-ज़ीशान हैदर ज़ैदी
''क...कौन हो तुम? घबराये हुए रवि के मुंह से अनायास ही निकला।
''इतनी जल्दी भूल गये! अभी तो तुम मुझसे खेल रहे थे।" वह अपनी भयानक आवाज़ में बोला।
''ल..लेकिन, वह तो कम्प्यूटर गेम था। और उसमें मैंने तुमको मार दिया था।"
''वह कम्प्यूटर गेम नहीं मुझे इस दुनिया में लाने का तरीका था। उस गेम के बनते समय अन्दर हमने कुछ ऐसे बदलाव कर दिये हैं कि जैसे ही कोई उसके द्वारा नरबल को मारता है, वह नरबल इस दुनिया में प्रवेश कर जाता है।"
''लेकिन वह गेम तो जापान की एक कंपनी ने बनाया है?" रवि ने अविश्वास के भाव में कहा।
''हाँ। गेम उसी ने बनाया है। लेकिन उस कंपनी को भी नहीं मालूम कि उसके गेम में एक अज्ञात दुनिया के वासियों ने अपने मनमाफिक बदलाव कर दिये हैं।"