‘‘नहीं। वह असली पीको ही है।’’ गोजर ने फौरन उसका खंडन किया, ‘‘लेकिन एक छोटी सी गड़बड़ हो गयी है।’’
‘‘कैसी गड़बड़? मुझे लगता है तुम सम्राट के गुस्से का निशाना बन कर ही रहोगे।’’ मंदोरा उसे घूरने लगा।
‘‘उस गड़बड़ में मेरी कोई गलती नहीं।’’ गोजर लापरवाही से बोला।
‘‘पहले तो तुम गड़बड़ बताओ। तभी तो मालूम होगा कि तुम्हारी गलती थी या नहीं।’’
‘‘सुनो। जब पीको के इंसान बनने की प्रोसेस आखिरी स्टेज में थी, उसी वक्त न जाने कैसे हमारे यूनिवर्स की कुछ लोवर लेवेल की डाईमेंशन्स ओपेन हो गयीं। और वहां से छन कर कुछ रहस्यमयी खतरनाक शक्तियां हम तक पहुंच गयीं। उन्होंने उन कीड़ों पर भी असर डाला जो पीको के दिमाग को इंसानी रूप दे रहे थे। इस असर का अंजाम ये हुआ कि पीको के दिमाग से प्यार व मोहब्बत जैसी भावनाएं गायब हो गयीं और गुस्से व इंतिकाम की भावनाएं बहुत ज़्यादा बढ़ गयीं।
हालांकि इसका एक फायदा ये हुआ कि राजकुमार की बेवकूफी जैसी तमाम कमियां भी दूर हो गयीं।’’
‘‘हां ये तो अच्छा हुआ। लेकिन प्यार व मोहब्बत की भावनाओं का गायब होना खतरे की घंटी है।’’
‘‘उससे फर्क क्या पड़ता है। अगर राजकुमार किसी से मोहब्बत नहीं करेंगे तो उससे नुकसान क्या?’’
‘‘नकसान तो बहुत बड़ा हो सकता है।’’ मंदोरा ने ठंडी साँस ली, ‘‘जल्दी ही तुम देख लोगे।’’
गोजर की कुछ समझ में नहीं आया अतः उसने दाँत निकाल दिये।
उधर काफी देर चलने के बाद अब जश्न की तेज़ी कम हो गयी थी। और फिर सभी आर्टिस्ट ठहर गये।
अब हाबू पीको की ओर घूमा, ‘‘बेटा हमारे यहाँ अच्छा काम करने वालों के लिये इनाम का बंदोबस्त होता है। मैं चाहता हूं कि फैसला तुम करो कि इनमें से किसको इनाम दिया जाये?’’
‘‘डोडी क्यों ज़बरदस्ती की बकवास कर रहे हैं। तमाशा दिखाना और हमारा मनोरंजन करना इन लोगों का काम है। हमारे महल में इन्हें इसकी तनख्वाह दी जाती है। फिर इनाम कैसा। तुम सब भाग जाओ यहाँ से।’’ पीको ने तमाम आर्टिस्टों को एक साथ फटकार दिया। और वे सभी मुंह लटकाये वहां से रुख्सत हो गये।
पहली बार ऐसा हुआ था जब इतने अच्छे करतब दिखाने के बाद उल्टे में फटकार पड़ी थी। इनाम की जगह पर।
हाबू ने खिसियानी हंसी हंसते हुए गोजर व मंदोरा की ओर देखा, ‘‘मालूम होता है बहुत दिनों तक बेहोश रहने की वजह से पीको के दिमाग पर असर हो गया है। कोई बात नहीं। कुछ दिन इंतिज़ार कर लेते है।’’
हाबू और पीको का इस वक्त का रवैया देखकर गोजर की अपना इनाम मांगने की हिम्मत ही न हुई।
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ज़ारा और शीले एक बार फिर उस ग्लोबनुमा कमरे में मौजूद थे जहाँ उनका बेटा फैम उस मशीनी सेफ लॉकरनुमा गर्भ में परवरिश पा रहा था।
‘‘ज़ारा, अब बस गिनती के दिन बचे हैं, जब हमारा बच्चा हमारी बाहों में होगा।’’ शीले ने मशीन से जुड़े डिस्प्ले पर एक नज़र डालते हुए खबर दी। उस डिस्प्ले पर कुछ नंबर्स तेज़ी के साथ लगातार बदल रहे थे।
‘‘काश कि मैं बच्चे की पैदाईश के वक्त एक माँ की हालत को फील कर पाती। लेकिन मेरी ये खुशी पूरी होने से पहले ही हवा हो गयी। न जाने वह फीलिंग किस तरह की होती।’’ ज़ारा एक ठंडी साँस लेकर बोली।
‘‘अगर कहो तो मैं ऐसी डिवाईस बना सकता हूं जिसमें तुम हर तरह की हालत को फील कर सकती हो।’’ शीले गंभीरता के साथ बोला।
‘‘नहीं। इसकी ज़रूरत नहीं। इसमें तुम्हारा सिर्फ टाईम ही बरबाद होगा। वैसे भी तुमको मेरी फीलिंग्स से क्या मतलब।’’ ज़ारा के रूठे रूठे लहजे ने शीले को चौंका दिया।
‘‘क्या हुआ? मुझसे कोई गलती हो गयी?’’ वह चौंक कर पूछने लगा।
‘‘नहीं। सारी गलतियां तो मुझसे ही होती हैं।’’ ज़ारा मुंह बनाकर बोली।
‘‘अरे हुआ क्या? कुछ बताओ तो?’’ वह चकरा कर बोला, ‘अभी तो अच्छी भली थी फिर एकाएक इसे क्या हो गया?’
‘‘रहने दो। तुम बस अपने एक्पेरीमेंट्स और साइंस में ही बिज़ी रहो। मेरी फीलिंग्स मुझे ही झेलने दो।’’ वह उखड़े अंदाज़ में बोली और शीले अपना सर खुजला कर रह गया। पूरे यूनिवर्स की गुत्थियां सुलझाने वाला अपनी शरीके हयात के सामने आते ही उलझ कर रह जाता था।
उसने अपने चकराते सर को झटका और बच्चे पर निगाह जमा दी जो अब भरपूर तरीके से अपने हाथ पैर चलाने लगा था।
‘‘इसमें कोई शक नहीं कि मेरा बेटा सूरैन का सबसे ताकतवर इंसान बनेगा।’’ ज़ारा ने भी अपने बेटे को गोले पर घूंसे बरसाते हुए देखा और भविष्यवाणी कर डाली।
‘‘हाँ। ये न सिर्फ सूरैन का बल्कि इस पूरे यूनिवर्स का सबसे ताकतवर मानव होगा। न सिर्फ जिस्मानी तौर पर बल्कि दिमागी तौर पर भी।’’ शीले बताते बताते भविष्य की कल्पना में खो गया था।
‘‘देखूगी। अभी तो जा रही हूं अपने महल। बहुत दिनों से जा नहीं पायी।’’
‘‘ठीक है। लेकिन तीन दिन बाद वापस यहीं पर आ जाना।’’
‘‘क्यों?’’
‘‘तीन दिन बाद जब तुम इस जगह आओगी तो बच्चे को पालने वाली मशीनें तुम्हारा चेहरा पहचान कर बच्चे को तुम्हारी गोद में दे देंगी। फिर उनका काम खत्म और तुम्हारा काम शुरू होगा। इसकी परवरिश का।’’ शीले उसकी आँखों में देखते हुए बोला।
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उधर काईडोर ने खाना पीना छोड़ दिया था।
जबसे उसने खाने के धोखे में अपने पति को खाया था, उसका खाने पीने से मन पूरी तरह उचाट हो गया था। अब उसके सामने वेज भी आता था तो उसे वह परे सरका देती थी।
नतीजा यही होना था कि आज कई दिन भूखे रहने के बाद उसे चक्कर पर चक्कर आ रहे थे। हालांकि कई दिनों से हाबू ने उसे किसी नयी मुसीबत में नहीं डाला था। लेकिन अब वह खुद को मुसीबत में डाल रही थी।
आखिरकार उस ऑपरेटर को भी एहसास हो गया कि उसने खाना पीना छोड़ रखा है।
‘‘अरे कुछ खा पी ले। क्यों अपनी जान की दुश्मन बनी हुई है।’’ उसकी आवाज़ आयी।
‘‘मेरी जान की तुझे क्यों फिक्र?’’ कमज़ोर लहजे में काईडोर ने सवाल किया।
‘‘सम्राट तुझे जिंदा रखना चाहते हैं। जिसके लिये तेरा पेट भरना ज़रूरी है।’’
‘‘लेकिन मैं अब मर जाना चाहती हूं। जिससे मैंने प्यार किया और शादी रचाई, जब वही मेरे पेट में पहुंच गया तो अब मैं किसके लिये जिंदा रहूं। क्या हाबू की अगली सज़ाओं के लिये?’’
‘‘खाना न खाना तुम्हारी मर्ज़ी। लेकिन मर जाने में तुम्हारी मर्जी नहीं चलेगी। अगर सम्राट तुझे जिंदा रखना चाहते हैं तो हर हाल में जिंदा रखेंगे। खाना पीना तो नसों के ज़रिये भी पहुंचाया जा सकता है।’’
‘‘हाँ मैं जानती हूं।’’ काईडोर ने गहरी सांस ली, ‘‘चलो खा ही लेती हूं।’’
उसने साइड में रखा खाना शुरू कर दिया।
फिर खाते खाते उसने सवाल किया, ‘‘तुम मुझे ये बताओ कि कमीने हाबू का मरदूद बेटा मुझसे कब अपना इंतिकाम लेने वाला है? मैं चाहती हूं कि वह मेरे दो टुकड़े कर दे ताकि मुझे तिल तिल कर मरने से छुटकारा मिल जाये।’’
‘‘तुम्हारे इंतिज़ार के दिन खत्म हो चुके हैं। क्योंकि राजकुमार पीको जी मुकम्मन इंसान बनकर जाग चुके हैं। और जागने के बाद अब तक चालीस गुनाहगारों को अपने हाथों से अंजाम तक पहुंचा चुके हैं।’’
‘‘मेरा कौन सा नंबर है?’’ वह लापरवाही के साथ पूछ रही थी।
‘‘इसके बारे में तो राजुकमार ही बता सकते हैं।’’
फिर काईडोर ने कोई सवाल नहीं किया और अपना पेट खामोशी के साथ भरती रही। इससे पहले कि हाबू या उसके बेटे का इरादा उसे भूखा रखने का बन जाता, कुछ दिन वह खैर मना लेना चाहती थी।
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हाबू इस वक्त अपने महल के उस दरबार में मौजूद था जहाँ वह आम व खास लोगों से मुलाकात किया करता था। उसकी कुर्सी के बगल में पीको की कुर्सी भी मौजूद थी जिपर पीको पूरी अकड़ के साथ विराजमान था।
फिर वहां गोजर दाखिल हुआ मंदोरा के साथ।
‘‘सम्राट की जय हो।’’ गोजर सर झुकाकर बोला।
‘‘आओ गोजर। आज हम तुम्हें तुम्हारा इनाम देकर अपना वादा पूरा कर देना चाहते हैं।’’ सम्राट हाबू के जुमले पर गोजर के चेहरे पर खुशी के भरपूर बादल मंडराने लगे।
उधर हाबू पीको की ओर घूमा, ‘‘बेटा पीको! गोजर ही तुझे अजगर से दोबारा इंसानी रूप में लाया है। इसलिए में चाहता हूं कि तुम ही इसे इसका इनाम दो।’’
‘‘ज़रूर डोडी। मैंने गोजर के लिये बहुत बड़ा इनाम सोचा है।’’ पीको के जुमले पर गोजर मन ही मन अटकलें लगाने लगा कि वह इनाम कितना बड़ा हो सकता है।
‘‘वह इनाम है, हमारे ग्रह के कीमती पत्थरों से बना हुआ बहुत बड़ा पहाड़।’’ आखिरकार पीको ने ही अपने इनाम का रहस्योदघटन कर दिया और गोजर मानो हवा में उड़ने लगा।
‘‘बहुत खूब।’’ हाबू ने पीको की पीठ थपथपाई।
‘‘हम गोजर को उस इनाम तक खुद लेकर जायेंगे।’’
पीको अपनी कुर्सी से उठ खड़ा हुआ।
फिर थोड़ी ही देर बाद पीको, हाबू, मंदोरा और गोजर को लेकर एक छोटा प्लेन किसी अनजान सिम्त में उड़ रहा था। और जल्दी ही यह प्लेन एक पहाड़ीनुमा इलाके में आकर लैंण्ड कर गया।
फौरन ही गोजर की निगाहों ने उस छोटे से पहाड़ को देख लिया था जो दूर से ही इतना चमक रहा था कि उसपर आँखें नहीं ठहरती थीं।
उसने आँखें मिचमचाते हुए देखा, यकीनन वह पहाड़ बाकोल के कीमती पत्थरों से ही तैयार हुआ था ‘‘वह पहाड़ तुम्हारा इनाम है गोजर।’’ पीको ने इशारा किया और गोजर मानो पूरी तरह सम्राट और राजकुमार के सामने बिछ गया। अब वह बार बार दोनों के सामने फर्शी सलाम झाड़ रहा था।
‘‘लेकिन उस पहाड़ के कीमती पत्थरों का इस्तेमाल करने के लिये हमारी कुछ शर्तें है।’’ पीको के मुंह से ये सुनते ही गोजर के चेहरे पर असमंजस के भाव उभर आये। न जाने पीको क्या शर्तें पेश करने वाला था।
