Saturday, April 25, 2026

सूरैन का हीरो - भाग 2

सूरैन ग्रह के सम्राट मास्टर पंजुम तक भी जल्दी ही ये खबर पहुंच गयी कि ज़ारा शीले में इण्टरेस्ट ले रही है। इस वक्त शीले का थ्री डी फोटोग्राफ उसके हाथ में था और ज़ारा अपनी माँ के साथ उसके बगल में मौजूद थी।


‘‘लड़का देखने में तो ठीक है। लेकिन ये करता क्या है?’’

‘‘मेरे पिता, शीले सूरैन का सबसे बड़ा साइंटिस्ट है।’’ ज़ारा गर्व से बताने लगी।

‘‘मेरी बेटी तो बहुत बड़ा दावा कर रही है। क्या तुम्हें मालूम नहीं कि कम से कम पाँच सौ उच्च कोटि के साइंटिस्ट इस वक्त भी हमारे महल में मौजूद हैं।’’ सम्राट धीरे हंसा।

‘‘जानती हूं। इसके बावजूद मेरा ये दावा नहीं हक़ीक़त है। क्या आप देखना चाहेंगे कि उसने मेरी बर्थडे पर क्या गिफ्ट किया?’’

‘‘हाँ ज़रूर।’’

ज़ारा ने तुरन्त अपने फोन पर किसी से बात की और थोड़ी ही देर में उसकी सेक्रेटरी वहाँ हाज़िर हो गयी चाँदी का एक पिंजरा लेकर जिसमें सुनहरे रंग का तोता नज़र रहा था।

‘‘मेरे पिता, ये गिफ्ट मुझे शीले ने भेंट किया है।’’ ज़ारा की आवाज़ जोश से भरपूर थी।

‘‘ये मामूली सा तोता!’’ सम्राट ने एक कहकहा लगाया।

‘‘इतनी जल्दी राय कायम कीजिए।’’ ज़ारा मुस्कुराकर बोली, ‘‘बेहतर है आप इस तोते से पहले कुछ सवाल करें।’’

‘‘अच्छा तो ये बोलने वाला तोता है।’’ सम्राट एक बार फिर हंसी उड़ाने वाले लहजे में बोला, ‘‘लेकिन फिर भी ये मामूली ही कहलायेगा। बोलने वाला तोते बेचने वाले सूरैन की हर सड़क पर मिल जाते हैं।’’

‘‘मेरे पिता, पहले सवाल।’’ ज़ारा ने फिर टोका।

‘‘ऑल राइट!’’ सम्राट ने हाथ हिलाया और तोते को मुखातिब किया, ‘‘डियर तोते तुम कौन हो?’’

‘‘सूरैन के महान सम्राट मास्टर पंजुम होंजी को गिल्लू का सलाम। मैं वह बला हूं जिसके पास पूरे यूनिवर्स का ज्ञान है।’’ तोते के जवाब ने सम्राट को चौंका दिया।

‘‘अरे कमाल है। पूरे यूनिवर्स का ज्ञान। अब ये दूसरा दावा है। अभी तो सूरैन के सबसे बड़े साइंटिस्ट वाला दावा साबित नहीं हुआ और तुमने दूसरा दावा ठोंक दिया।’’

‘‘मेरे पिता। दोनों दावे एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। अगर इसका दावा साबित हो गया तो पहला अपने आप साबित हो जायेगा।’’

‘‘करेक्ट। अच्छा तो तोते मियाँ। पहले तो यही बताओ कि गिल्लू नाम हमारे सूरैन पर तो पाया नहीं जाता तो फिर तुमने ये नाम कहाँ से उठाया?’’

‘‘अच्छा सवाल। इसी यूनिवर्स में पृथ्वी नाम का एक प्लेनेट भी है जहाँ हमारे जैसे ही इंसान बसते हैं। लेकिन हमसे बहुत ज़्यादा बैकवर्ड हैं वो लोग। वहां महादेवी नाम की एक लेखिका गुज़री है। गिल्लू उसकी कहानी के एक कैरेक्टर का नाम था।’’

‘‘इण्टरेस्टिंग।’’ इस बार सम्राट की आँखों में तोते के लिये प्रशंसा के भाव थे। ज़ारा ने अब सुकून की साँस ली। यानि उसका पिता थोड़ा सा क़ायल हुआ था।

‘‘अच्छा ये बताओ कि ये गिल्लू कैरेक्टर रियल में यूनिवर्स के किस कोने में मिलेगा?’’ सम्राट का अगला सवाल था।

‘‘माफ कीजिए। अभी पृथ्वी के साहित्यकार इतने विकसित नहीं हुए हैं कि वो अपने कैरेक्टर को रियल बना सकें।’’ तोते ने जवाब दिया।

‘‘हाँ पिता।’’ ज़ारा ने तोते की बात का समर्थन किया, ‘‘शीले भी एक बार पृथ्वी के बारे में बता चुका है। जिस तरह हमारे साहित्यकार कहानी को जिंदा कैरेक्टर्स के ज़रिये पेश कर देते हैं ऐसा पृथ्वी पर नहीं होता। ज़्यादा से ज़्यादा वह फिल्म या ड्रामा क्रियेट कर पाते हैं जहाँ असली लोग उन कैरेक्टर्स की नक़ल करते हैं मात्र।’’

‘‘फिर तो वे लोग बहुत ही बैकवर्ड हैं। वह ग्रह कितनी दूर है यहाँ से?’’ अब सम्राट अपने ग्रह से दूर इस पृथ्वी नामक अंजान ग्रह में कुछ ज़्यादा ही इण्टरेस्ट लेने लगा था।

‘‘ज़्यादा नहीं, बस दो वार्महोल की दूरी पर है।’’ तोते ने जवाब दिया।

ज़ारा ने मन ही मन हिसाब लगाया। दो वार्महोल का मतलब ये पृथ्वी नामक ग्रह उनके ग्रह से लाखों लाईट ईयर की दूरी पर था। लेकिन वार्महोल उस जगह बहुत जल्दी भी पहुंचा सकते थे।

‘‘गुड फिर तो हम वहाँ पिकनिक के लिये जा सकते हैं।’’ सम्राट चुटकी बजाकर बोला।

‘‘अब इतना भी आसान नहीं। ये दोनों वार्महोल्स सेकंड के सौवें हिस्से में प्रकट होते हैं और फिर गायब हो जाते हैं। और स्पेस टाईम के किस हिस्से में पैदा होंगे, ये भी मालूम करना लगभग नामुमकिन है। सही स्पेस टाइम में नहीं पहुंच पाये तो हमेशा के लिये यूनिवर्स में भटकना पड़ सकता है।’’

‘‘ओह। कोई बात नहीं। इतने बैकवर्ड ग्रह पर जाकर करेंगे भी क्या।’’ सम्राट लापरवाही से बोला।

लेकिन उसे नहीं पता था कि आगे चलकर वह बैकवर्ड ग्रह उसके परिवार के लिये महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।

‘‘तुम मुझे कोई ऐसी जगह बताओ जहाँ जाकर हमें मज़ा जाये।’’ सम्राट ने फिर तोते को संबोधित किया।

‘‘फिर तो आपको इण्टरगैलेक्टिक सिंगुलर वायड की सैर करनी चाहिए।’’

‘‘ये क्या बला है?’’ सम्राट चौंक कर बोला, ‘‘इस नाम को हम पहली बार सुन रहे हैं।’’

‘‘इण्टरगैलेक्टिक सिंगुलर वायड एक ऐसा रीजन है जहाँ हमारे ग्रह या दूसरे ग्रहों पर मरने वाले लोगों के कुछ अंश पहुंच जाते हैं। और वहाँ वे एक दूसरे में मिक्स होकर अजीबोगरीब सूरतों में जाते हैं। मतलब ये कि उनमें से कोई फूलों की शक्ल में हो जाता है जिसके बीच में इंसानी चेहरा दिखता है या शेर का मुंह गीदड़ के बदन पर नज़र आयेगा या फिर ऐसे भी प्राणी मिलेंगे जो नीचे से खाकर ऊपर से निकालते हैं।’’ तोता बता रहा था।

‘‘ठीक है ठीक है।’’ सम्राट ने उसे आगे बोलने से रोक दिया, ‘‘कभी प्लान बनायेंगे तो तुमसे ज़रूर पूछेंगे।’’

‘‘तो आपको यकीन हो गया कि शीले का ये इन्वेंशन अद्भुत है।’’ ज़ारा ने उम्मीद भरी नज़रों से अपने पिता की ओर देखा।

‘‘हाँ। अच्छी चीज़ है। लेकिन इसे बनाने के पीछे उसने टेक्नालॉजी कौन सी इस्तेमाल की है?’’ अब सम्राट गौर से तोते का निरीक्षण कर रहा था।

‘‘ये तो वो ही बता सकता है।’’

‘‘तो फिर उससे कहो मुझसे आकर मिले। उससे बात करके शादी का फाइनल भी तो करना है।’’ वह शांत स्वर में बोला।

ज़ारा उछल पड़ी। सम्राट के लहजे से साफ था कि उन्हें इस शादी से कोई एतराज़ नहीं था। लेकिन लड़के से एक बार बात करना ज़रूरी था।

हर लड़के की तरह शीले भी लड़की के बाप के समाने जाने से शरमा रहा था इसलिए ज़ारा को उसे सम्राट के सामने लाने में पसीने गये।

‘‘वेलकम जवान।’’ सम्राट ने उसका इस्तेकबाल किया, ‘‘तुम सूरैन के सबसे खुशकिस्मत जवान हो क्योंकि मेरी बेटी ने तुम्हें पसंद किया है।’’

‘‘जी ये उनकी महानता है।’’ शीले ने धीमी आवाज़ में कहा और ज़ारा ने उसे घूर कर देखा।

‘‘मैं भी महान ही हूं। क्योंकि तुम मुझे भी पसंद गये हो।’’ सम्राट की आवाज़ में बादशाहों वाली गरज के साथ जिंदादिली भी भरपूर झलक रही थी।

शीले का सर और ज़्यादा झुक गया विनम्रता के कारण।

‘‘मुझे लगता है मेरी इकलौती बेटी के लिये तुम बेहतरीन साथी साबित होगे। और अगर नहीं हुए तो ये तुम्हारा सर भी तोड़ सकती है।’’

‘‘पिताजी!’’ ज़ारा ने गुस्से और लाड के मिले जुले भाव के साथ सम्राट को देखा।

---- जारी है

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