Friday, May 8, 2026

सूरैन का हीरो - भाग 15

‘‘डोडी उनको फांसी देने से मेरा खूबसूरत मुखड़ा तो वापस नहीं आयेगा न।’’ पीको ने रोते हुए वही बात कह दी।



‘‘मैं अभी एक एलान करता हूं। माइक ऑन करो।’’ हाबू के हुक्म पर एक नौकर ने दौड़कर दीवार में लगा माइक ऑन कर दिया।

इस तरह के माइक महल की हर दीवार पर मौजूद थे जब भी सम्राट हाबू को कोई आम एलान करना होता था वह इन ही में से एक माइक पर बोलता था और उसकी बात बाकोल ग्रह के बच्चे बच्चे तक पहुंच जाती थी।

हाबू ने एलान करना शुरू किया, ‘‘सुनो बाकोल के प्यारे वासियों। सुनो बाकोल ग्रह के महान सम्राट हाबू का ये एलान। तुम्हारा प्यारा राजकुमार एक मुसीबत में फंसा हुआ है। उसका धड़ इंसान का ही है लेकिन सर और ऊपरी हिस्सा अजगर की सूरत में बदल चुका है। अब मैं एलान करता हूं कि जो भी बाकोल के राजकुमार पीको को उसकी असली इंसानों वाली सूरत पर ले आयेगा हम उसे बेपनाह इनाम से नवाज़ेंगे। उसे अपने ग्रह के सर्वोच्च साइंटिस्ट का खिताब देंगे और अपने महल के पास बाकोल का सबसे आलीशान घर उसे बनवाकर देंगे जिसके कमरे कीमती जवाहरात से भरे होंगे।’’ 

एलान खत्म करके वह पीको की ओर घूमा, ‘‘बेटे अब मुझे यकीन है कि इनाम के लालच में कोई तुझे असली हालत पर ज़रूर लेकर आयेगा।’’

‘‘लेकिन डोडी तब तक ज़ारा से मुलाकात की मेरी ख्वाहिश पेंडिंग में ही पड़ी रहेगी। हाय अब तो मुझसे बिल्कुल सब्र नहीं होता।’’ वह कराहा।

‘‘कोई बात नहीं मेरे प्यारे बेटे। तू ज़ारा से इस रूप में भी मिल सकता है।’’ हाबू उसका सर सहलाते हुए बोला।

‘‘लेकिन डोडी इस रूप में देखकर तो वह दहल जायेगी। कहीं डर कर मर ही जाये।’’

‘‘नहीं उसका दिल इतना कमज़ोर नहीं होना चाहिए। तू जाकर उससे मिल ले और अपनी परेशानी बयान कर दे।’’

‘‘और अगर मेरी असली हालत में लाने वाला कोई मिला तो क्या ज़ारा मुझसे शादी कर लेगी?’’ पीको आशंकाओं में घिरा पूछने लगा।

‘‘उसके बाप को भी शादी करनी पड़ेगी।’’ हाबू गुस्से में दहाड़ा।

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पीको ज़ारा से मिलने के लिये रवाना हो चुका था इस हालत में कि दो नौकर उसके ऊपरी हिस्से को पीछे से थामे हुए थे। क्योंकि आधा इंसान और आधा अजगर बनने की वजह से उसका जिस्म पूरी तरह डिसबैलेंस हो चुका था और वह खड़े होते ही पीछे की तरफ लुढ़क जाता था। इसलिए उसे सीधा रखने की जिम्मेदारी दो नौकरों को सौंप दी गयी थी।

‘‘हाय मेरी महबूबा। मुझे इस हुलिए में देखेगी तो डर से उसका दम निकल जायेगा।’’ पीको नाक के बल कराहा।

‘‘राजकुमार जी आप बिल्कुल फिकर करें। शादी तक आप बिल्कुल इंसान बन जायेंगे।’’ एक नौकर ने दिलासा दिया और मन ही मन गालियां भी सुना दीं क्योंकि पीको के अजगर नुमा बदन को संभालते संभालते उसके हाथ ककड़ी हुए जा रहे थे।

‘‘अरे कहां से बन जायेंगे। बाकोल पर कोई माई का लाल अब तक मुझे वापस इंसानी हालत में लाने का वादा नहीं कर पाया है। सब के सब लाल हो चुके हैं नाकामी और शर्म से।’’ गुस्से में भरे हुए पीको ने अपना सर झटका और दोनों नौकरों को उसे बैलेंस करने में पसीने गये।

इसी तरह हाय तौबा मचाते हुए पीको आने नौकरो के साथ उस कमरे तक पहुंच गया जहाँ ज़ारा को लाकर रखा गया था।

कमरे के दरवाज़े पर पहुंचकर वह हिचकिचाया, ‘‘देखो इससे पहले कि मैं दरवाज़ा खोलूं तुम लोग एक डाक्टर को बुला लो। मुझे यकीन है कि मेरी ये हालत देखकर मेरी होने वाली दुल्हन डर से बेहोश हो सकती है।’’

‘‘आप फिक्र करें राजकुमार। जो डाक्टर आपके लिये तैयार किये गये हैं वही आपकी दुल्हन का इलाज कर देंगे।’’ नौकर ने इन्फार्मेशन दी।

‘‘मेरे लिये क्यों डाक्टर तैयार किये गये हैं मुझे क्या हुआ?’’ पीको चौंक कर पूछने लगा।

‘‘जी वह सम्राट का सोचना है कि आधा अजगर और आधा इंसान बनने की वजह से आपकी एनाटॉमी कभी भी गड़बड़ा सकती है।’’ पहले नौकर ने बताया।

‘‘आपका दिमाग भी पलट सकता है। ये डाक्टरों की टीम के इन्चार्ज का सोचना है।’’ दूसरे नौकर ने जोड़ा।

‘‘उस इन्चार्ज की पोस्ट पलट कर कंपाउंडर बना दो ससुरे को।’’ पीको गुस्से में बोला।

दोनों नौकरों ने उसे वहीं छोड़कर डाक्टरों के इन्चार्ज के पास जाने का इरादा किया, लेकिन उसी वक्त पीको फिर बोल पड़ा

‘‘उसे बाद में देखेंगे। पहले अपनी होने वाली दुल्हन से मिल लूं। दरवाज़ा खोल दो।’’

पीको को इत्मिनान हो गया था कि ज़ारा को संभालने के लिये डाक्टरों की पूरी टीम मुस्तैद है।

एक नौकर ने आगे बढ़कर दरवाज़ा खोल दिया। तब तक दूसरा नौकर अकेले ही पीको के अजगर वाले भारी भरकम हिस्से को संभाले रहा।

दरवाज़ा खुलते ही पीको धीरे धीरे अन्दर दाखिल हो गया। अन्दर ज़ारा बेड पर इस पोज़ीशन में बैठी थी कि उसकी पीठ दरवाज़े की तरफ थी और शायद वह छोटे आईने में अपनी शक्ल देखते हुए मेकअप ठीक कर रही थी।

‘‘हैलो ज़ारा। वेलकम बाकोल ग्रह पर।’’ पीको ने पुकारा और ज़ारा आवाज़ सुनकर उनकी ओर घूम गयी।

फिर पीको को देखते ही उसका जो रियेक्शन हुआ वह सभी के लिये अनोखा अचरज भरा था।

पीको को देखते ही उसने ज़ोरदार कहकहा लगाया और पेट के बल लोटने लगी।

‘‘लगता है मुझे इस हालत में देखकर मेरी होने वाली दुल्हन का दिमाग पलट गया है।’’ पीको ने अफसोस के साथ अपने नौकरों को देखा।

‘‘ये किस जोकर को पकड़ लाये तुम लोग?’’ हंसते हंसते ज़ारा ने नौकरों से पूछा और तब ये राज़ खुला कि यहाँ मामला पूरी तरह उल्टा था। बजाय डरने के वह तो उसका मज़ाक उड़ा रही थी।

‘‘जी आपको कोई गलतफहमी हुई है। ये जोकर नहीं बाकोल के महान राजकुमार पीको हैं।’’ नौकर ने ज़ारा की गलतफहमी दूर करनी चाही।

‘‘अगर बाकोल के महान लोग ऐसे टेढ़े मेढ़े पाये जाते हैं तो फिर स्टूपिड बेवकूफ लोग कैसे होते हैं?’’ ज़ारा ने उसे तरह हंसी उड़ाने वाले भाव में पूछा।

‘‘देखिए आप सूरैन की राजकुमारी हैं। इसका ये मतलब नहीं कि हमारा अपमान करें। अब किस्मत ने मेरी ऐसी हालत कर दी इसमें मेरा क्या कुसूर?’’ पीको ज़ारा के हंसी उड़ाने से थोड़ा सकपका गया था। 

‘‘हाँ और क्या और आपकी शादी भी तो इन ही स्टूपिड राजकुमार के साथ होगी।’’ एक नौकर जोश में बोला। पीको ने उसके लफ्ज़ों पर गौर नहीं किया वरना खड़े खड़े निकाल बाहर कर देता।

नौकर की बात सुनकर ज़ारा के चेहरे का रंग हालांकि बदलना चाहिए था लेकिन यहां तो ऐसा लगा कि ज़ारा ने नौकर की बात सुनी ही नहीं। वह उसी तरह मुस्कुराती रही।

‘‘तो सूरैन की राजकुमारी क्या आप मेरे इस हुलिए में मेरे साथ शादी को तैयार हैं?’’

‘‘हाँ। क्यों नहीं। एक जोकर को पालना मेरे लिये नया एडवेंचर होगा।’’ ज़ारा के जुमले ने पीको को उछलने पर मजबूर कर दिया। उसे हरगिज़ उम्मीद नहीं थी कि सूरैन से किडनैप करके लायी गयी राजकुमारी जो किसी और के साथ विवाह के बंधन में बंधने जा रही थी इतनी आसानी से उसके साथ शादी को तैयार हो जायेगी।

‘‘अरे वाह। ज़ारा तुमने मेरा पैगाम कुबूल करके मेरा तीन दिन पुराना कब्ज़ खत्म कर दिया। मैं अभी जाकर डोडी को खुशखबरी सुनाता हूं।’’

वह अपने डोडी को यह खुशखबरी बताने के लिये तेज़ी के साथ घूमा और सर के बल ज़मीन पर लुढ़क गया दोनों नौकरों समेत। क्योंकि उसके तेज़ी से घूमने की वजह से दोनों नौकर खुद ही डिस्बैलेंस हो गये थे जो उसके ऊपरी शरीर को संभाल रहे थे।

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हाबू भी ये खबर सुनकर अचंभे में पड़ गया।

‘‘तुझे ज़रूर कोई गलतफहमी हो रही है मेरे भोले भाले बेटे। वह इतनी आसानी से राज़ी हो ही नहीं सकती।’’ हाबू ने उसे पुचकारते हुए कहा।

‘‘मैंने खुद अपने कानों से सुना है डोडी।’’ पीको खुशी खुशी बता रहा था।

‘‘अजगर के मेकअप में आने के बाद कानों की लोकेशन बदल जाती है। हो सकता है सुनने की पावर भी बदल जाती हो। मैं खुद कन्फर्म करता हूं।’’ उसने अपने उस सेक्रेटरी को काल लगायी जो पूरे महल की रिकार्डिंग का रिकार्ड रखता था।

बाकोल ग्रह पर शाही महल के हर कोने की लगातार रिकार्डिंग होती रहती थी। हाबू खुद साज़िशें करके ही बाकोल का सम्राट बना था और उसे हमेशा डर लगा रहता था कि कोई उसके खिलाफ भी साज़िश कर सकता है इसलिए महल के हर कोने में एक एक बातचीत की रिकार्डिंग होती थी।

सेक्रेटरी से सम्पर्क होते ही उसने ज़ारा और पीको की बातचीत की रिकार्डिंग पेश करने का हुक्म दिया और थोड़ी ही देर बाद वह उसे सुन रहा था।

‘‘इस बातचीत से तो यही लगता है कि वह बिना किसी चूं चरा के मान गयी है तुमसे शादी करने को।’’ हाबू कुछ सोचने लगा था।

‘‘यही तो मैं भी कह रहा हूं इतनी देर से डोडी, कि ज़ारा मेरे साथ शादी को तैयार हो गयी है। अब हमें बिल्कुल देर नहीं करनी चाहिए।’’ पीको जल्दी जल्दी बोल रहा था। फिर हाबू ने उसे आगे बोलने से रोक दिया।

‘‘मुझे ये रज़ामन्दी नेचुरल नहीं लग रही है। ज़रूर दाल में कुछ काला है।’’

‘‘दाल में क्या काला है? हमारे ग्रह पर पैदा होने वाली हर दाल तो लाल रंग की होती है?’’ पीको हैरत से पूछने लगा।

‘‘मेरे बेटे। काश कि तुमने मेरा दिमाग लिया होता लेकिन तूने तो अपनी अम्मा का दिमाग ले लिया।’’ सम्राट हाबू ने अफसोस के साथ उसकी ओर देखा।

‘‘अब आपने दूसरी फर्ज़ी बात छेड़ दी डोडी। मैंने तो आपका दिमाग लिया और अम्मा का। मेरा अपना खुद का दिमाग है।’’ पीको ठुनक कर बोला।

‘‘हाँ ठीक है। लेकिन ज़ारा का इस तरह राज़ी होना मूझे शक में डाल रहा हे। उसे तो अब तक आसमान सर पर उठा लेना चाहिए था। आखिर हम उसे ज़बदरदस्ती उसकी मर्जी के खिलाफ लेकर आये हैं।’’ हाबू अपनी ही उधेड़बुन में था।

‘‘अरे डोडी, वह बाकोल के राजकुमार की रानी बनने जा रही है। उसके लिये इससे बड़ी खुशी की बात और क्या हो सकती है।’’

‘‘हो सकता है यही बात हो। उसने इस सच्चाई को समझ लिया हो।’’ हाबू ने अपने सर को झटका और सूरैन के सम्राट से सम्पर्क करने लगा।

‘‘अब ज़ारा के बाप को तो बता ही देता हूं कि उसकी बेटी ने हमारे बेटे को कूबूल कर लिया है। सुनते ही उछल जायेगा।’’ हाबू ने मुस्कुराते हुए सूरैन के सम्राट से सम्पर्क किया।

जल्दी ही सामने स्क्रीन पर मास्टर पंजुम का चेहरा नज़र आने लगा।

‘‘हैलो मास्टर पंजुम। तुम्हारी सारी सुरक्षा और सारी तैयारी धरी रह गयी और हम तुम्हारे बेटी को उठा लाये।’’

‘‘एक पैदाईशी उठाईगीरे से और उम्मीद भी क्या कर सकते हैं।’’ मास्टर पंजुम ने तंज़ कसा जिसको हाबू हंसकर टाल गया। वैसे भी इस वक्त वह खुशी मनाने के मूड में था।

‘‘अब बहुत जल्द तुम उसे मेरे बेटे की दुल्हन के रूप में देखोगे। मुझे इस कामयाबी पर मुबारकबाद नहीं दोगे?’’ 

‘‘हाँ तुमको कामयाबी मिल ही गयी। अच्छी बात है।’’ मास्टर पंजुम का जवाब और लहजा देखकर हाबू के दिमाग में फिर से शक के कीड़े लहराने लगे। सूरैन के सम्राट के लहजे से ज़रा भी नहीं मालूम हो रहा था कि वह अपनी बेटी के किडनैप होने से दुःखी है। बिल्कुल लापरवाही के साथ उसने जवाब दिया था।

‘‘मुझे यकीन है कि तुम अपनी इस नाकामी पर शर्म से डूब मरने की सोच रहे होगे।’’ हाबू ने फिर सूरैन के सम्राट को छेड़ा।

‘‘नहीं मैं ऐसा कुछ नहीं सोच रहा। सूरैन के सम्राट के पास अपनी प्रजा की बहुत जिम्मेदारियाँ हैं। और उसके पास फालतू बातों को सोचने का वक्त नहीं।’’

‘‘तुम बुरी तरह खिसिया गये हो सम्राट पंजुम होंजी और बात को टालने की कोशिश कर रहे हो। खैर कोई बात नहीं। जिस वक्त पीको और तुम्हारी बेटी की शादी होगी तो मैं उसे तुम्हारे ग्रह पर डायरेक्ट टेलीकास्ट कर दूंगा ताकि तुम जोड़े को आशीर्वाद दे दो।’’

‘‘आशीर्वाद भी दे दूंगा। और अब सम्पर्क काटो मेरे पास बहुत काम है।’’ कहते हुए सूरैन के सम्राट ने खुद ही सम्पर्क काट दिया और हाबू नाच कर रह गया। उसके ऊपर हैरतों के पहाड़ टूटे पड़ रहे थे।

ज़ारा और उसके बाप दोनों का ही रियेक्शन अप्रत्याशित था उम्मीद से बिल्कुल अलग।

हाबू तो सोच रहा था कि सूरैन का सम्राट राज काज छोड़कर अपनी बेटी के ग़म में सर पीटता हुआ अपने ग्रह के जुरासिक पार्क की तरफ निकल जायेगा लेकिन यहाँ तो कोई रियेक्शन ही नहीं।

उधर ज़ारा अलग ऐसा लग रहा था कि पीको के साथ शादी को तैयार बैठी हुई थी। तो क्या उसका पिछला प्रतिरोध एक छलावा था या अब वह और सूरैन का सम्राट कोई खेल खेल रहे हैं।

‘‘क्या वह शादी के मौके पर या शादी के बाद मेरे बेटे को कोई नुकसान पहुंचाना चाहती है?’’ उसके दिल में एक नया ख्याल आया और जब उसका दिमाग गड़बड़ाया तो उसने मंदोरा को याद कर लिया।

‘‘ये बात तो वाकई शक में डालने वाली है।’’ मंदोरा ने भी हाबू का समर्थन किया, ‘‘क़ायदे से तो सूरैन के सम्राट को अब तक हमपर हमला कर देना चाहिए था, अपनी इकलौती बेटी को छुड़ाने के लिये।’’

‘‘मुझे शक है कि ज़ारा मेरे इकलौते बेटे को मारने की कोशिश कर सकती है।’’

‘‘हाँ इस बात की तो पूरी सम्भावना है।’’

तो फिर इससे बचने की कोई तरकीब?’’

मंदोरा सोच में पड़ गया। दुनिया में ऐसी कोई तरकीब नहीं बनायी जा सकती है जो पति को पत्नी के नुकसान पहुंचाने से बाज़ रखे। दुश्मन के किसी भी नुकसान से बचने के लिये दुश्मन से अलग होना ज़रूरी होता है। लेकिन पत्नी को पति से भला कैसे अलग किया जा सकता है?

’’सोचो जल्दी!’’ हाबू ने मंदोरा को ठहोका दिया और मंदोरा मन ही मन झल्लाकर रह गया। अब इतनी जल्दी इतनी मुश्किल प्राब्लम का हल कैसे ढूंढ लिया जाये।

‘‘बिना दोनों को अलग किये ये काम नहीं हो सकता।’’ कुछ कुछ तो बोलना ही था।

‘‘लेकिन अगर पीको को उससे अलग ही रखना होता तो उसे किडनैप करके यहाँ लाने का इतना तामझाम हमने पाला ही क्यों?’’ हाबू ने उसे तिरछी नज़रों से देखा।

‘‘अब जब ले ही आये हैं तो मेरी राय में उसे एक शो केस नुमा शीशमहल जैसे कमरे में बन्द कर देना चाहिए और राजकुमार पीको बाहर ही से उसका सुबह शाम दीदार करते रहें।’’ आखिरकार मंदोरा ने एक तरकीब पेश की।

‘‘लगता है बुढ़ापा तुम्हारे दिमाग पर बुरा असर डाल रहा है। अगर शो पीस ही बनाना है तो इतना पापड़ बेलने की क्या ज़रूरत थी। किसी भी कलाकार से कहकर उसकी एक खूबसूरत मूर्ति बनवा देते हम।’’ हाबू ने मंदोरा को और ज़ोरदार तरीके से घूरा।

 ‘‘तो फिर उनके कमरे में कैमरे लगवा देते हैं। जिनके ज़रिये कण्ट्रोल रूम से उनपर पल पल की निगरानी की जायेगी और खतरा देखते ही सिक्योरिटी पहुंच जाये फौरन।’’

‘‘और उस प्राईवेसी का क्या होगा जो पति पत्नी के बीच होनी ज़रूरी है। वरना शादी का फायदा ही क्या।’’ सम्राट को ये तरकीब भी पसंद नहीं आयी।

अब मंदोरा चुप होकर अपना सर खुजलाने लगा था। इस तरह की समस्या उसके सामने पहली बार आयी थी और उसका भेजा घूमने लगा था।

---- जारी है