे हो।’’
‘‘हाँ ज़ारा। ये यान मैंने एक खास मौके के लिये बनाया था। और आज वही मौका है।’’
‘‘कैसा मौका?’’ ज़ारा ने उत्सुकता से पूछा।
‘‘वह मौका जब हम दुनिया की सबसे बड़ी खुशी से हासिल करने वाले हैं।’’
‘‘शीले! तुम फिर से पहेलियाँ बुझाने लगे हो। और तुम्हें पता है कि मुझे पहेलियों से कितना ज़्यादा उलझन होती है।’’
‘‘कोई बात नहीं। अभी तुम अपनी आँखों से देख लोगी।’’ कहकर शीले चुप हो गया, और ज़ारा झुंझला कर रह गयी। अगर कोई खुशी थी तो उसे बताने में हर्ज क्या था।
उस यान में बैठने पर ये भी नहीं मालूम हो रहा था कि यान कहां जाकर लैण्ड करने वाला है। न तो उसमें कोई विण्ड स्क्रीन थी और न ही कहीं से कुछ डिस्प्ले हो रहा था। ज़ारा को बिल्कुल ऐसा महसूस हो रहा था कि वह किसी बड़े फूल के अन्दर किसी भौंरे की तरह बन्द है।
फिर एकाएक यान रुक गया। और एक तरफ की दीवार किसी दरवाज़े की तरह सरक कर किनारे हो गयी ।
अब ज़ारा ने देखा उनका यान उसी कमरे में पहुंच चुका था, जहाँ उनका बच्चा विकास कर रहा था। और अब लगभग उस मशीनी गर्भ से निकलने की पोज़ीशन में आ गया था।
‘‘ज़ारा! अब इस बच्चे को इस मशीनी दुनिया से निकलकर हमारी बाहों में आने का वक्त आ गया है। हम इसे अपनी गोद में लेंगे और फिर इसी यान से वापस चलेंगे। ये यान मैंने इसी खास मौके के लिये तैयार किया है।’’ आखिरकार शीले ने रहस्योद्घाटन किया।
‘‘अरे वाह! इस घड़ी का मैं कितने महीनों से इंतिज़ार कर रही थी।’’ ज़ारा खुश होकर बोली।
उधर शीले ने हाथ में पकड़ी किसी डिवाईस का बटन दबाया था। और वह गोला एक अजीब सी आवाज़ के साथ बीच से खुलने लगा जिसके भीतर बच्चा परवरिश पा रहा था।
गोले में कई परतें थीं जो एक के बाद एक खुल रही थीं।
और आखिर में सबसे भीतर की परत भी किसी स्लाईडिंग दरवाज़े की तरह खुल गयी और अब उसमें से सबसे भीतरी गोला धीरे धीरे फिसलता हुआ आगे की तरफ आ रहा था।
ये गोला किसी बड़े फूटबाल साइज़ का था और उसके अन्दर मौजूद था ज़ारा व शीले का पूर्ण विकसित बच्चा। उस छोटे गोले के अन्दर हाथ पैर चलाते हुए।
फिर वह गोला फिसलते हुए सीधे ज़ारा की फैली हुई बाहों में पहुंच गया।
‘‘ये इस गोले से बाहर कैसे आयेगा?’’ ज़ारा ने शीले की तरफ घूमकर पूछा।
‘‘इसके लिये तुम्हें इस बच्चे की आँखों से अपना आई कान्टेक्ट
करना होगा। जैसे ही तुम दोनों की नज़रें मिलेंगी ये गोला हवा में मिल जायेगा, यानि कि गायब हो जायेगा और तुम्हारा बच्चा तुम्हारी बाहों में होगा।’’
‘‘ठीक है।’’ कहते हुए ज़ारा गोले में मौजूद बच्चे की आँखों से अपनी आँखों को कान्टेक्ट
में लाने के लिए उसे अपने जिस्म के पास करने लगी।
लेकिन उसी वक्त एक भयंकर धमाके से उस कमरे की दीवारें काँप उठीं।
फिर ऐसा मालूम होने लगा था कि वहाँ एक भयंकर भूकम्प आ गया है। कमरे की दीवारें बुरी तरह हिल रही थीं।
ज़ारा ने सहम कर शीले की ओर देखा। और ये देखकर और परेशान हो गयी कि शीले का चेहरा भी धुआँ हो रहा था।
‘‘ज़ारा - फौरन भागो यहाँ से। बहुत बड़ी मुसीबत।’’
वह चीखा और ज़ारा का हाथ पकड़कर यान की तरफ छलांग लगा दी।
ज़ारा के दूसरे हाथ में वह गोला मौजूद था जिसमें उसका बच्चा बाहर की दुनिया में आने के लिये हाथ पैर चला रहा था।
तीनों यान में पहुंचे और शीले ने उसे किसी अंजाम सिम्त की तरफ पूरी रफ्तार के साथ उड़ने का हुक्म दिया।
‘‘लेकिन हुआ क्या? कुछ बताओ तो?’’ बौखलाई हुई ज़ारा सवाल कर रही थी।
‘‘ज़ारा, दुश्मन आखिरकार कामयाब हो गया। हमारा सूरैन ग्रह तबाह होने जा रहा है। बाकोल वासियों ने हमारे ग्रह की रक्षा करने वाली बारहवीं डाईमेंशन खत्म कर दी है और अब उनकी घातक किरणों ने हमारे ग्रह पर तबाही मचानी शुरू कर दी है। अब शायद सूरैन का कोई वासी बच नहीं पायेगा।’’
पागलों की तरह बोल रहा था शीले।
‘‘नहीं! ये नहीं हो सकता।’’ ज़ारा चीखी, ‘‘शीले प्लीज़ अपने लोगों को बचा लो।’’
‘‘अब सब कुछ मेरे हाथ से निकल चुका है।’’ शीले हाथ मलते हुए बोला, ‘‘किस्मत ने अगर साथ दिया तो सूरैन ग्रह के बस तीन लोग ही बच पायेंगे। मैं, तुम और हमारा बच्चा।’’
‘‘लेकिन कैसे? जब ग्रह ही नहीं बचेगा। तो हम कैसे बचेंगे?’’
‘‘क्योंकि हम लोग कुछ पलों बाद नये यूनिवर्स में दाखिल होने वाले हैं। वह यूनिवर्स जिसे मैंने बहुत पहले बना लिया था। और तुम जिसकी एक झलक पहले देख चुकी हो।’’
उसी वक्त यान ने एक झटका लिया और फिज़ा में ठहर गया।
‘‘ज़ारा तैयार रहो। हम उस जगह पहुंच चुके हैं जहाँ हमारे यूनिवर्स के दाखिले का वार्म होल पैदा होगा। और जैसे ही हम उसमें दाखिल होगे। वह वार्म होल खत्म हो जायेगा, और हम हमेशा के लिये बाकोल के हमले से सुरक्षित हो जायेंगे।’’
शीले जल्दी जल्दी बता रहा था।
बाहर के वातावरण में लगातार धमाके हो रहे थे और ज़ारा यान की स्क्रीन से उन महाधमाकों की चकाचौंध करने वाली रौशनियों को देख रही थी जो शायद सूरैन की तबाही के धमाके थे।
फिर यान के सामने इतनी तेज़ रौशनी पैदा हुई जिसने आसपास की सभी रौशनियों को हलका कर दिया।
‘‘वार्म होल पैदा हो चुका है। अब हम यान समेत उसमें समा जायेंगे नये यूनिवर्स में दाखिल होने के लिये।’’ शीले ने यान को आगे बढ़ने का हुक्म दिया।
लेकिन उसी वक्त कोई किरण थी धुएं के रंग की जो यान से आकर टकराई थी और जिसने यान को आगे बढ़ने से रोक दिया।
‘‘आगे बढ़ो रुक क्यों गये?’’ शीले चीखकर यान के कण्ट्रोल सिस्टम से बोला।
‘‘जनबा, एक घातक किरण हमारे यान से टकराई है जिसने हमारे सिस्टम को तबाह कर दिया है और कुछ सेकंड में हम बिखर जायेंगे।’’
यान के सिस्टम से आवाज़ आयी।
‘‘ज़ारा बाहर निकलो।’’ कहते हुए शीले ने शायद इमरजेंसी दरवाज़े को खोलने के लिये बटन दबाया था और यान का दरवाज़ा खुल गया।
शीले ने ज़ारा का हाथ पकड़कर स्पेस में छलांग लगा दी। ग्लोब को ज़ारा ने अपने सीने से चिमटा लिया था।
फिर दोनों अपने सूट की मदद से तेज़ी के साथ वार्महोल की तरफ तैरने लगे जो थोड़ी ही दूर पर मौजूद था।
फिर वह सेकंड का आखिरी हिस्सा था जब वे वार्महोल में दाखिल हो जाते कि एकाएक लाल रंग की एक पतली सी किरण आकर ज़ारा के उस हाथ से टकरा गयी, जिसमें उसने ग्लोब को दबोच रखा था।
उसे एक तेज़ झटका लगा और ग्लोब उसके हाथ से छूटकर दूर स्पेस में छिटक गया।
‘‘मेरा बच्चा।’’ ज़ारा ज़ोर से चीखी और ग्लोब को आगे बढ़कर वापस थामने की कोशिश की। लेकिन शीले ने उसे पकड़ लिया।
‘‘रुक जाओ। इस वार्महोल के गायब होने से पहले हमें इसमें दाखिल हो जाना है। वरना हम भी मारे जायेंगे।’’
उसने ज़ारा को पकड़कर वार्महोल के अन्दर खींच लिया।
इसी के साथ वार्महोल की तेज़ रौशनी गायब हो गयी। अब वहाँ स्पेस में कुछ हल्की रौशनियों के अलावा हर तरफ घना अँधेरा फैल चुका था। जिसमें एक नन्हा सा ग्लोब इधर से उधर भटक रहा था दिशाहीन।
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सम्राट हाबू सूरैन की तबाही देख रहा था और कहकहा लग रहा था।
‘‘आज मैंने अपने बेटे की बेइज़्ज़ती का पूरा बदला ले लिया। अब तो तू पछताने के लिये भी नहीं बचा सम्राट मास्टर पंजुम।’’ वह अपनी भयानक हंसी के बीच में ही बोला।
पीको भी साथ में मौजूद था और गौर से वीरान हो चुके सूरैन और उसके आसपास के स्पेस का अध्ययन कर रहा था। उसकी निगाहें हर हरकत करती हुई चीज़ का बारीकी के साथ निरीक्षण कर रही थीं। और अगर उसे ज़रा भी उनके जिंदा होने का शक होता तो वो उसे फौरन खत्म करने का हुक्म दे देता था।
फिर उसकी नज़रें स्पेस में मौजूद एक महीन से प्वाइंट पर जाकर टिक गयीं।
‘‘वह प्वाइंट कैसा है? उसे एनलार्ज करो।’’ उसने हुक्म दिया। और हुक्म की तामील करते हुए डा0 कोसी उस प्वांइट का क्लोज़अप लेने लगा।
फिर सभी ने देखा, कि वह फूटबॉल के साईज़ का ही गोला था जिसके अन्दर एक बच्चा मौजूद अपने हाथ पाँव चला रहा था।
‘‘यकीनन ये सूरैन से ही टपका है।’’ पीको गुर्राया,
‘‘इसे भी खत्म कर दो।’’
‘‘ल..लेकिन ये बच्चा तो बहुत छोटा है।’’ डा0कोसी हिचकिचाते
हुए बोला।
‘‘मैं सूरैन के किसी भी जिंदा प्राणी को बर्दाश्त नहीं कर सकता पीको इस बार तेज़ आवाज़ में बोला, ‘‘इसे फौरन खत्म कर दो।
‘‘ठीक है।’’ डा0कोसी ने माइक पर अपने आदमियों को कुछ निर्देश दिये।
और फिर लोगों ने देखा, नीले रंग की एक महीन किरण किसी दिशा से आयी थी और उस छोटे से गोले से टकरा गयी।
किरण के टकराते ही वह गोला निहायत चमकीली सफेद लपटों में घिर गया।
लेकिन जब वह लपटें हटीं तो गोला सही सलामत अपनी जगह पर मौजूद था।
‘‘क्या कर रहे हो! वह किसी मज़बूत चीज़ से बना हुआ है। वरना यूं अंतरिक्ष में सही सलामत न रहता। उसपर पावरफुल किरणें छोड़ो।’’ पीको फिर सख्त आवाज़ में बोला।
डा0कोसी ने सर हिलाया और अपने आदमियों को आगे का हुक्म दिया।
इस बार अंतरिक्ष में कई रंग की यानि रंग बिरंगी किरणें पैदा हुई थीं। और फिर सभी जाकर उस गोले कसे टकरा गयीं।
लेकिन फिर सभी ने हैरत से देखा। क्योंकि गोले का अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा था।
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ज़ारा ज़ारोकतार रो रही थी।
‘‘मेरा बच्चा! उसे मैंने अपनी गोद में लेने से पहले ही खो दिया हमेशा के लिये। शीले अब मैं उसे कैसे पाऊंगी।’’
शीले क्या जवाब देता। वो भी उतना ही दुःखी था। आखिर वह बच्चा उसका भी तो था।
उसने ज़ारा के कंधे पर हाथ रखा।
‘‘हिम्मत रखो ज़ारा। हमारा बच्चा जब तक उस गोले के अन्दर है, दुनिया की कोई ताकत उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। यहाँ तक कि उसे किसी सुपरनोवा की गर्मी में भी कुछ नहीं होगा।’’
ज़ारा को मालूम था कि सुपरनोवा सूरज से भी हज़ारों गुना ज़्यादा गर्म होते हैं।
‘‘लेकिन कब तक वह उस गोले में रहेगा? आखिर वह बाहर कैसे आयेगा?’’ ज़ारा अपने आँसू पोंछते हुए बोली।
‘‘इस बारे में कुछ नहीं कह सकता।’’ शीले ठंडी साँस लेकर बोला, ‘‘जब तक उसका तुम्हारी आँखों से कान्टैक्ट
नहीं होता, वह गोला किसी भी हालत में खुल नहीं सकता।’’
‘‘क्या कोई और आँखें?’’ ज़ारा ने अपना सवाल अधूरा छोड़ दिया।
‘‘वह सिर्फ ज़ारा की आँखों से ही खुल सकता है और किसी दूसरे की आँखों से नहीं।’’ शीले उसकी आँखों में झांकते हुए बोला।
‘‘तो फिर उसे यहाँ लाने की कोशिश करो। इससे पहले कि वह यूनिवर्स की अथाह गहराईयों में खो जाये।’’
‘‘मैं अपनी कोशिश जल्द से जल्द शुरू करने वाला हूं। लेकिन ये समझ लो उसे यहाँ लाना लगभग नामुमकिन काम है।’’
‘‘ऐसा क्यों?’’ ज़ारा ने बेचैन होकर पूछा।
‘‘क्योंकि हम एक नये यूनिवर्स में पहुंच चुके हैं। और इसका पुराने यूनिवर्स से सम्पर्क सिर्फ एक वार्म होल के ही ज़रिये हो सकता है।’’
‘‘तो उस वार्म होल को फौरन पैदा करो। जब तुम एक नया यूनिवर्स बना सकते हो तो वार्महोल को बनाने में क्या दिक्कत?’’
‘‘दिक्कत ये है कि वार्महोल क्वांटम मैकेनिक्स
के सिद्धान्तों के अनुसार बनता है। और उसका बनना हमेशा अनिश्चित होता है।’’ शीले की आवाज़ से चिंता साफ झलक रही थीं।
‘‘तुम अपनी बात को और साफ करो। मैं कुछ समझ नहीं पा रही हूं।’’
‘‘यूं समझ लो कि अगर मैंने वार्म होल बनाया, तो ज़रूरी नहीं वह हमें अपने पुराने यूनिवर्स में ले जाये। वो हमें किसी नये यूनिवर्स में भी ले जा सकता है और हमारा खुद का अस्तित्व भी हमेशा के लिये जहान के हर यूनिवर्स से मिट सकता है।’’
‘‘तो क्या मैं अपने बच्चे अपने फैम से मिलने की उम्मीद हमेशा के लिये छोड़ दूं?’’ ज़ारा मायूस होकर बोली।
‘‘नहीं। उम्मीद का दामन तो कभी छोड़ना ही नहीं चाहिए। क्योंकि उम्मीदें ही हमें कोशिशें करने के लिये हिम्मत देती हैं।’’ कहते हुए शीले किसी सोच में डूब गया।
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‘‘हमारी ताकतवर से ताकतवर किरणें भी उस छोटे से गोले का कुछ नहीं बिगाड़ पा रही हैं।’’ डा0कोसी अपने माथे का पसीना पोंछता हुआ बोला।
‘‘लेकिन मैं हर हाल में सूरैन के हर जिंदा जीव को अपनी आँखों से दूर देखना चाहता हूं। तुम एक काम करो।’’
‘‘जी हुक्म कीजिए।’’
‘‘उसे अपनी किरणों के धक्के से इतनी दूर फेंको कि वह हमारी तमाम सीमाओं से बहुत दूर निकल जाये।’’
‘‘हाँ। ये हो सकता है।’’ कहते हुए डा0कोसी अपने आदमियों को फिर हुक्म देने लगा।
फिर पीको के साथ साथ सभी लोगों ने देखा कि एक निहायत मोटी चमकीली किरण उस फूटबाल साइज़ के गोले से टकराई और फिर गोला इतनी रफ्तार से आगे की ओर बढ़ा मानो उसे रौशनी का वाहन मिल गया हो।
दूसरे ही पल वह देखने वालों की रेंज से बाहर हो चुका था।
‘‘हाँ अब ठीक है।’’ पीको ने सर हिलाया और डा0कोसी ने सुकून की गहरी साँस ली। किसी डिक्टेटर के साथ काम करने में यही मसला हमेशा होता है कि जब तक उसकी मर्जी का नहीं होता, जान छूटनी मुश्किल होती है।
‘‘लेकिन समझ में नहीं आता कि उस गोले में मौजूद बच्चा किसका हो सकता है।’’ उसी वक्त मंदोरा बोल उठा और पीको चौंक कर उसे देखने लगा।
‘‘हाँ ये तो मैंने गौर ही नहीं किया। वह बच्चा किसका हो सकता है आखिर?’’ वह बड़बड़ाया।
‘‘जिस तरह वह बच्चा एक निहायत मज़बूत गोले के अन्दर सुरक्षित रखा गया है उससे यही लगता है कि वह किसी मामूली सूरैन वासी का बच्चा नहीं।’’ मंदोरा ने अंदाज़ा लगाया।
‘‘तो फिर वह ज़ारा का ही बच्चा हो सकता है। मुझसे एक बड़ी गलती हो गयी।’’ पीको हाथ मलते हुए बोला।
‘‘कैसी गलती?’’ हाबू पूछने लगा।
‘‘मुझे उस गोले को लाकर अपने महल में रखना चाहिए था। एक मज़बूत कैद में। अगर वह ज़ारा का बच्चा है तो .... कोई बात नहीं। अब इस मामले को आगे देखेंगे। फिलहाल तुम सबको जश्न मनाना चाहिए। सूरैन की तबाही का।’’
वहाँ मौजूद सभी के चेहरे खिल गये। यानि अब उनका काम खत्म हो चुका था। और अब वे किसी नये हुक्म के आने तक आज़ाद थे।
