‘‘डरने की ज़रूरत नहीं।’’ सम्राट ने शीले को सकपकाते हुए देखकर मुस्कुराकर कहा, ‘‘मैं मज़ाक कर रहा हूं। हाँ तो अब मैं कहना चाहता हूं कि...’’ उसकी बात कट गयी क्योंकि उसी वक्त वहाँ सम्राट के चीफ सेक्रेटरी की आवाज़ का संकेत हुआ।
‘‘क्या बात है?’’ सम्राट पूछने लगा।
‘‘सर, बाकोल ग्रह के सम्राट हाबू का मैसेज है। वह अर्जेंट आपसे बात करना चाहता है।’’
‘‘हम इस वक्त दूसरे अर्जेंट काम में बिज़ी हैं। हाबू से बात करने का हमारे पास वक्त नहीं।’’ सम्राट ने टालने के भाव में कहा।
‘‘सर मैंने तो उससे पहले ही बोला है कि आप बहुत अर्जेंट मीटिंग में हैं लेकिन उसका कहना है कि उसका बात करना ज़्यादा अर्जेंट है।’’ सेक्रेटरी
की बातों से लगता था कि उसे भी इस वक्त हाबू का मैसेज देना अच्छा नहीं लग रहा है।
‘‘ये बाकोल ग्रह तो शायद वही है जिसका शासक हमेशा आपको धमकियां देता रहता है। जो हमेशा बोलता रहता है कि हमारे ग्रह को बरबाद कर देगा।’’ ज़ारा ने अंदाज़ा लगाया।
‘‘हमारे ग्रह की तरफ आँख उठाकर तो देखे पहले। हम उसके ग्रह का ही नामोनिशान
मिटा देंगे। लेकिन हम उसे कोई भाव देते ही कहाँ है। उससे कहीं ज़्यादा ताकत सूरैन के पास है।’’ सम्राट तैश में आकर बोला।
‘‘लेकिन वह इस वक्त क्या बात करना चाहता है?’’ ज़ारा सोचने के भाव में बोली।
‘‘ये तो सुन कर ही मालूम होगा।’’ कहते हुए सम्राट ने सेक्रेटरी
को बात कराने का आदेश दिया और दूसरे ही पल कमरे की फिज़ा में बाकोल ग्रह के सम्राट की इमेज नज़र आने लगी।
‘‘हैलो डियर मास्टर पंजुम। तुमसे बहुत दिन से बात नहीं हुई।’’ इस वक्त हाबू की तरफ से दोस्ताना माहौल ही दिखाई दे रहा था।
‘‘हाँ मुझे भी आश्चर्य है कि बहुत दिनों से तुम्हारी धमकियां सुनने को नहीं मिलीं।’’ न चाहते हुए भी मास्टर पंजुम यानि ज़ारा के बाप का लहजा हाबू से बात करते समय व्यंगात्मक हो जाता था।
‘‘माई डियर, अब पुरानी बातों को भूल जाओ। बहुत दिनों तक सोचने के बाद मेरी खोपड़ी में यही आया है कि सूरैन और बाकोल एक दूसरे के पड़ोसी हैं। इसलिए उन्हें मिल जुलकर ही रहना चाहिए।’’
‘‘इसका मतलब कि तुम्हारी जो अक्ल इधर उधर आवारा घूम रही थी वह आखिरकार तुम्हारी खोपड़ी में आकर फिट हो गयी है।’’
सम्राट के इस व्यंग्य पर ज़ारा व शीले दोनों को ही हंसी आ गयी थी लेकिन उन्होंने खूबसूरती से उसे दबा लिया। वरना मुमकिन था कि हाबू की दिखने वाली इमेज ही जल भुनकर राख हो जाती।
‘‘मास्टर पंजुम। सम्राट हाबू की अक्ल का डंका तो पूरी गैलेक्सी में बजता है। खैर छोड़ो। ये नहीं पूछोगे कि मैंने तुमको अचानक इस वक्त याद कैसे कर लिया।’’
‘‘ज़रूर पूछूंगा। तुम्हारे चेहरे से ही मालूम हो रहा है कि वाकई इस वक्त कोई इम्पोर्टेंट काम या ज़रूरत है मुझसे।’’
‘‘हाँ काम तो बहुत इम्पोर्टेंट है। सबसे पहले तो राजकुमारी ज़ारा की पचासवीं बर्थडे की मुबारक बाद कुबूल करो।’’ कहते हुए सम्राट हाबू ने बगल में ही रखा एक गुलदस्ता भी दिखा दिया था। हालांकि दूरी इतनी ज़्यादा थी कि उन फूलों की खुशबू वहां तक आना नामुमकिन था।
‘‘ये मुबारकबाद तो डायरेक्ट ज़ारा को ही दो।’’ कहते हुए सम्राट पंजुम ने ज़ारा को आगे कर दिया जो अभी भी वहीं मौजूद थी और इस बेटाईम दखल पर मुंह पर मुंह बनाये जा रही थी।
हालांकि बाकोल के सम्राट की मुबारकबाद पर उसे ज़बरदस्ती होंठों को सिकोड़ना ही पड़ा मुस्कुराने के अंदाज़ में।
‘‘ज़ारा, तुमको ये जानकर हैरत होगी कि मेरा बेटा पीको भी तुम्हारे बर्थडे प्रोग्राम
में शरीक था। और उसने बहुत एन्ज्वाय किया। वह तो कहता है कि ऐसे प्रोग्राम साल में कम से कम चार बार होने चाहिए।’’
‘बेटा तो तुम्हारा ही है न। अक्ल से पैदा होना पुश्तैनी बीमारी ही होती है।’ ज़ारा ने मन ही मन कहा और फिर हाबू से मुखातिब होकर बोल पड़ी, ‘‘आई एम सॉरी। मेरा बर्थडे हमेशा साल में बस एक ही बार मनाया जायेगा। लेकिन मैं नहीं मान सकती कि पीको उस फंक्शन में शामिल था। मैं अपनी बर्थडे प्रोग्राम
में आने वाले हर बन्दे को अच्छी तरह पहचानती थी। उसमें तुम्हारा बेटा तो क्या बाकोल का कोई भी बंदा नहीं था।’’
बाकोल का सम्राट ज़ोरों से हंसा। और फिर कहने लगा ‘‘शायद तुम्हें मालूम नहीं। हम साइंस और तकनीक में बहुत आगे निकल चुके हैं। अपने वैज्ञानिकों की अनोखी तकनीक से हम अपने को किसी भी रूप में ढाल सकते हैं। गौर से सुनो। तुम्हारी बर्थडे पार्टी में आयी हुई एक लड़की के साथ एक खूबसूरत ब्लैक डॉगी भी था जिसपर तुमने प्यार से हाथ फेरा था।’’
ज़ारा सोचने लगी कि उसने किस डॉगी पर हाथ फेरा था फिर उसे याद आया कि हाथ तो उसने कईयों पर फेरा था। वहां शादी शुदा तो अपने पतियों के साथ आयी थीं और कुंवारी कई कन्याएं अपने डॉगीज़ को लेकर पहुंची थीं।
‘‘वह ब्लैक डॉगी हमारा बेटा पीको ही था।’’ बाकोल ग्रह के सम्राट ने फख्र के साथ बताया।
‘‘हांयें।’’ ज़ारा के साथ साथ शीले की आँखें भी फैल गयीं।
‘‘ये हमारे ग्रह के महान वैज्ञानिकों की बनाई तकनीक का ही कमाल था कि मेरा बेटा तुमसे मिलकर आ गया और तुम उसे डॉगी ही समझती रहीं।’’ सम्राट हाबू मजे़ ले लेकर बता रहा था।
‘‘इसका मतलब अब हमें तुम लोगों से बहुत ज़्यादा सावधान रहना होगा। वरना तुम लोग किसी भी रूप में हमारे ग्रह पर पहुंच जाओगे और हमारा कुछ न कुछ नुकसान करके चले जाओगे। ये भी मुमकिन है कि हमारी कीमती चीज़ें भी लूट कर चले जाओ।’’ ज़ारा का बाप इस बार बोल पड़ा।
‘‘तुम्हारे पास क़ीमती है ही क्या। हमारे ग्रह पर तुमसे कई गुना ज़्यादा खज़ाना है।’’ हाबू गर्व से बोला, ‘‘बेफिक्र रहो, हम तुम्हारा अब कोई नुकसान नहीं करेंगे। खैर इसे छोड़ो। अब मैं वह इम्पोर्टेंट बात करने जा रहा हूं जिसके लिये फोन किया है।’’ अचानक हाबू का लहजा बदलकर गंभीरता के चोले में आ गया।
‘‘ऐं। मुझे तो लगा आपने मुझे बर्थडे विश के लिये ही फोन किया है।’’ ज़ारा चौंक कर बोली।
‘‘मेरी बात का सम्बन्ध तुमसे और तुम्हारी बर्थडे से ही है। तुम्हारी पचासवीं बर्थडे से।’’
‘‘हाबू, किसी सस्पेंस कहानी के हीरो मत बनो और साफ साफ बताओ क्या मामला है।’’ इस बार ज़ारा का बाप थोड़ा झल्लाकर बोला।
‘‘ठीक है। मैं अपना सस्पेंस तोड़ता हूं। सुनो ज़ारा जब तुमने डॉगी बने हुए मेरे बेटे पर प्यार से हाथ फेरा उसी वक्त से वह तुम्हारा दीवाना हो गया है और अब वह शादी करेगा तो बस तुम ही से और किसी से नहीं।’’
सम्राट हाबू के ये जुमले सुनकर ज़ारा बेहोश होते होते बची। एक कुत्ता किसी के हाथ फेरने पर उसके इश्क में डूब जाये इससे ज़्यादा अटपटी और क्या बात हो सकती थी।

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