Friday, April 24, 2026

सूरैन का हीरो - भाग १

 


उसकी खूबसूरती सितारों को मात दे रही थी। उसके चेहरे पर वो कशिश थी कि नज़र एक बार पड़ने के बाद हटना गवारा नहीं करती थी। पूरे पाँच सौ लोगों की भीड़ में हर व्यक्ति की नज़र उसी के चेहरे पर थी लेकिन खुद उसकी नज़रें उन सबसे बेनियाज़ जाने किसको ढूंढ रही थीं। और जब उसे गायब पातीं तो झुंझलाहट में बाकियों को बुरी तरह घूरने लगतीं।

फिर एक और खूबसूरत उससे बड़ी उम्र की औरत उसके पास आयी।

‘‘ज़ारा बेटी बहुत लेट हो रहा है। अब तुम्हारे जन्मदिन का प्रोग्राम शुरू कर देते हैं। हमारे मेहमानो को देर हो रही है।’’

‘‘थोड़ी देर और रुक जाओ मदर। अभी वह तो आया ही नहीं जिसका मुझे इंतिज़ार है।’’ ज़ारा खोयी खोयी सी बोली। उसकी आवाज़ क्या थी जैसे सुरीली घंटियाँ बज रही हों।

‘‘तुम्हें किसका इंतिज़ार है ज़ारा?’’ माँ ने हैरत से पूछा।

‘‘वह गया।’’ दरवाज़े की तरफ देखकर वह खूबसूरत लड़की ज़ारा अपनी मदहोश कर देने वाली आवाज़ में बोली।

माँ की नज़रें दरवाज़े की तरफ उठ गयीं और साथ में कई और लोगों की। क्योंकि दरवाज़े से दाखिल हो रहा था एक खूबसूरत हैण्डसम जवान। वहाँ मौजूद कई लड़कियों ने उफ कहकर अपने सीनों पर हाथ रख लिये। लेकिन वह बिना किसी तरफ देखे ज़ारा की तरफ ही बढ़ रहा था।

ज़ारा भी बेताबी के साथ उसकी ओर बढ़ी।

‘‘कितनी देर लगा दी शीले तुमने। मैं कब से तुम्हारा इंतिज़ार कर रही थी।’’ ज़ारा ने उसके पास पहुंचकर शिकायती अंदाज़ अख्तियार किया।

‘‘माफ करना ज़ारा। दरअसल मैं बहुत ज़रूरी काम में फंस गया था।’’ आने वाले ने जल्दी से माफी मांगी।

‘‘क्या मेरी बर्थडे से ज़्यादा ज़रूरी भी कोई काम हो सकता है?’’ ज़ारा की भंवें टेढ़ी हो गयीं।

‘‘ज़ारा ये तुम्हारी पचासवीं बर्थडे है और अगले साल इक्यावनवीं होगी। मतलब ये कि बर्थडे तो हर साल मनता ही रहेगा।’’ कहने वाला तो मामले को टालने की कोशिश कर रहा था इससे अंजान कि उसके जुमले मामले को विस्फोटक रूप में पहुंचाये दे रहे हैं।

‘‘इसका मतलब कि जब मेरी दो सौ वीं बर्थडे होगी तो तुम्हारी नज़र में उसकी अहमियत बिल्कुल ही खत्म हो जायेगी।’’ अब ज़ारा बाकायदा लड़ने के मूड में गयी थी।

‘‘अच्छा बाबा सॉरी।’’ शीले ने अपने मुंह पर फौरन हाथ रख लिया और उसका ध्यान बंटाने की कोशिश करने लगा, ‘‘अब प्रोग्राम तो शुरू करो। देखो सब इंतिज़ार कर रहे हैं। और हमारी तरफ अजीब नज़रों से घूर रहे हैं।’’

ज़ारा को होश गया कि इस वक्त वे सैंकड़ों लोगों के हुजूम में हैं। उसने अपने को संभाला और सर हिलाते हुए एक निहायत सजे धजे व्यक्ति की तरफ घूम गयी जो शायद ईवेंट मैनेजर था। इस वक्त मैनेजर के पीछे मोर जैसी पूंछ नज़र रही थी। उसने एक फैंसी ड्रेस ही पहन रखी थी लेकिन तकनीक ने उसे ऐसी बना दिया था जैसे वह ड्रेस उसके जिस्म का ही हिस्सा है।

उसका इशारा पाकर ईवेंट मैनेजर स्टेज पर पहुंचा और साथ ही उसके पीछे की मोर जैसी पूंछ उसी तरह गोलाई में घूम गयी जैसे कोई मोर नाचते वक्त अपने को ढाल लेता है।

उसने बोलना शुरू किया। स्टेज पर कोई माईक नहीं मौजूद था लेकिन जब उसने बोलना शुरू किया तो पूरी फिज़ा में उसकी आवाज़ गूंजने लगी।

‘‘यहाँ मौजूद सम्मानित अतिथियों। आज हम यहाँ अपनी प्रिय राजकुमारी, अपने सूरैन ग्रह की राजकुमारी ज़ारा का जन्मदिन मनाने के लिये इकट्ठा हुए हैं। और सबसे खास बात ये कि ये सूरैन ग्रह की इकलौती राजकुमारी का पचासवाँ जन्मदिन है। आप लोग खूब खुशियां मनाईए। एन्ज्वाय।’’

उसकी बात खत्म होते ही हाल में तेज़ म्यूज़िक गूंज उठा और वहाँ मौजूद तमाम लोग ज़ारा और शीले समेत उसकी धुन पर थिरकने लगे। वहाँ की ग्रैविटी कम कर दी गयी थी इसलिए सभी उस विशालकाय हॉल के फिज़ा में नाचते हुए तैरने लगे थे। कुछ ज़ारा की खूबसूरती में इतना खो गये थे कि तैरते हुए औंधे हो गये लेकिन तुरंत ही अपनी पत्नियों द्वारा लात खाकर वापस सीधे हो गये। 

सूरैन ग्रह पर पचास साल की उम्र जवानी की शुरूआत की उम्र थी। क्योंकि यहाँ के लोगों की औसत उम्र ही पाँच सौ साल थी। सूरैन ग्रह किसी अनजान गैलेक्सी के एक कोने में स्थित तारे के परितः चक्कर लगा रहा था। पृथ्वी से बहुत दूर।

---- जारी है

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