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Tuesday, July 19, 2011

उल्टा दांव (Last Part - 3)

सम्राट बोरस ने इस समय सेनापति लाइकस, साइरस और दूसरे महत्वपूर्ण लोगों की हंगामी मीटिंग बुलाई थी। जब वो लोग उसके कक्ष में पहुंचे तो वो बेचैनी से टहल रहा था। 
‘‘सुनो। तुम लोगों का प्लान बहुत धीमे असर कर रहा है। उनको बाहरी विकिरण के प्रभाव में लाकर कमज़ोर करने में महीनों लग जायेंगे। और हमसे इतना सब्र नहीं हो सकता। फैम को तुरंत हमारी मुट्‌ठी में होना चाहिए।’’ बोरस ने उन्हें देखते ही कहा।

‘‘हमें क्या करना चाहिए सम्राट?’’ लाइकस ने पूछा। 
‘‘हमला। तुम अपने सारे जंगी प्लेन लो और आज ही फैम पर हमला कर दो।’’
उसकी बात सुनकर सभी चौंक पड़े। 
‘‘सम्राट। हमें तैयारियों के लिये थोड़ा वक्त चाहिए। क्योंकि फैम भी विज्ञान और तकनीक में बहुत आगे है।’’ 

लाइकस की बात सुनकर बोरस का चेहरा गुस्से से लाल हो गया, ‘‘लाइकस, हमने तुम्हें इसलिए सेनापति नहीं बनाया कि तुम हमें मशविरा दो। तुम्हें हमारे आर्डर पर अमल करना है बस।’’ 
‘‘माफ कीजिए, मैं बिना तैयारी के फैम पर हमला नहीं कर सकता। मुझे अपने सैनिकों को इस तरह मौत के मुंह में धकेलना पसंद नहीं।’’ इसबार लाइकस ने भी थोड़ी तेज़ आवाज़ में कहा।

‘‘अगर तुम ऐसा नहीं कर सकते तो मरो।’’ बोरस ने जेब से पिस्टल निकाली और लाइकस की ओर करके ट्रिगर दबा दिया। दूसरे ही पल लाइकस का जिस्म धुवां बनकर हवा में विलीन हो चुका था। उसकी ये हालत देखकर सब भौंचक्के खड़े रह गये। 
‘‘साइरस, अब लाइकस का चार्ज मैं तुम्हें देता हूं। तुम फौरन फैम पर हमला कर दो।’’ बोरस अब साइरस की ओर घूमा और साइरस हक्का बक्का रह गया।
‘‘लेकिन मुझे युद्ध का कोई तजुर्बा नहीं। मैं तो सिर्फ एक वैज्ञानिक हूं।’’ वह कमज़ोर आवाज़ में बोला।

‘‘तुम सब नालायक हो। तुम भी मरो।’’ बोरस ने अपनी पिस्टल का निशाना उसे भी बना दिया। अब कमरे में दो व्यक्ति कम हो गये थे। 
अचानक उन व्यक्तियों में से एक ने पिस्टल निकाली और बोरस की ओर करके ट्रिगर दबा दिया। दूसरे ही पल वहां सम्राट बोरस का नामोनिशान मिट चुका था।

‘‘ये बास्टर्ड हम सबको मार डालने की फिक्र में था। मैंने इसे मार दिया। अब हम सब बच जायेंगे।’’ पिस्टल से सम्राट को निशाना बनाने वाले व्यक्ति ने एक गहरी साँस ली।
‘‘तूने सम्राट की हत्या की है। और तुझे इसकी सज़ा ज़रूर मिलेगी।’’ उसके पास खड़े व्यक्ति ने भी अपनी पिस्टल निकाली और पल भर में पहले वाले व्यक्ति को खत्म कर दिया। अब वहां बाकायदा छोटी मोटी जंग शुरू हो गयी थी। जिसमें हर व्यक्ति दूसरे को निशाना बना रहा था। और जब यह जंग खत्म हुई तो वहां किसी भी शख्स का नामोनिशान नहीं था।
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‘‘सम्राट बोरस के ग्रह से अजीब अजीब खबरें आ रही हैं।’’ रामिश इस समय मारियो और दूसरे मन्त्रियों के साथ मौजूद था। उसका चेहरा चमक रहा था।
‘‘जी हाँ। मालूम हुआ है कि सम्राट बोरस अपने ही मन्त्रियों के साथ संघर्ष में मारा गया। और साथ ही उसके खास मन्त्री सेनापति सहित मारे गये।’’

‘‘पता नहीं ये करिश्मा हुआ कैसे, लेकिन इस घटना ने हमारे ग्रह को ज़रूर सुरक्षित कर दिया।’’ दूसरे मन्त्री ने कहा।
‘‘लेकिन बोरस के ग्रहवासी इसे सपने में भी नहीं सोच सकते कि इस घटना के पीछे हमारा हाथ हो सकता है।’’ बादशाह रामिश मुस्कुराते हुए बोला।

‘‘क्या? कैसे?’’ रामिश के सामने कुर्सियों पर बैठे कई मन्त्री उछल पड़े।
‘‘बेहतर है इस बारे में मारियो कुछ बताये। क्योंकि यह सारा प्लान उसी का बनाया हुआ है।’’ बादशाह रामिश ने मारियो की ओर देखा।

मारियो ने बोलना शुरू किया, ‘‘दरअसल हमने बोरस को उसी के हथियार से मारा है। उसने हमारा सुरक्षा घेरा हटा दिया था, जिससे कई प्रकार के हानिकारक विकिरण हमारे ग्रह पर प्रवेश कर रहे थे। उनमें ऐसे भी विकिरण थे जो हमारे मस्तिष्क में गुस्से जैसी भावनाएं भड़का रहे थे। हमारे वैज्ञानिकों ने ऐसे विकिरणों का अध्ययन किया और उनकी तीव्रता हज़ारों गुना बढ़ाने में कामयाब हो गये। फिर ये तीव्र विकिरण हमने बोरस के ग्रह की ओर भेज दिया। खास तौर से उसके महल के आसपास इसे भेजा गया। चूंकि बोरस अपने ग्रह के चारों ओर किसी सुरक्षा घेरे की आवश्यक्ता नहीं समझता था, अत: हम आसानी से अपने मक़सद में कामयाब हो गये। उस विकिरण ने बोरस और उसके मन्त्रियों में गुस्से और बेचैनी की भावनाएं खतरनाक हद तक बढ़ा दीं और वे आपस में ही कट मर गये।’’ मारियो ने अपनी बात समाप्त की।

‘‘ओह।’’ सबने यह सुनकर एक गहरी साँस ली।
‘‘वैसे मुझे भी कामयाबी की इतनी ज्य़ादा और इतनी जल्दी उम्मीद नहीं थी। बहरहाल अब हमें आगे के लिये अपने सुरक्षा घेरे को और मज़बूत करना है।’’ बादशाह रामिश के इन जुमलों के साथ ही मीटिंग खत्म हो गयी। 
--समाप्त--
----जीशान हैदर जैदी 

Sunday, July 17, 2011

उल्टा दांव (Part - 2)

फैम वासी इधर कई दिनों से अजीब सी बेचैनी महसूस कर रहे थे। हमेशा शांतचित और प्रसन्नचित रहने वाले फैमवासी इधर काफी उग्र स्वभाव के होते जा रहे थे। ज़रा ज़रा सी बातों पर एक दूसरे से मारपीट करना आम बात हो गयी थी। 
यहां तक होता तब भी ग़नीमत था। असली समस्या तो ये थी कि उनके जिस्म अत्यन्त कमज़ोर होने लगे थे। आपसी झगड़ों में अगर कोई दूसरे को थप्पड़ भी लगाता था तो दूसरे के मुंह से खून आ जाता था और वो बेहोश हो जाता था। और अगर कहीं ये थप्पड़ ज्य़ादा ज़ोर से लग जाता तो सामने वाला जान से हाथ धो बैठता था। 
बदन की हड्‌िडयां इतनी भुरभुरी हो गयी थीं कि हल्की सी चोट में भी टूट जाती थीं।

हद तो तब हो गयी जब फैम के बादशाह रामिश से खुद उसके नौकर ने बदतमीज़ी कर डाली। रामिश ने उसे किसी गलती पर टोका था। जिसके जवाब में उसका नौकर इतना क्रोधित हुआ कि उसपर जूता फेंक दिया। बादशाह रामिश के सुरक्षा गार्डों ने जब उस नौकर की यह हरकत देखी तो उसे इतना पीटा कि वह मौके पर ही खत्म हो गया।
इसके बाद रामिश ने एक हंगामी बैठक बुलायी। जिसमें उसका पूरा मन्त्रीमंडल शामिल हुआ।
‘‘हम अपने ग्रह की मौजूदा सिचुएशन से बहुत परेशान हैं। आम आदमी छोटी छोटी बातों पर आपे से बाहर हुआ जा रहा है। ऐसा लगता है जैसे लोग एक दूसरे को फाड़ खाने का इरादा बना बैठे हों। क्या आप लोगों ने यह बात महसूस की है?’’

सब ने रामिश की बात पर सहमति में सर हिलाया। सभी ने यह बात अच्छी तरह महसूस की थी। 
‘‘और दूसरी समस्या जो हमें दिखायी दे रही है कि हमारे ग्रह के लोगों के भीतर से जैसे सारी शक्ति छिन गयी हो। ग्रह के युवक इतने कमज़ोर दिखाई दे रहे हैं जैसे उनके अन्दर कुछ करने की ताकत ही नहीं बची।’’ बादशाह रामिश की इस बात से भी सभी को इत्तेफाक था।
‘‘आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? कहीं हमारे ग्रह पर कोई अनजानी बीमारी तो नहीं फैल रही है?’’ रामिश ने हेल्थ मिनिस्टर की ओर देखा। 
‘‘सर, हमारे डाक्टरों के अनुसार ग्रह के लोगों में किसी बीमारी का न तो वायरस और न ही बैक्टीरिया पाया गया है। हम अपने ग्रह से बीमारी फैलाने वाले तमाम वायरस और बैक्टीरिया पहले ही मिटा चुके हैं।’’ हेल्थ मिनिस्टर ने कहा, ‘‘लेकिन----’’

‘‘लेकिन क्या?’’ रामिश ने आतुरता से पूछा।
‘‘ग्रह वासियों में कमज़ोरी और गुस्से की बात हमारे डाक्टरों ने भी मार्क की है। और उन्होंने जो नतीजा निकाला है वह ये कि ग्रह वासियों के जिस्म में अजीब सा परिवर्तन आ रहा है। यह परिवर्तन सभी में देखा जा रहा है, क्या अमीर और क्या ग़रीब। लेकिन इस परिवर्तन की वजह ढूंढी नहीं जा सकी है।’’
‘‘अगर सभी में ये समस्या पैदा हो रही है तो इसका एक ही मतलब हो सकता है।’’
‘‘वह क्या?’’ हेल्थ मिनिस्टर ने पूछा।
‘‘समस्या का स्रोत पूरे ग्रह के लिये एक ही होना चाहिए। तुम लोग सोचो, वह स्रोत क्या हो सकता है।’’
‘‘पानी?’’ एक मिनिस्टर ने अंदाज़ा व्यक्त किया।
‘‘नहीं। वह ग्रह के विभिन्न हिस्सों में बदल जाता है।’’ 
‘‘हवा?’’ 
‘‘नहीं। हवा भी ग्रह के अलग अलग हिस्सों में अलग अलग है।’’

‘‘सूर्य का प्रकाश?’’
‘‘हाँ। यह मुमकिन है। लेकिन यही प्रकाश हज़ारों साल से हमारे शरीरों पर पड़ रहा है। मेरा ख्याल है, हमारे ग्रह के वायुमंडल में कोई ऐसा विकिरण प्रवेश कर रहा है जो ग्रहवासियों पर खराब प्रभाव डाल रहा है।’’ 
‘‘लेकिन हमारा ग्रह तो सुरक्षा घेरे में है।’’
‘‘उस सुरक्षा घेरे को चेक कीजिए और साथ में बाहर से आने वाले विकिरण को भी। मि0 मारियो, ये काम मैं आपको सौंपता हूं। क्योंकि सुरक्षा घेरे को कण्ट्रोल करने वाली मशीन आप ही की देख रेख में रहती है।’’
मारियो ने सर हिलाया। इसी के साथ मीटिंग बर्खास्त हो गयी।
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लेकिन इसके तुरंत बाद ही बादशाह को फिर से एक हंगामी मीटिंग बुलानी पड़ी। क्योंकि मारियो ने जाँच के बाद जो रिपोर्ट तैयार की थी वह अत्यन्त गम्भीर थी।
‘‘तुम्हारा मतलब हमारा सुरक्षा घेरा पूरी तरह हट चुका है। और उसकी जगह कोई नया घेरा आ चुका है।’’ बादशाह रामिश ने मारियो की तरफ चिंताजनक दृष्टि से देखते हुए कहा। 
‘‘जी हाँ।’’ मारियो ने सर हिलाया, ‘‘यह नया घेरा हमारे लिये अत्यन्त खतरनाक है। क्योंकि यह बाहर से आने वाले लाभदायक विकिरण को तो रोक दे रहा है जबकि हानिकारक विकिरण को ग्रह की ओर भेज देता है। इसी हानिकारक विकिरण की वजह से हमारे ग्रह पर लोग कमज़ोर और गुस्से वाले हो रहे हैं।’’ 
‘‘लेकिन ऐसा हुआ कैसे? किसने हमारे सुरक्षा घेरे को बदल दिया’’ रामिश ने पूछा। 
‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि यह हरकत सम्राट बोरस की है। वह बहुत दिन से हमारे ग्रह पर कब्ज़े का ख्वाब देख रहा है।’’ इस बार सेनापति बोला।

‘‘हम सिर्फ अनुमान के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहरा सकते।’’ रामिश ने इंकार में सर हिलाया।
‘‘सेनापति जी सही कह रहे हैं। ये हरकत सम्राट बोरस की ही है।’’ इस बार मारियो बोला।
‘‘ये तुम कैसे कह सकते हो?’’ रामिश ने उसकी ओर देखा।
‘‘मैंने सुरक्षा घेरे को कण्ट्रोल करने वाली मशीन का पूरा रिकार्ड देखा है। और उससे मुझे मालूम हुआ कि इस घेरे को तोड़ने वाली किरणें बोरस के ग्रह से आयी थीं।’’
‘‘अगर ऐसा है, तो भी हम बोरस के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। क्योंकि वह हमसे कई गुना ज्य़ादा शक्तिशाली है।’’ सेनापति ने कहा। 
‘‘हाँ, बेहतर यही है कि हम अपने सुरक्षा घेरे को नये सिरे से और ज्य़ादा शक्तिशाली बनायें। मारियो ये काम कितने दिन में हो सकता है?’’
‘‘इसके लिये कम से कम एक महीने के वक्त लगेगा।’’
‘‘ठीक है। तुम अपना काम शुरू कर दो।’’
‘‘एक अंदेशा और भी है।’’ इस बार सेनापति बोला। 
‘‘क्या?’’

‘‘जब बोरस को पता चलेगा कि हम अपना सुरक्षा घेरा फिर से बना रहे हैं तो वह जान जायेगा कि हम उसकी चाल समझ चुके हैं। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि वह हम पर तुरंत हमला कर दे। चूंकि हमारा सुरक्षा घेरा टूट चुका है इसलिए उससे बचना बहुत मुश्किल होगा।’’
‘‘हाँ। ये भी हमारे सामने एक गंभीर समस्या है।’’ बादशाह रामिश गंभीरता पूर्वक इस मसले पर विचार करने लगा।

‘‘मेरे पास एक प्लान है।’’ थोड़ी देर बाद मारियो बोला।
‘‘क्या है तुम्हारा प्लान?’’ मारियो धीरे धीरे अपना प्लान बताने लगा। जैसे जैसे वह अपना प्लान बता रहा था वैसे वैसे रामिश की आँखों में चमक आती जा रही थी। 
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Friday, July 15, 2011

उल्टा दांव (Part - 1)

‘करोड़ों आकाशगंगाओं को देखने के बाद अगर दिमाग में यह सवाल उठे कि क्या ब्रह्माण्ड में हम अकेले हैं? तो अक्ल यही जवाब देगी कि नहीं। सूर्य ब्रह्माण्ड की विशालता के आगे कोई हैसियत नहीं रखता। और उसके गिर्द घूमने वाली पृथ्वी का भी यही हाल है। नि:संदेह पृथ्वी जैसे अनगित ग्रह ब्रह्माण्ड में मौजूद होने चाहिए।’

पृथ्वी पर इसी सोच में डूबा कोई वैज्ञानिक अगर ब्रह्माण्ड के इस हिस्से में पहुंच जाता तो उसे आगे कुछ सोचने की ज़रूरत ही न पड़ती। क्योंकि यहां एक ऐसी पृथ्वी मौजूद थी जिसके ऊपर उसके जैसे ही मनुष्य आबाद थे। ये और बात है कि ये लोग हमारी पृथ्वी के मनुष्यों की तुलना में विज्ञान में बहुत आगे थे। ये पृथ्वी भी अपने सूरज के चारों ओर कुछ उसी तरह से चक्कर लगा रही थी जैसे हमारी पृथ्वी लगाती है। इन लोगों ने अपने ग्रह ‘फैम’ को बाहरी हमलों से बचाने के लिये विशेष प्रकार की किरणें उसके चारों तरफ फैला रखी थीं जिन्हें भेदने की शक्ति महाशक्तिशाली और घातक हथियारों में भी नहीं थी। इसीलिए फैम को अपने कब्ज़े में करने का सम्राट बोरस का सपना बरसों से पूरा नहीं हो पा रहा था।

सम्राट बोरस फैम के सौरमंडल से थोड़ी दूर स्थित एक अन्य सौरमंडल के पूरे ग्यारह ग्रहों का मालिक था। और उन सभी ग्रहों का विज्ञान अत्यन्त विकसित था। इसीलिए अब उसके दिमाग में दूसरे सौरमंडलों पर कब्जे का ख्वाब जागृत हो गया था। और उसका पहला टारगेट फैम था। जो उसके सौरमंडल के सबसे पास मौजूद था और वहां बुद्धिमान प्राणियों की आबादी भी थी।

फिर एक दिन उसके पास उसका सेनापति लाइकस दाखिल हुआ। 
‘‘क्या बात है लाइकस?’’ सम्राट ने उससे पूछा। 
‘‘सम्राट हमने फैम पर कब्ज़े का फारमूला ढूंढ निकाला है।’’ 
‘‘क्या?’’ सम्राट अपनी कुर्सी से उछल पड़ा, ‘‘जल्दी बताओ क्या है वह फारमूला?’’ 
‘‘सर हमारे महान वैज्ञानिकों ने काफी मेहनत के बाद ये फारमूला निकाला है और वो इस फारमूले को अपनी लैब में दिखाना चाहते हैं।’’ 
‘‘ठीक है। चलो हम लैब में चलते हैं ।’’ सम्राट फौरन वहां जाने के लिये तैयार हो गया। जब वे लैब में पहुंचे तो कुछ वैज्ञानिक एक बड़ी मशीन के आसपास मौजूद थै। 

‘‘साइरस, सम्राट तुम्हारा फार्मूला देखना चाहते हैं।’’ लाइकस ने वहां मौजूद सबसे बड़े वैज्ञानिक को संबोधित किया। 
साइरस ने सम्राट के सामने सर झुकाया और एक सादा दीवार के पास पहुंचा। उसने दीवार की तरफ इशारा किया और दीवार किसी टीवी स्क्रीन की तरह रोशन हो गयी। उसपर किसी ग्रह की तस्वीर नज़र आ रही है। 
‘‘यह फैम ग्रह है। जिसके चारों तरफ इस तरह का सुरक्षा घेरा है।’’ उसने इशारा किया और ग्रह चारों तरफ से हरे रंग की किरणों से घिरा नज़र आने लगा। 
‘‘ये किरणें खास तरह से काम करती हैं। ग्रह के बाहर दो तरह का विकिरण पाया जाता है। एक तो वह जो ग्रह के लिये न केवल फायदेमन्द है, बल्कि ज़रूरी भी है। जबकि दूसरे तरह का विकिरण वह है जो ग्रह के लिये हानिकारक है। फैम ग्रह पर मौजूद कम्प्यूटर, जो इन किरणों को कण्ट्रोल करता है, उसकी मेमोरी में यह स्टोर है कि कौन सा विकिरण ग्रह के लिये ज़रूरी है और कौन सा हानिकारक। तो जब ज़रूरी विकिरण ग्रह तक आता है तो मशीन किरणों के बीच रास्ता बना देती है और जब हानिकारक विकिरण आता है तो मशीन किरणों की मज़बूत दीवार उनके सामने खड़ा कर देती है।’’

‘‘ठीक है। ये बात तो सभी को मालूम है।’’ सम्राट बोरस ने थोड़ा बोर होते हुए कहा। 
‘‘अब मैं आपको एक ऐसा विकिरण दिखाता हूं जो मैंने डेवलप किया है।’’ कहते हुए उसने स्क्रीन की तरफ इशारा किया और वहां हरे रंग की किरणें नज़र आने लगीं। लेकिन ये किरणें फैम ग्रह की किरणों से कुछ अलग नज़र आ रही थीं। जहां फैम ग्रह की किरणों के किनारे आग की लपटों की तरह दिख रहे थे वहीं इन किरणों के किनारे आरी की तरह दिखाई दे रहे थे।
‘‘इसमें क्या खास बात है? सम्राट ने पूछा।
‘‘ये बात तो सभी को मालूम है कि कोई भी विकिरण फोटानों के रूप में आगे बढ़ता है। यानि फोटान विकिरण के कण होते हैं, ठीक उसी तरह जैसे हवा के कण गैसों के अणु होते हैं।’’
‘‘ठीक है।’’
‘‘इन फोटानों की खास एनर्जी होती है, जो कि विकिरण की होती है। और साथ ही खास फ्रीक्वेंसी होती है। और इनकी बनावट कुछ ऐसी होती है कि दो फोटान एक ही जगह पर मौजूद हो सकते हैं, जबकि मैटर के कणों के साथ ऐसा मुमकिन नहीं होता।’’

‘‘देखो, मैं यहां किसी साइंस कान्फ्रेन्स में लेक्चर सुनने नहीं आया हूं। मुझे ये बताओ, फैम के सुरक्षा घेरे को तोड़ने के लिये तुमने क्या उपाय किया है।’’ सम्राट ने एक बार फिर वहाँ के सीनियर साइंटिस्ट को टोका।
‘‘अब मैं उसी की तरफ आ रहा हूं। मैंने ऐसे विकिरण का आविष्कार किया है जिसके फोटान सुरक्षा घेरे में मौजूद फोटानों की जगह पर घुस जायेंगे और किसी को पता भी नहीं चलेगा। फिर ये सुरक्षा घेरे के फोटानों की एनर्जी अपने अन्दर सोख लेंगे, जिससे वो सुरक्षा घेरा नष्ट होना शुरू हो जायेगा। इससे पहले कि फैम वाले कुछ समझेंगे, उनका सुरक्षा घेरा नष्ट हो चुका होगा।’’
‘‘फैम वासी काफी चालाक हैं। जब वो देखेंगे कि उनका सुरक्षा घेरा नष्ट हो रहा है तो वो उसे फौरन और एनर्जी देकर मज़बूत कर लेंगे।’’
‘‘उन्हें इसका पता ही नहीं चलेगा। क्योंकि मेरा आविष्कृत विकिरण हूबहू उनके घेरे में मौजूद किरणों जैसा ही है। उन्हें मालूम ही नहीं होगा कि कब उनका सुरक्षा घेरा हट गया और हमारा घेरा उसकी जगह कायम हो गया।’’
‘‘वेरी गुड। ये हुई न बात। और जब वो सुरक्षा घेरा हट जायेगा तो हम आसानी से अपने फाइटर प्लेन वहां दाखिल करा देंगे।’’
‘‘इसकी ज़रूरत नहीं पड़ेगी।’’ 
‘‘क्यों?’’

‘‘क्योंकि मेरी किरणें जब फैम को चारों तरफ से घेर लेंगी तो वह एक काम और करेंगी।’’ 
‘‘कैसा काम?’’
‘‘जिस तरह फैम का सुरक्षा घेरा बाहर से आने वाले हानिकारक विकिरण को रोक लेता है और फायदेमंद विकिरण को पास कर देता है, हमारी किरणें इसका उल्टा करेंगी। यानि फायदेमंद विकिरण को तो रोक लेंगी और हानिकारक विकिरण को ग्रह की ओर पास कर देंगी। और फैम वासियों का अस्तित्व ही संकट में पड़ जायेगा। हम ये युद्ध बिना संघर्ष के ही जीत लेंगे।’’
सीनियर साइंटिस्ट साइरस की बात सुनकर सम्राट बोरस का मुंह खुला रह गया था।
-----continued
लेखक - जीशान जैदी