फिर अचानक उसकी नज़र खेत के किनारे बंधे हुए ऑक्सोर पर गयी। ऑक्सोर बैल और डायनासोर के मिलान से बनायी गयी एक कृत्रिम प्रजाति थी जो बाकोल के वैज्ञानिकों ने विकसित की थी। ये प्रजाति इतनी ताकतवर थी कि सैंकड़ों हेक्टेयर खेत मिनटों में जोत देती थी। ये खाने पीने में बहुत कम चारा इस्तेमाल करते थे और जो कुछ निकालते थे वह बेहतरीन खाद होती थी खेतां के लिये।
बरसों पहले बाकोल वासियों ने मशीन से जुताई करना बन्द करके ऑक्सोर से काम लेना शुरू कर दिया था जो खेती के लिये मशीनों से कई गुना बेहतर थे।
मंदोरा ने देखा ऑक्सोर जिस जगह बंधा हुआ है उससे थोड़ी ही दूर पर एक काईडोर भी मौजद थी। काईडोर कई दुधारू पशुओं को मिलाकर एक प्रजाति बनायी गयी थी जो आम दुधारू पशुओं से कई गुना ज़्यादा और न्यूट्रिशन वाला दूध पैदा करती थी।
ऑक्सोर अपनी जगह पर बंधा हुआ काईडोर की तरफ ललचायी नज़रों से देख रहा था लेकिन बहरहाल दोनों के मालिक अलग अलग थे इसलिए मिलने का सवाल ही नहीं पैदा होता था। ऑक्सोर के काईडोर तक पहुंचने का मतलब था कि काईडोर का कम से कम छह महीने तक दूध देना रुक जाता और मालिक ये हरगिज़ बर्दाश्त नहीं कर सकता था।
लेकिन मंदोरा मालिक तो था नहीं। उसने इधर उधर देखा और पास जाकर ऑक्सोर की धातुई रस्सी खोल दी। आम रस्सियां ऑक्सोर जैसे भारी भरकम जानवरों को रोकने के लिये नाकाफी थीं इसलिए उन्हें धातुई रस्सियों से बाँधकर रखा जाता था।
रस्सी खुलते ही ऑक्सोर बिना इधर उधर देखते सरपट काईडोर की ओर भागा मानो बरसों से मौके की तलाश में रहा हो।
इस नेक काम को अंजाम देने के बाद मंदोरा को प्यास लग गयी सो उसने खेत की सिंचाई के लिये जा रहे पाइप में चाकू से सूराख किया और फव्वारे की तरह उछलते पानी से अपनी प्यास बुझाने लगा। ये अलग बात है कि उसकी प्यास बुझाने के बाद तेज़ी के साथ निकलता पानी दूसरी तरफ रखी कटी हुई फसल को बरबाद करने पहुंच गया था और अगर इस समय खेत का मालिक वहां मौजूद होता तो अपना सर ज़रूर पीट लेता।
इन तमाम कार्रवाईयों के बीच अचानक उसका फोन कॉल का सिग्नल देने लगा।
इस वक्त वह भरपूर मस्ती के मूड में था इसलिए उसने कॉल को इग्नोर कर दिया लेकिन जब कई बार लगातार कॉल हुई तो मन में सैंकड़ों गालियां देते हुए उसने जेब से फोन निकाला और चौंक गया क्योंकि कॉल तो सम्राट हाबू की थी।
‘‘इसको भी चैन नहीं है।’’ उसने अपने दाँत पीसे और कॉल को रिसीव कर लिया।
‘‘कहाँ हो मंदोरा?’’
छूटते ही सम्राट ने पूछा।
‘‘एक खेत में हूं। कुछ चर रहा हूं।’’ मंदोरा सम्राट को भी बहुत कम खातिर में लाता था।
‘‘चरना छोड़कर महल में पहुंचो। तुरंत। बहुत ज़रूरी काम है। इमरजेन्सी।’’
सम्राट की हड़बड़ाहट देखकर मंदोरा को भी एहसास हो गया कि कुछ इमरजेन्स्ी ही है। सो उसने जेब से एक सीटी निकाल कर बजायी।
ये सुपरसोनिक सीटी बेआवाज़ थी। यानि इसकी फ्रीक्वेंसी सुनने की रेंज के बाहर थी। लेकिन कुछ दूर पर मौजूद उसकी कार के रिसीवर ने वह आवाज़ कैच कर ली और कुछ ही सेकंड में वह मंदोरा के सामने लैंड कर चुकी थी।
मंदोरा उसमें सवार हुआ और सम्राट हाबू के महल की तरफ उड़ गया।
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ज़ारा अपने महल में मौजूद थी अपने माँ व बाप दोनों के ही साथ।
‘‘मुझे यकीन नहीं आता कि हाबू का भेजा हुआ वह शक्तिशाली
मॉन्स्टर धोखा खा गया। हमें तो लगा कि हम हमेशा के लिये तुमसे हाथ धो बैठे।’’ सम्राट बेयकीनी के साथ कह रहा था।
‘‘उसका शरीर तो बहुत शक्तिशाली
बनाया गया था, एक तरह से अजेय। लेकिन ऊपर का खाना खाली था। उसके दिमाग को बनाने पर बहुत ज़्यादा दिमाग खर्च नहीं किया गया।’’ ज़ारा हंसते हुए कह रही थी, ‘‘पिताजी, मैं आपके पास से निकलने के बाद उस साइंटिस्ट के पास गयी थी जिसने उसके दिमाग का स्कैन किया और तब मुझे लगा कि उसे नकली गुड़िया जैसी कोई चीज़ देकर भटकाया जा सकता है। मेरे पास अपनी एक डुप्लीकेट गुड़िया पड़ी हुई थी जो एक आर्टिस्ट ने बनाकर बहुत पहले दी थी। मैंने उसी का इस्तेमाल कर लिया।’’
‘‘अब हमें और सावधान रहना होगा। अपनी नाकामी पर हाबू तिलमिला रहा होगा और आगे और बड़ा हमला कर सकता है।’’ सम्राट मास्टर पंजुम चिंतित होकर कह रहा था, ‘‘ज़ारा अब तुमको और ज़्यादा सिक्योरिटी में रहना होगा। बेहतर होगा अब तुम किसी सीक्रेट जगह पर चली जाओ। कम से कम अपनी शादी होने तक।’’
‘‘आप बेफिक्र रहें। मुझे कुछ नहीं होगा। बाकोल वाले भले ही तकनीक में हमसे आगे हैं लेकिन अक्ल से पैदल ही हैं।’’ ज़ारा पूरे भरोसे के साथ बोली।
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मंदोरा की कार जब हाबू के महल में लैंड हुई तो वहाँ मौजूद पहरेदारों ने फौरन उसे सम्राट के कक्ष तक पहुंचा दिया। सम्राट ने पहले ही उन्हें इसके लिये आदेश दे रखा था।
मंदोरा कक्ष का दरवाज़ा खोलकर अन्दर दाखिल हुआ और हैरत में पड़ गया।
सम्राट एक कुर्सी पर मुंह लटकाये बैठा हुआ था। और उसके ठीक सामने बेड पर एक विशालकाय अजगर विराजमान था।
‘‘अरे! ये अजगर आपके बेड पर कहाँ से आया।’’ मंदोरा चौंककर बोला, ‘‘मैं अभी इसे ऊपर पहुंचाता हूं।’’
कहते हुए मंदोरा ने अपनी पिस्टल निकाली और अजगर के ऊपर तान दी।
‘‘हाँय क्या करता है। ये पीको है।’’ सम्राट जल्दी से खड़बड़ा कर खड़ा हो गया।
‘‘ऐं। पीको अजगर के रूप में क्यों है?’’ हैरत से पूछा मंदोरा ने।
‘‘क्या बताऊं। ये थोड़ी देर पहले अपना मेकअप करवाके अजगर बन गया है, और साथ में बहुत बड़ी कसम खा ली है। बकुली की लैंडियों की कसम।’’ सम्राट उदास होकर बोला।
बकुली बाकोल ग्रह की सबसे पवित्र जीव मानी जाती थी। और हर घर में उसे पाला जाता था। बाकोल वालों का यकीन था कि वे सभी बकुली के ही वंशज हैं और इवोल्यूशन से बाद में इंसानी जामे में आ गये हैं। बकुली दिन में बस एक बार यानि सुबह तड़के अपने जिस्म का वेस्ट बाहर निकालती थी लैंडियों की शक्ल में।
‘‘इतनी बड़ी कसम पीको बेटे ने क्यों खा ली? और अजगर क्यों बन गये?’’ मंदोरा अवाक होकर पूछने लगा।
‘‘हमारे बेटे ने कसम खायी है कि अब वह तब तक इंसानी जामे में नहीं आयेगा जब तह ज़ारा नहीं मिल जाती।’’ सम्राट ने आगे बताया।
‘‘लेकिन मैंने सुना है कि ज़ारा महल में पहुंच चुकी है?’’
‘‘तुमने गलत सुना।’’ कहते हुए सम्राट ने किस्सा बयान कर दिया। और फिर आगे बोला, ‘‘मंदोरा, अब ज़ारा को बाकोल पर लाने की ज़िम्मेदारी तुम्हारी वरना हम अपने बेटे को हमेशा के लिये बस अजगर की ही शक्ल में देखते रह जायेंगे।’’
‘‘ऐसा नहीं होगा।’’ मंदोरा मज़बूत आवाज़ में बोला, ‘‘ज़ारा को अब मैं लेकर आऊंगा बाकोल ग्रह पर।’’

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