Thursday, May 14, 2026

सूरैन का हीरो - भाग 21

महल में उथल पुथल मच गयी थी। पूरे महल में पीको की बीवी यानि नकली ज़ारा उर्फ काईडोर की तलाश हो रही थी लेकिन उसे तो लगता था ज़मीन खा गयी या आसमान निगल गया।


हाबू गुस्से में भरा हुआ सारे नौकरों और पहरेदारों पर दहाड़ रहा था। दो तीन को शूट भी कर चुका था। लेकिन किसी को कुछ खबर होती तो बताता।

पीको को उस नकली ज़ारा के गायब होने से कोई फर्क नहीं पड़ा था। जबसे उसे पता चला था कि उसे अपनी बीवी के रूप में काईडोर के पल्ले मढ़ दिया गया है, तब से उसका इंटरेस्ट असली और नकली दोनों ही ज़ाराओं में खत्म हो गया था। अब तो वह गंभीर होकर सोचने लगा था कि चूंकि उसका आधा बदन अजगर हो गया है इसलिए कोई मादा अजगर उसकी बेहतर जोड़ीदार होगी।

लेकिन हाबू के लिये ये बेइज़्ज़ती असहनीय थी। इस वक्त वह मंदोरा और कुछ दूसरे जिम्मेदारों के बीच इमरजेन्सी में बुलाई गयी मीटिंग में दहाड़ रहा था।

‘‘हम चोट पर चोट खा रहे हैं। पहले नकली ज़ारा हमारे पल्ले मढ़ दी गयी। फिर हमारा इकलौता प्यारा बेटा आधा अजगर बन गया अैर हम उसे वापस इंसानी शक्ल में लाने में नाकाम हैं। उसके बाद हमारे बदला लेने से पहले सूरैन भी गायब हो गया। और अब वह नकली ज़ारा भी हमारी नाक पर कैंची चलाकर भाग गयी। मैं हुक्म देता हूं, वह जहाँ भी मिले काट कर दफन कर दो।’’

‘‘जी! ऐसा ही होगा।’’ मंदोरा ने भरोसा दिलाया।

‘‘इससे पहले कि उसके फरार होने की खबर महल से बाहर जाये और किसी बाहरी की उससे मुठभेड़ हो जाये। ये काम होना ज़रूरी है। बहुत ज़रूरी।’’

मंदोरा ने फिर सर हिलाया।

‘‘वरना हमारी इज़्ज़त मिट्टी में मिल जायेगी।’’ हाबू फिक्रमन्द लहजे में बोला।

मंदोरा कहना चाहता था कि वैसे भी तुम्हारी इज़्ज़त बाकोल पर करता ही कौन है। लेकिन ऐसा कहना मौत को दावत देने के बराबर था। हालांकि मुंहचढ़ा होने की वजह से हाबू उसकी बहुत सी गुस्ताखियाँ बर्दाश्त कर जाता था।

‘‘सम्राट, इन तमाम बुरी खबरों के बीच कुछ अच्छी खबरें भी हमारे इंतिज़ार में है।’’ कुछ देर की खामोश के बाद मंदोरा बोला और हाबू चौंक कर उसे देखने लगा।

‘‘कैसी खबरें?’’

‘‘पहली खबर तो ये कि मेरे पास बाकोल ग्रह के एक सुदूर द्वीप से एक वैज्ञानिक आया है जिसने पीको को वापस इंसानी हालत में लाने का यकीन दिलाया है।’’

‘‘क्या कहा?’’ हाबू उछल पड़ा, ‘‘उसे फौरन मेरे सामने पेश करो।’’

‘‘मैंने उसे महल के मेहमानखाने में बिठा दिया है। लेकिन उससे पहले एक और अच्छी खबर।’’

‘‘वो भी सुना दो जल्दी।’’

‘‘दूसरी खबर ये है कि हमारे टॉप वैज्ञानिक डाक्टर कोसी ने सूरैन ग्रह का पता चला लिया है।’’

‘‘बहुत खूब। तो फिर बिना देर किये उनपर हमला कर दो। वरना वो अपने छुपने की कोई नयी तकनीक ढूंढ लेंगे।’’

‘‘अभी सूरैन ग्रह को पूरी तरह सामने लाने के लिये कुछ एक्स्पेरीमेन्ट्स किये जा रहे हैं। उसके बाद उसकी तबाही आप अपनी आँखों से देखेंगे सम्राट। बस एक बार उनकी बनायी हुई बारहवीं डाईमेंशन हट जाये।’’ मंदोरा ने आगे बताया।

‘‘हमें उस दिन का बेसब्री से इंतिज़ार है। फिलहाल हम उस सुदूर महाद्वीप से आये हुए वैज्ञानिक से मिलना चाहेंगे। उसे हमारे खास बैठके में ले आओ’’

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सम्राट हाबू का खास बैठका वाकई में खास था। इस बैठके में ज़मीन की जगह एक तालाब था जिसमें मगरमच्छ टाईप कुछ खुंखार जलधारी घूमते रहते थे। उस तालाब पर सम्राट की हीरों से बनी कश्ती तैरती हुई आसमानों के बीच चौदहवीं के चाँद की तरह चमकती दिखाई देती थी और उस कश्ती की खुली छत से बैठके की छत में जड़े कीमती जवाहरात साफ नज़र आते थे।

इस बैठके में सम्राट ऐसे लोगों से मिलता था जो बहुत बड़े दावे करते थे। अगर वे अपने दावे में कामयाब हो जाते थे तो छत में जड़े कुछ जवाहरात टूटकर उसकी झोली में गिर जाते थे।

और अगर सामने वाला अपने दावे में फेल होता था तो वह खुद ही टूटकर तालाब के जानवरों का निवाला बन जाता था।

फिलहाल इस बैठक में सम्राट हाबू के सामने सुदूर द्वीप से आया वह वैज्ञानिक मौजूद था। और साथ में मंदोरा भी।

‘‘तो तुम्हें यकीन है कि तुम मेरे बेटे को असली हालत में ले आओगे।’’ सम्राट ने उस बूढ़े वैज्ञानिक से सवाल किया।

‘‘सोच समझकर जवाब देना।’’ मंदोरा बीच में बोल पड़ा, ‘‘क्योंकि अगर तुम ऐसा करने में नाकाम रहे तो इस तालाब के जानवर तुम्हें खायेंगे भी और ये भी कहेंगे कि मज़ा नहीं आया क्योंकि बूढ़े गोश्त में मज़ा होता ही नहीं।’’

मंदोरा की बात पर एक पल को उसके चेहरे का रंग उड़ा लेकिन फिर फौरन ही उसने अपने पर काबू पाया और पूरे भरोसे के साथ बोला।

‘‘मेरा नाम गोजर है जिसका मतलब बाकोल पर कामयाबी होता है। और आजतक मैंने अपने किसी काम में नाकामी का मुंह नहीं देखा। मुझे पूरा यकीन है कि मैं इस काम को कर लूंगा पूरी कमायाबी के साथ’’

‘‘लेकिन कैसे? वह मेमोरी मैप तो ब्लास्ट हो गया था जिसमें मेरे बेटे के बदन का रिकार्ड था।’’

‘‘एक जगह और आपके बेटे के बदन का रिकार्ड मौजूद है।’’

‘‘कहाँ? किस जगह?’’ सम्राट ने बेसब्री से पूछा।

‘‘आपके और आपके बेटे की माँ के बदन में।’’

‘‘क्या मतलब?’’ सम्राट उलझ कर पूछने लगा।

आपके बेटे की डीएनए कोडिंग का मैप आपके डीएनए और उसकी माँ के डीनए को मिलाने से पता चल जायेगा और उसके बाद हम उसके बदन का मेमोरी मैप फिर से बना सकेंगे।’’

सम्राट ने मंदोरा की तरफ देखा, ‘‘इसकी बात में दम है।’’

मंदोरा ने भी सर हिलाया।

‘‘ठीक है। तुम अपना काम शुरू कर दो। मंदोरा तुम्हारे सम्पर्क में रहेगा। और जिस चीज़ की ज़रूरत होगी, तुम्हें फौरन अवेलेबिल करा देगा।

‘‘.के. पहले तो मैं अपनी लैब बनाऊंगा और फिर डीएनए सैम्पिल लूंगा। आपका और महारानी का।’’

इसी के साथ मीटिंग खत्म हो गयी।

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वह काईडोर यानि नकली ज़ारा उस जवान का हाथ पकड़कर तेज़ी से भागती हुई काफी दूर निकल आयी थी। और अब महल तो क्या उसकी फुंगी भी नहीं दिखाई दे रही थी।

जब उसे इत्मिनान हो गया कि अब महल वाले उसे ढूंढते रह जायेंगे तो उसने अपनी चाल धीमी कर ली।

‘‘रुक जाओ अब हम खतरे के बाहर हैं।’’ उसने हांफते हुए कहा।

‘‘अरे! लेकिन मैं तो दौड़ ही कब रहा था। वह तो आप ही मुझे दौड़ा रही थीं।’’ उस जवान ने हैरत से कहा।

‘‘कोई बात नहीं। अब हम चलते हैं किसी पादरी के पास।’’

‘‘पादरी के पास? क्यों?’’ जवान चौंक कर पूछने लगा।

‘‘अब हम दोनों को शादी करनी है। इसलिए।’’ काईडोर यानि नकली ज़ारा उसे समझाते हुए बोली।

‘‘लेकिन तुम्हारा पुराना पति?’’

‘‘उसको चूल्हे भाड़ में झोंको।’’ वह लापरवाही से बोली।

जवान थोड़ी देर कुछ सोचता रहा फिर मुंह फेर कर बोला, ‘‘नहीं मैं ये शादी नहीं कर सकता?’’

‘‘क्यों? क्या मैं खूबसूरत नहीं हूं?’’ वह त्योरियाँ चढ़ाकर पूछने लगी।

‘‘नहीं ये बात नहीं है। तुम तो आसमान की कहकशां हो।’’

‘‘तो फिर मुझसे शादी करने में क्या परेशानी है मेरे ज़मीन के सूरज?’’ काईडोर ने उसकी आँखों में झांककर पूछा।

‘‘नहीं। मैं किसी को धोखा नहीं दे सकता।’’ वह दूर हटते हुए बोला।

काईडोर को शक पैदा हुआ कि वह उसकी असलियत जान चुका है। अगर ऐसा होता तो उसे वापस उसी महल में जाना पड़ता और उस आधे जानवर आधे डफर के साथ ही पूरी जिंदगी गुज़रनी पड़ती।

उसने टटोल कर देखा। भागते वक्त वह अपने गरेबान में एक छोटी गन छुपा लायी थी। उसने उस गन पर अपनी पकड़ मज़बूत कर ली। और फिर कन्फर्म करने के लिये पूछने लगी।

‘‘कैसा धोखा? क्या तुम मुझे कोई धोखेबाज़ समझते हो?’’

‘‘मैंने तुमको कब कहा? मैं तो अपने आप को कह रहा हूं। अगर तुम मेरी असलियत जान जाओ तो मुझसे बहुत दूर भाग जाओगी।’’

‘‘क्यों? क्या तुम्हारे अन्दर बदबूदार गैस बना करती है?’’

‘‘ये बात नहीं है। लेकिन नहीं मैं तुम्हें अपनी असलियत हागिज़ नहीं बताऊंगा। वरना तुम मेरा खून पी जाओगी।’’ वह डरी डरी आवाज़ में बोला।

‘‘क्या तुम मुझे कोई आदमखोर समझते हो।’’ वह उसे गुस्से से घूरने लगी।

‘‘आदमखोर तो नहीं हो, लेकिन खून तो पी चुकी हो ऑक्सोर का। तुमने खुद ही तो बताया है अभी।’’

‘‘हाँ दो चार बार ये काम किया है। लेकिन वो तो अपने पति के कहने पर ज़बरदस्ती करना पड़ा।’’

‘‘इसीलिए मैं तुम्हें अपने बारे में कुछ नहीं बताऊंगा।’’

‘‘देखो। अब अगर मुझे तुम सस्पेंस में रखोगे तो मैं तुम्हारा सर तोड़ दूंगी।’’ इस बार वह गुस्से में भरी हुई नीचे झुकी और दूसरे ही पल वहां पड़ा हआ पत्थर उसके हाथ में था।

ये देखकर वो जवान सकपका गया।

‘‘अच्छा बताता हूं तुम्हें। तुमसे शादी करके धोखा देने से अच्छा है कि असलियत बता ही दूं। उसके बाद भले ही तुम मेरा खून पी जाओ, लेकिन मेरे दिल पर कोई बोझ नहीं रहेगा।’’ वह इधर उधर टहलते हुए शायद सोचने लगा कि बात कहाँ से शुरू करे।

फिर बोला, ‘‘सच्चाई ये है कि मैं कोई इंसान नहीं हूं। मैं तो एक ऑक्सोर हूं। इंसान के मेकअप में।’’

उसने मानो वहाँ एक तगड़ा बम ब्लास्ट कर दिया था। सामने मौजूद हसीना वाकई ये भयानक खबर सुनकर सकपका गयी थी। ये अलग बात है कि वह खुद ही एक काईडोर थी इंसानी मेकअप में।

‘‘ये नामुमकिन है। हो ही नहीं सकता।’’ वह बड़बड़ाई।

‘‘मुझे अंदाज़ा था कि तुम्हें यकीन नहीं होगा। मैं दरअसल एक कसाई के चगुंल से भागा हुआ ऑक्सोर ही हूं। जब मैं उससे पीछा छुड़ाकर भागा तो एक भगवान का बंदा मुझे मिल गया जिसने मेरी जान बचाने के लिये मेरे ऊपर इंसान का मेकअप कर दिया।’’ उसने अपनी कहानी बयान की जबकि काईडोर उर्फ नकली ज़ारा उसका मुंह ताके जा रही थी।

‘‘हाय ये कुदरत भी क्या गुल खिलाती है।’’ थोड़ी देर सन्नाटे में रहने के बाद वह बोली, ‘‘अब मेरी समझ में आया कि तुम्हें देखते ही मुझे पहली ही नज़र में प्यार क्यों हो गया था।’’

‘‘भला तुम्हारे प्यार का मेरे ऑक्सोर होने से क्या ताल्लुक?’’ अब वह हैरत से पूछने लगा।

‘‘क्योंकि मेरे प्यारे, मैं भी कोई असली इंसान नहीं हूं। मैं खुद एक काईडोर हूं। इंसानी मेकअप में।’’ ऑक्सोर के गले में बाहें डालकर उसने भी अपना राज़ खोल दिया।

अब उछलने की बारी उस इंसानी ऑक्सोर की थी। वाकई कुदरत मज़े ले लेकर खेल खेल रही थी। एक ऑक्सोर के लिये काईडोर से अच्छी जोड़ी कहाँ मिल सकती थी।

‘‘ऊपर वाले की लीला अपरम्पार है। उसने एक इंसानी काईडोर के लिये इंसानी ऑक्सोर भेज दिया। मुझे यकीन नहीं आता कि मेरा जोड़ीदार खेत चरते हुए मिल जायेगा।’’ काईडोर खुश होकर बोले जा रही थी।

‘‘मुझे भी यकीन नहीं आता कि अब तुम मेरा खून नहीं पियोगी।’’

‘‘ये मामला शादी के बाद के लिये छोड़ दो।’’ काईडोर एक आँख दबाकर बोली।    

 ‘‘ठीक है। तो फिर शादी कर ही लेते हैं। यहाँ एक पादरी रहता है। काबू। हम उसके पास चले चलते हैं। आजकल वह खड़े खड़े शादी करवा देता है।’’

‘‘काबू? ये नाम कुछ सुना हुआ लगता है।’’

‘‘वह तो महल का शाही पादरी है। लेकिन महल में आगे किसी शादी का आसार नहीं। इसलिए उसने पार्ट टाईम बाहर की शादियाँ करवाना शुरू कर दी हैं।’’

‘‘नहीं रहने दो। कोई और पादरी ढूंढते हैं।’’ काईडोर सकपका कर बोली। काबू के पास जाने का मतलब था कि उसकी पोल हण्ड्रेड परसेन्ट खुल जाती।

‘‘क्यों? भला उससे बेहतर पादरी हमें कहाँ मिलेगा?’’ ऑक्सोर ने हैरत से उसे देखा।

‘‘वह बूढ़ा हो गया है और शादी के पवित्र मन्त्र अक्सर भूल जाता है।’’ काईडोर को एक वजह सूझ गयी जो बतायी जा सकती थी।

‘‘ठीक है। तो कोई और ढूंढते हैं। अगर हम अपनी असली सूरत में होते तो पादरी की ज़रूरत ही पड़ती।’’ एक बार फिर दोनों ने एक दूसरे का हाथ पकड़ा और आगे बढ़ गये किसी अच्छे पादरी की तलाश में। 

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पीको को फिर से इंसानी शक्ल में लाने की तैयारियां शुरू हो गयी थीं।

उसके लिये बाकायदा महल के अन्दर ही गोजर ने अपनी लैब बनायी थी। गोजर की लैब भी अजीब थी। कहीं से भी उसमें तो मशीनों का जाल दिखाई देता था और कहीं चमकदार लाइट्स बिखरेते बल्ब थे उसमें।

इसके विपरीत ऐसा मालूम होता था जैसे कोई पुराना सीलन से भरा हुआ तहखाना जहाँ चारों तरफ लगे हुए मकड़ी के जाले और मेज़ों पर लगी हुई फफूंदी।

हाबू ने उसकी लैब देखी और तैश में गया, ‘‘क्या तुम इस गंदी सी जगह पर मेरे बेटे को इंसान बनाओगे? बेवकूफ कहीं के।’’

‘‘इंसान खुद गंदगी का पुतला है।’’ गोजर सूफियाना लहजे में बोला।

‘‘मैं भी इंसान हूं। तो क्या मैं भी गंदगी का पुतला हूं?’’ हाबू उसे घूरकर बोला।

‘‘जी इसमें क्या शक है?’’ गोजर के स्टेटमेन्ट पर हाबू को बेतहाशा गुस्सा गया और उसने जेब से पिस्टल खींचकर गोजर पर तान दी।

लेकिन उसी वक्त मंदोरा बीच में गया, ‘‘रुकिये सम्राट। इसे मार देंगे तो पीको का क्या होगा?’’

मंदोरा के जुमले ने हाबू को शांत कर दिया और उसने चुपचाप पिस्टल जेब में रख ली। अब मंदोरा गोजर की ओर घूमा।

‘‘गोजर, तुम कहते तो हम एक खूबसूरत साफ सुथरी लैब बनवा देते। आखिर इस गंदी जगह पर तुम्हें काम करने की क्या ज़रूरत?’’

‘‘मंदोरा। ये मेरे एक्सपेरीमेन्ट की ज़रूरत है।’’ इसबार गोजर गंभीर आवाज़ में बोला, ‘‘जानवर से इंसान बनाने के लिये मुझे कुछ ऐसे आर्गेनिज़्म की ज़रूरत है जो सिर्फ गंदगी में ही पनपते हैं। जब सम्राट और महारानी के डीएन को लेकर मैं पीको के डीएनए क्रियेट करूंगा तो उसमें उन आर्गेनिज़्म की ज़रूरत पड़ेगी।’’

जब गोजर ने अपनी प्रोसेस पूरी तरह एक्स्प्लेन की तो हाबू का गुस्सा पूरी तरह झाग की तरह बैठ गया।

‘‘सम्राट बेहतर होगा हम गोजर को डिस्टर्ब करें। वरना पीको डिस्टर्ब होकर इंसान की बजाय कुछ और बन जायेगा।’’ बात हाबू की समझ में गयी और वह सर हिलाकर चुपचाप बाहर निकल गया।

उसके बाहर निकलते ही पीको अन्दर दाखिल हुआ। मुंह लटकाये हुए। उसके साथ दो नौकर बदस्तूर लगे हुए थे, उसका ऊपरी अजगर वाला हिस्सा संभालने के लिये।

‘‘मैं कहता हूं, अब मुझे वापस इंसान बनने में कोई दिलचस्पी नहीं। मैं ऐसे ही ठीक हूं।’’ वह आते ही बोला।

‘‘लेकिन तुम्हारे बाप को तो दिलचस्पी है। ऐसे आधा इंसान आधा जानवर बनकर कब तक जिंदगी गुज़ारोगे।’’ गोजर समझाने लगा।

‘‘क्यां? इसमें बुराई क्या है?’’ मैं बाकोल का इकलौता प्राणी हूं जो इस शक्ल में है। मेरी एक अलग पहचान बन चुकी है जो पूरे बाकोल पर किसी की नहीं।’’ पीको ने अकड़ने की कोशिश की और उसके नौकरों ने उसे संभालने के लिये पूरा ज़ोर लगा दिया।

‘‘अगर ये बात तुम अपने बाप को बता दो और वह मुझे मना कर दे तो मैं आगे कोशिश नहीं करूंगा।’’

गोजर की बात पर पीको ढीला हो गया। वैसे भी अभी उसकी इंसान बनने की ख्वाहिश दिल के किसी कोने में बाकी थी।

‘‘ठीक है। तुम अपनी कोशिश करो।’’

गोजर ने सर हिलाया और एक अँधेरे कोने में पहुंचा। जहाँ कुछ ज़्यादा ही सीलन दिख रही थी। उस कोने में एक आदमकद संदूक मौजूद था।

उसने संदूक का ढक्कन उठाया और बोला, ‘‘ जाओ। इधर। तुम्हें इस संदूक में लेटना है थोड़ी देर के लिये।’’

पीको अपने नौकरों के सहारे संदूक के पास पहुंचा और फिर इतनी बुरी तरह तरह उछला कि उसे संभालने वाले नौकरों का बैलेंस बिगड़ गया। और तीनों ही चारों खाने चित हो गये।

‘‘अबे तेरा दिमाग खराब है? मैं इसमें लेटूंगा।’’ वह ज़मीन पर पड़े पड़े ही दहाड़ा।

उसका दहाड़ना जायज़ था। क्योंकि संदूक के अन्दर बड़े बड़े कीड़े रेंग रहे थे। और कुछ तय नहीं था कि वो कीड़े उसका बचा खुचा बदन ही चबा डालते।

---- जारी है