डायनासोर इतना पास था कि जारा के लिये उससे बचना नामुमकिन था। अगर वह भागने की भी कोशिश करती तो डायनासोर आराम से उसे हड़प कर जाता।
उसी वक्त डायनासोर की तेज़ दहाड़ से पूरा जंगल काँप उठा और ज़ारा सहम कर ज़मीन पर गिर गयी।
फिर शायद डायनासोर ने उसपर हमले के लिये अपने को तौला था कि अचानक ज़ारा ने देखा कि आसमान में उड़ता हुआ एक भाला नुमा हथियार आया और डायनासोर के सर में घुस गया।
उस हथियार के चारों तरफ पीले रंग की किरणें नाच रही थीं। हथियार लगते ही डायनासोर ज़मीन पर गिरकर ठंडा हो गया। अब ज़ारा ने हथियार के स्रोत की तरफ नज़र की तो वहाँ शीले नज़र आया। अपने हथियारों से लैस।
वह जल्दी से उठ खड़ी हुई और बेताबी के साथ शीले की ओर दौड़ी। लेकिन बीच रास्ते में ही ठिठक गयी। अब उसके दिमाग में डर की जगह गुस्से ने ले ली थी।
‘‘इतनी जल्दी क्यों आ गये? ये डायनासोर मुझे हड़प कर जाता उसके बाद आना था न।’’ वह तंज़िया अंदाज़ में कह रही थी।
‘‘ज़ारा। हम कुछ मुश्किलों
में घिर गये है। इस वक्त हमारे और हमारे बच्चे दोनों के लिये खतरा है।’’ शीले गंभीर आवाज़ में कह रहा था। ज़ारा ने उसे चौंक कर देखा।
जिंदगी में पहली बार उसने शीले के चेहरे पर परेशानी के आसार देखे थे।
‘‘कैसी मुश्किलें? शीले, तुम परेशान लग रहे हो। बात क्या है?’’ उसे परेशान देखकर ज़ारा भी परेशान हो गयी थी।
‘‘ज़ारा। बाकोल और उसके सम्राट हाबू ने हमारे लिए कुछ मुसीबतें खड़ी कर दी हैं।’’
‘‘क्या कह रहे हो? हम बाकोल की नज़रों से तो छुपे हुए हैं। तुम ही ने तो बताया था।’’ ज़ारा ने हैरत से उसे देखा।
‘‘उन्होंने हमें खोजने की कोशिश करते हुए बारहवीं डाईमेंशन हटाने की कोशिश की थी लेकिन उसमें कामयाब नहीं हो पाये।’’
‘‘ओह।’’ ज़ारा ने अपने दिल को थाम लिया। फिर एक गहरी सांस लेकर बोली, ‘‘लेकिन ये तो अच्छा हुआ। अगर वो नाकाम हो गये तो तुम क्यों परेशान हो?’’ एक बार फिर ज़ारा ने उस पर न समझने वाली नज़र डाली।
‘‘क्योंकि उनकी इस कोशिश में सूरैन की कुछ लोवर लेवेल की डाईमेंशन्स में बदलाव हो गया है। जिसके नतीजे में उस स्पेस - टाईम में कुछ सूराख पैदा हो गये हैं। जिसमें सूरैन मौजूद है।’’ शीले ने आगे बताया।
‘‘शीले, तुम बात करते करते ये जो पहेलियां बुझाने लगते हो इससे मेरे तनबदन में आग लग जाती है।’’ ज़ारा थोड़ा झुंझला कर बोली।
‘‘हाँ, मैं भूल जाता हूं कि तुम मेरे लेवेल की साइंटिस्ट
नहीं हो।’’ इस बार शीले मुस्कुरा दिया।
‘‘हमेशा अपने साइंटिस्ट
होने का बड़प्पन मेरे सामने तो झाड़ा ही न करो। वरना ऐसी झाड़ पिलाऊंगी कि सूखी झाड़ी बनकर रह जाओगे।’’ ज़ारा गुर्राई।
‘‘अच्छा, अब हमें सीरियस हो जाना चाहिए।’’ एकाएक शीले फिर से गंभीर हो गया, ‘‘तो मैं बता रहा था कि कुछ लोवर लेवेल की डाईमेंशन्स में बदलाव की वजह से स्पेस टाईम में जो सूराख पैदा हुए हैं उनसे रिसकर कुछ ऐसे खतरे हमारी दुनिया में दाखिल हो रहे हैं जो हमें कोई भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।’’
‘‘किस तरह के खतरे?’’ ज़ारा ने सवाल किया।
‘‘चूंकि वो खतरे दूसरे यूनिवर्स से निकलकर आ रहे हैं इसलिए हम सिर्फ उनका आभास कर सकते हैं। लेकिन सही सही उनका पता लगाना नामुमकिन हैं। क्योंकि दूसरे यूनिवर्स का होने की वजह से वह अलग ही नियमों के साथ बरताव कर रहे हैं।’’ वह उसी तरह पूरी गंभीरता के साथ बता रहा था।
‘‘थोड़ा और साफ करो अपनी बातों को। मैं उलझी जा रही हूं।’’ ज़ारा की आवाज़ से भी उलझन साफ झलक रही थी।
‘‘एक मिसाल पेश करता हूं। हमारे यूनिवर्स में जब एक जानवर हमला करता है तो हम समझ जाते हैं कि वह हमलावर है। और जब एक पालतू यानि पेट हमारी तरफ प्यार से बढ़ता है तो भी हम जान जाते हैं कि वह प्यार करना चाहता है।
लेकिन अगर दूसरे यूनिवर्स से कोई जानवर यहाँ आयेगा तो उसका हमला करने का अंदाज़ प्यार करने जैसा दिखाई देगा और प्यार का अंदाज़ हमला करने जैसा दिखाई देगा। और जिस्म भी कुछ अलग तरह का होगा।’’
‘‘जिस्म तो हर जानवर का एक दूसरे से अलग होता है। अब तुम्हारी इस बात का क्या मतलब हुआ?’’
‘‘इसका मतलब ये है कि उस यूनिवर्स का विशालकाय जानवर हमें चींटी जैसा छोटा दिखाई देगा। और छोटा जानवर अपने सूरैन के डायनासोर जैसा दिखेगा।’’
‘‘अजीब बात है।’’ ज़ारा बड़बड़ाई।
‘‘और अभी अभी तुम्हारी एक ऐसे ही जानवर से मुठभेड़ हुई है।’’
शीले की इस बात ने ज़ारा को और भौंचक्का कर दिया।
‘‘अब मेरी मुठभेड़ कब हो गयी? हाँ अभी अभी तुमने एक डायनासोर से ज़रूर मुझे बचाया है।’’
‘‘मामला ये है कि वह अपने सूरैन का डायनासोर था ही नहीं। वह जानवर दूसरे यूनिवर्स से रिसकर आया था और वास्तव में चींटी के ही साइज़ का था।
और बाद में मेरी मशीनों ने मुझे बताया कि उसका तुम्हारे ऊपर हमले का कोई इरादा नहीं था।’’
‘‘ओह!’’ ज़ारा ने गहरी साँस ली, ‘‘अब उस जानवर के किस्से को खत्म करके मुझे ये बताओ कि तुम्हारी मशीनें मेरे बच्चे के बारे में कोई खबर क्यों नही दे रही हैं? और मशीनों की तो छोड़ो मुझे खुद अपने बच्चे का अपने पेट में आभास नहीं हो रहा है। ये कैसी पहेली है?’’
‘‘आभास तो तब होगा जब वह तुम्हारे पेट में होगा।’’
शीले की बात पर ज़ारा बेतहाशा उछल पड़ी, ‘‘क्या मतलब है तुम्हारा?’’
‘‘तुम फिक्र न करो। वह पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन तुम्हारे पेट से निकलकर एक बहुत ही सुरक्षित जगह यानि सुपरसेफ लॉकर जैसे मशीनी गर्भ में पहुंच चुका है?’’
उसकी बात सुनकर एक पल को ज़ारा गुंग होकर रह गयी।
‘‘मेरी कुछ नहीं समझ में आ रहा है। तुम क्या कह रहे हो? भला माँ के पेट से सुरक्षित जगह बच्चे के लिये क्या हो सकती है? और ये सब तुमने कब किया? वो भी बिना मेरी जानकारी के। सच सच बताओ। तुम शीले मेरे पति ही हो या दूसरे यूनिवर्स से आये हुए किसी खतरे का बदला हुआ रूप।’’ ज़ारा ने एक साथ कई सवाल दाग़ दिये।
शीले मुस्कुराया फिर जवाब देने लगा, ‘‘मैं शीले ही हूं। तुम्हारा पति और सूरैन का सबसे बड़ा साइंटिस्ट। लेकिन मेरे इस काम को करने के पीछे का कारण वही खतरा है जो दूसरे यूनिवर्स से छनकर हमारे ग्रह तक पहुंच गया है।
मेरी मशीनों ने मुझे बताया कि कुछ विशाल जानवर सूक्ष्म रूप में तुम्हारे जिस्म के अन्दर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि उनका ये हमला नाकाम कर दिया गया। लेकिन आगे उनका हमला कामयाब भी हो सकता है। इसलिए सबसे पहले आनन फानन में मैंने बच्चे को सुपरसेफ लॉकर में पहुंचाया जो मैं बहुत पहले ही बना चुका था।’’
‘‘बहुत पहले बनाने का मतलब कि तुम्हारा इरादा पहले से ही था।’’ ज़ारा उसे घूरने लगी।
‘‘हाँ। मेरा इरादा उसे जन्म के अंतिम महीनों में वहाँ भेजने का था। क्योंकि वहाँ पर मुझे उसमें कुछ अनोखी शक्तियाँ आरोपित करनी थीं और ये काम नेचुरल गर्भ में नहीं हो सकता था।’’
‘‘मुझे ऐसा क्यों लग रहा है कि मेरे बच्चे को तुमने अपने एक्सपेरीमेन्टस का गिनी पिग बना लिया है।’’ इस बार ज़ारा मरी मरी आवाज़ में बोली।
‘‘अरे वो मेरा भी बच्चा है। सब कुछ भूलकर खुश हो जाओ कि अब अपने बच्चे को जन्म से पहले ही अपनी आँखों से अपने सामने देख सकती हो।’’
‘‘मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि खुश होकर कहकहा लगाऊं या सर पीट पीटकर रोने लगूं।’’ ज़ारा अपना सर पकड़कर बैठ गयी।
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उधर ज़ारा की शक्ल की काईडोर के पास अपना सर पकड़ने का भी मौका नहीं था। आग की लपटें किसी भी वक्त उसे अपनी चपेट में ले सकती थीं। लेकिन उस कुएं में उनसे बचने का कोई रास्ता भी नज़र नहीं आ रहा था।
‘‘लगता है अब हाबू ने उसे खत्म करने का इरादा कर लिया है।’’ पूरी मायूसी के साथ उसने सोचा। और इसी के साथ उसके हाथ पैर ढीले हो गये।
लेकिन उसके जोड़े को उससे क्यों और कब अलग कर दिया गया, ये उसकी अक्ल से परे था।
‘‘क्या हाबू को उस ऑक्सोर पर रहम आ गया?’’ वैसे भी इस पूरे किस्से में उसकी तो कोई गलती थी नहीं। लेकिन फिर भी हाबू इतना रहमदिल तो हो नहीं सकता था कि लोगों की बेकसूरी चेक करता फिरता।
आँख बन्द किये किये इन ही विचारों के साथ उसे लगा कि आग की तपिश कम हो रही है।
‘‘इसका मतलब कि ख्यालों में गुम रहने का फायदा भी होता है कि बाहरी माहौल और उसकी मुसीबतों का एहसास खत्म हो जाता है।’’
लेकिन फिर उसे लगा कि ये ख्याली इफेक्ट नहीं है बल्कि आग की तपिश वाकई कम हो रही है। उसने चौंक कर आँखें खोल दीं। वाकई आग की लपटें कम हो गयी थीं।
बल्कि उसने हैरत से देखा कि वह लपटें छोटे छोटे भागों में बंटकर हवा में चारों तरफ चिंगारियों की तरह उड़ने लगी थीं। उनमें से बहुत सी उसके जिस्म से आकर चिमटने भी लगीं। लेकिन उनमें जलन की कैफियत नहीं थी।
उसने एक गहरी साँस ली, ‘‘तो क्या हाबू को उसके ऊपर भी रहम आ गया?’’
आग से राहत पाने के बाद अब उसे अपने जोड़े को ढूंढने का ख्याल आया। लेकिन उसे तो ज़मीन खा गयी या आसमान निगल गया। बहरहाल वह उस कुएं में तो कहीं नहीं नज़र आ रहा था।
‘‘माई डियर, किधर हो तुम?’’ उसने पुकारा। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
‘‘कहीं ऐसा तो नहीं वह इसी आग में जल मरा हो।’’ एक नया ख्याल उसके दिमाग में आया और वह अफसोस से सर हिलाने लगी।
लेकिन ज़्यादा देर तक ये ख्याल दिमाग में नहीं टिका क्योंकि अचानक उसे अपने पूरे जिस्म पर जलन सी महसूस होने लगी थी।
लेकिन ये जलन कम से कम आग की जलन तो नहीं थी।
उसने अपने जिस्म पर नज़र डाली और उछल गयी। क्योंकि उसके पूरे जिस्म पर लाल रंग की बेशुमार चीटियाँ रेंग रही थीं।
वह बौखला कर जल्दी जल्दी उन्हें झाड़ने लगी। अब उसे ख्याल आ रहा था कि आग की चिंगारियां उसके जिस्म पर पड़ने के बाद राख में क्यां नहीं बदलीं? वह तो इन चीटियों में बदल गयी थीं।
इन काटती हुई चीटियों की जलन ने उसका मुंह खोल दिया था और अब वह बिना किसी डर या झिझक के दबंग स्टाईल में हाबू को वह सब सुना रही थी जो आम हालात में मन में ही दबा कर रख सकती थी।
‘‘चुप रह बदतमीज़। सम्राट सुन लेंगे तो तेरी गर्दन अभी की अभी मरोड़ देंगे।’’ इस बार वह ऑपरेटर बोल ही पड़ा जो शायद इन सारी घटनाओं को कण्ट्रोल कर रहा था।
‘‘सुन लेने दो उस मरदूद को।’’ काईडोर अपने जिस्म को बुरी तरह नोचते हुए बोली, ‘‘उसने मेरा जो हाल कर दिया है उससे अच्छा है कि मैं मर ही जाऊं।’’
वह एक बार फिर हाबू की शान में तमाम मुमकिन अलफाज़ इस्तेमाल करने लगी थी।
‘‘लेकिन सम्राट तो तुम्हें जिंदा रखना चाहते हैं।’’ वही आवाज़ दोबारा आयी।
और फिर काईडोर की तमाम चीख पुकार के बावजूद तिबारा वह आवाज़ नहीं आयी।
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हाबू एक बार फिर उस बदबूदार सीलनज़दा तहखाने में दाखिल हुआ जो अब कुछ ज़्यादा ही बदबू छोड़ने लगा था।
उस तहखाने में आना हाबू को हरगिज़ पसंद नहीं था लेकिन मजबूरी थी। उसके बेटे पीको के अजगर से इंसान बनने की प्रोसेस तो उसी तहखाने में हो रही थी। उस अजीब हुलिए के साइंटिस्ट गोजर की निगरानी में, जो साइंटिस्ट कम कब्र से निकला मुरदा ज़्यादा मालूम होता था।
हाबू ने देखा कि इस वक्त गोजर ने एक मोटी सी ट्यूब उस संदूक से जोड़ रखी थी और उससे गहरे भूरे रंग का कोई माद्दा निकलकर एक बन्द बाल्टी नुमा बर्तन में इकट्ठा हो रहा था।
‘‘क्या कर रहे हो तुम?’’ हाबू पूछ बैठा और गोजर जो अपने काम में इतना लीन था कि उसे हाबू के आने का पता ही नहीं चला वह चौंक कर उसकी ओर घूमा और गायब दिमागी के साथ उसकी ओर देखने लगा।
‘‘मैं पूछता हूं कि तुम कर क्या रहे हो? मुंह देखना बन्द करके मुझे फौरन बताओ।’’ हाबू गुर्राया।
‘‘मैं गंदगी इकट्ठा कर रहा हूं।’’ गोजर बड़बड़ाया।
‘‘कैसी गंदगी?’’
‘‘सम्राट, पीको के मुकम्मल इंसान बनने की प्रोसेस में ढेर सारी गंदगी भी निकल रही है जिसे संदूक से बाहर निकालकर फेंकना ज़रूरी है। ये देखें।’’ कहते हुए गोजर ने उस बाल्टी का ढक्कन थोड़ा सा ढीला किया और सम्राट को चक्कर आ गया। वह बदबू इतनी ज़्यादा तेज़ थी कि सम्राट को लगा कि अभी वह बेहोश हो जायेगा।
‘‘बन्द करो इसे।’’ वह चीखा और गोजर ने बाल्टी के ढक्कन को फिर से टाइट कर दिया।
‘‘तुम बातें बना रहे हो। मेरे साफ सुथरे बेटे के जिस्म से इतनी भयानक गंदगी निकल ही नहीं सकती बाहर।’’
‘‘इसमें उन कीड़ों की भी गंदगी शामिल है जो राजकुमार के अजगर वाले हिस्से को खाते खाते सिधार चुके हैं।’’
‘‘मुझे शक है कि ये माद्दा और ही है। कहीं ऐसा तो नहीं कि तुम्हारा एक्सेपरीमेन्ट नाकाम हो गया है और ये सब मेरे बेटे के बदन..’’ सम्राट ने बात अधूरी छोड़कर उसका गरेबान पकड़ लिया।
‘‘आपका बेटा सही सलामत है। आप इस डिस्प्ले पर उसे देख सकते हैं।’’ कहते हुए गोजर ने जेब से एक डिवाईस निकालकर उसका बटन दबाया और हॉल की एक दीवार का छोटा सा हिस्सा रौशन हो गया है।
सम्राट ने देखा कि अब वह हिस्सा संदूक के भीतर का सीन दिखा रहा था जहाँ पीको मौजूद था। बन्द आँखों के साथ लेटा हुआ।
शायद सो रहा था या फिर बेहोश था। और उसके पूरे जिस्म पर महीन कीड़े रेंग रहे थे।
‘‘गौर से देखें सम्राट। उसके जिस्म का ऊपरी हिस्सा काफी हद तक मानवीय रूप में आ चुका है।’’
‘‘हाँ दिख तो रहा है। लेकिन कैसे पता कि तुम सही तस्वीर दिखा रहे हो?’’ सम्राट फिर उसे घूरने लगा, ‘‘ये वीडियो फर्ज़ी भी हो सकता है। तुम मुझे संदूक खोलकर दिखाओ।
‘‘सम्राट!’’ इस बार गोजर हाथ जोड़कर बोला, ‘‘कुछ महीने और इंतिज़ार कर लें। फिर राजकुमार आपके सामने होंगे मुकम्मल इंसान बनकर। अगर अभी मैंने संदूक खोला तो उनके इंसान बनने की प्रोसेस रुक जायेगी और फिर वे कभी मुकम्मल इंसान नहीं बन पायेंगे।’’
सम्राट उसका गरेबान छोड़कर अलग हो गया और गुस्से व बेबसी के साथ हाथ मलने लगा। उसे शक हो रहा था कि उसका बेटा पीको सही सलामत नहीं बचा है लेकिन अपने शक को दूर करने के लिये उसके पास कोई तरीका नहीं था।
‘‘भाड़ में जाओ।’’ आखिरकार वह गुर्राया,
‘‘लेकिन याद रखना अगर कुछ महीने बाद वह सही सलामत संदूक से नहीं निकला तो तुझे इसी संदूक में बन्द करके आग में फिंकवा दूंगा।’’
फिर गोजर के कुछ बोलने से पहले ही वह बाहर निकल आया। अब वह बेचैनी के साथ इधर उधर टहल रहा था और उसके बॉडी गार्डस उसे हैरत के साथ इस तरह परेशान हाल देख रहे थे क्योंकि बहुत कम उन्होंने हाबू को इस तरह परेशान देखा था।
फिर अचानक उसके चेहरे के भाव बदल गये और वह हंसने लगा।

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