‘‘मैं अपने इकलौते बेटे की ख्वाहिश के लिये कुछ भी कर सकता हूं।’’ हाबू आगे कह रहा था, ‘‘मास्टर पंजुम तुम्हारे लिये कितनी खुशी की बात होगी। इस शादी के बाद हम और तुम रिश्तेदार हो जायेंगे। और दो पड़ोसी ग्रहों के बीच सालों से चलने वाली तकरार हमेशा के लिये खत्म हो जायेगी।’’ हाबू खुशी खुशी कह रहा था।
‘‘लेकिन हाबू तुमने ये कैसे सोच लिया कि हम अपनी इकलौती बेटी को दूसरे ग्रह और वह भी ऐसे ग्रह पर भेजेंगे जहाँ से हमेशा हमें धमकियां ही मिला करती हैं।’’ सम्राट मास्टर पंजुम इस बार गंभीर होकर बोला।
‘‘घबराने की ज़रूरत नहीं। जब तुम्हारी बेटी हमारे ग्रह पर पहुंच जायेगी तो हम कोई धमकी नहीं देगे। अरे फिर तो रिश्तेदार
ही हो जायेंगे।’’ हाबू अपनी धुन में ही मस्त था।
‘‘वो तो ठीक है लेकिन मामला ये है कि हम अपनी बेटी की शादी पहले ही तय कर चुके हैं। तुम मिलो ज़ारा के होने वाले पति से।’’ कहते हुए सम्राट ने शीले को आगे कर दिया।
हाबू थोड़ी देर के लिये इस तरह खामोश हो गया मानो उसे सकता हो गया है। लेकिन फिर संभलकर बोला, ‘‘अगर ये तुम्हारे अपने ग्रह का है तो राजकुमार तो हो नहीं सकता। क्योंकि वहाँ तुम्हारे अलावा और कोई शाही खानदान नहीं। किसी राजकुमारी के लिये राजकुमार ही होना चाहिए। और हमारा पीको एक राजकुमार है।’’
‘‘ये जवान हमारी ज़ारा की पसंद है। इसलिए इसका राजकुमार होना न होना कोई अहमियत नहीं रखता। और मुझे लगता है यह पीको से बेहतर है। क्योंकि इसे डॉगी बनकर किसी अंजान पार्टी में जाने का शौक नहीं।’’
मास्टर पंजुम की बात पर इस बार हाबू का चेहरा गुस्से से लाल हो गया।
‘‘मास्टर पंजुम। मैं पहले भी कह चुका हूं। अपने बेटे की खुशी के लिये मैं कोई भी कदम उठा सकता हूं। अगर तुम ज़ारा की शादी पीको से नहीं करोगे तो इसका अंजाम अच्छा नहीं होगा।’’
‘‘देखो अब तुमने फिर धमकियां देनी शुरू कर दीं।’’ ज़ारा का बाप हंसी उड़ाने के भाव में बोला।
‘‘इस बार ये धमकी नहीं है। मैं कल तक का वक्त देता हूं। सोचने के लिये। जवाब हाँ में होना चाहिए वरना।’’ कहकर हाबू ने कनेक्शन काट दिया।
‘‘ये कमबख्त कहाँ से बीच में टपक पड़ा।’’ ज़ारा बड़बड़ाई। उसके चेहरे से परेशानी ज़ाहिर होने लगी थी।
‘‘उसको परे करो। और शादी की तैयारियां
करो।’’ सम्राट मास्टर पंजुम सर झटक कर बोला।
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पूरे सूरैन ग्रह पर धूम मच गयी थी कि उनकी राजकुमारी की शादी एक नौजवान साइंटिस्ट शीले के साथ तय हो गयी है। नतीजे में ग्रह के जवान शीले की किस्मत पर रश्क कर रहे थे और वो लड़कियां जो शीले के साथ अपनी जोड़ी बनाने का ख्वाब पाल रही थीं उनके अरमानों पर ओस पड़ गयी। फिर भी वे खुश थीं क्योंकि शीले उनके बदले किसी घटिया को तो अपना हमसफर नहीं बना रहा था बल्कि सूरैन की राजकुमारी उसकी जीवन साथी बनने जा रही थी।
इस वक्त भी ज़ारा आने वाले रोमांटिक खुशनुमा दिनों की याद में खोयी हुई थी और हौले हौले कदमों से अपनी आलीशान ख्वाबगाह में चहलकदमी कर रही थी कि अचानक उसकी नज़र एक कोने में रखे चाँदी के पिंजरे पर गयी जिसके भीतर शीले का दिया हुआ गिफ्ट यानि वह सुनहरा तोता मौजूद था।
‘‘क्या हाल है मेरे प्यार के खूबसूरत तोहफे, मेरे गिल्लू जी?’’ उसने पिंजरे के पास जाकर उसे हौले से पुकारा।
‘‘आपकी दुआओं से मैं बिल्कुल ठीक और सेहतमन्द हूं।’’ तोते ने जवाब दिया।
‘‘तुम्हारा दावा है कि तुम्हारे पास पूरे यूनिवर्स का ज्ञान है। तो मैं तुमसे एक सवाल पूछती हूं।’’
‘‘ज़रूर पूछो। मेरे पास हर सवाल का जवाब है।’’ तोते ने जवाब दिया।
‘‘मुझे बताओ, अपनी शादी को लेकर जितनी बेताबी मुझे हो रही है, क्या शीले को भी इतनी ही बेताबी है? मेरा मतलब क्या वह भी बेचैनी से इधर उधर टहल रहा है? क्या मेरी तरह उसकी भी भूख प्यास उड़ चुकी है?’’
‘‘हाँ उसे तो बहुत दिनों से कोई भूख प्यास नहीं लग रही है।’’ तोते ने जवाब दिया और ज़ारा की खुशी कई गुना बढ़ गयी।
‘‘बहुत अच्छा। यानि दोनों तरफ है आग बराबर लगी हुई। मुझे यकीन नहीं आता कि शीले भी मेरे साथ अपनी शादी के लिये इतना बेताब हो गया है कि उसकी भूख प्यास सब उड़ गयी।’’ वह बच्चों की तरह उछलते हुए बोली।
‘‘यकीन करना भी नहीं चाहिए। क्योंकि वह तो अपने खास साइंटिफिक
एक्सपेरीमेन्ट में बिजी है इसलिए उसकी भूख प्यास उड़ी हुई है।’’
तोते का ये अटपटा जवाब सुनते ही ज़ारा का मूड एकदम से खराब हो गया।
‘‘क्या बोला तूने।’’ वह गुर्राई,
‘‘यानि वह अपने एक्सपेरीमेन्ट के आगे हमारी शादी को ही भुला बैठा है। हो ही नहीं सकता।’’
‘‘इस बारे में मुझे जानकारी नहीं। क्योंकि मेरा ज्ञान किसी के मन को नहीं पढ़ पाता। लेकिन ज़ाहिर तो यही होता है।’’ तोता बिल्कुल किसी फिलास्फर की तरह सोच में डूबा हुआ बोल रहा था।
‘‘अगर तुम्हारी बात सच हुई तो मैं तुम्हारी और उसकी दोनों की गर्दन मरोड़ दूंगी। और अगर झूठ हुई तो सिर्फ तेरी गर्दन मरोडं़ूगी।’’ ज़ारा मुट्ठियाँ भींचकर बोली।
‘‘मुझ मज़लूम पर रहम खाईए प्लीज़।’’ तोता गिड़गिड़ाकर
बोला, ‘‘अगर मुझे कुछ हुआ तो मेरे माँ बाप जिनके अण्डे की मैं पैदाईश हूं यतीम हो जायेंगे।’’
‘‘ये कैसे हो सकता है। तुम्हारे माँ बाप कहां से पैदा हो गये? तुम तो शीले का इन्वेंशन हो।’’ ज़ारा ने हैरत से कहा।
‘‘जी मैं असली तोता हूं। दूसरों की तरह मेरे माँ बाप भी हैं। आपके होने वाले हसबैंड ने सिर्फ मेरे दिमाग में एक माईक्रोचिप लगायी है जिसका कनेक्शन अपनी लैब की इंसाईक्लोपीडिया मशीन से कर दिया है। मैं अपनी चिप के ज़रिये उस मशीन से नालेज लेता हूं और सामने वाले को सुना देता हूं।’’ तोता अभी भी गिड़गिड़ा रहा था।
‘‘ठीक है तुम्हें तो मैं छोड़ दूंगी लेकिन उसकी गर्दन तो ज़रूर मरोड़ दूंगी। मैं अभी जाती हूं उसके पास।’’
‘‘एक सवाल पूछने की हिम्मत कर रहा हूं। अगर आप मेरे माँ बाप को यतीम न करने का वादा करें।’’ अगर तोते के हाथ होते तो ज़रूर इस वक्त ज़ारा के सामने जुड़े हुए दिखाई देते।
‘‘बको।’’
‘‘अगर आप उसकी गर्दन मरोड़ देंगी तो फिर शादी किसके साथ करेंगी?’’
‘‘फिकर मत करो।’’ ज़ारा मुस्कुराई,
‘‘जब तक मैं अपनी आँख से न देख लूंगी तब तक कोई कदम नहीं उठाऊंगी। अब एक तोते की बात का क्या भरोसा।’’
‘‘लेकिन अगर मेरी बात सच निकली?’’
‘‘फिर देखा जायेगा। मेरी जैसी खूबसूरत लड़की के बहुत परवाने मिल जायेंगे। अभी तो मैं जाती हूं शीले की हरकतें देखने।’’
वह तेज़ी से बाहर निकली और कुछ ही पलों बाद उसका छोटा सा गुलाबी रंग का कारनुमा वाहन शीले के घर की तरफ उड़ चला था।
हालांकि शीले ज़ारा की तरह शाही घराने से तो नहीं था लेकिन ग़रीब भी नहीं था। उसके घर का आकार किसी भी तरह एक छोटे शहर से कम नहीं था।
सूरैन ग्रह विशालता के मामले में पृथ्वी जैसे कई ग्रहों को अपने में समा सकता था और वहाँ के निवासियों के पास जगहें भी उसी अनुपात में थीं।
जब उसकी फ्लाइंग कार शीले के घर में मौजूद कार हैंगर में आकर लैंड हुई तो शीले का फर्स्ट सेक्रेटरी दौड़ता हुआ उसके पास पहुंच गया। सूरैन की राजकुमारी को वी.आई.पी. ट्रीटमेन्ट मिलना ज़रूरी था।
आते के साथ ही उसने सर झुकाया।
‘‘शीले कहाँ है?’’ ज़ारा ने इधर उधर देखते हुए पूछा।
‘‘जी वह तो अपनी लैब में है।’’
‘‘ओ.के. मैं भी उधर ही जाती हूं।’’ वह लैब की दिशा में कदम बढ़ाने लगी।
उसके लिये शीले का पूरा घर जाना पहचाना था क्योंकि वह अक्सर वहाँ आया ही करती थी। सेक्रेटरी उसके पीछे पीछे था और राजकुमारी के साथ चलने के लिये उसे लगभग हांफते हुए दौड़ना पड़ रहा था। ज़ाहिर है वह अब बुढ़ापे की तरफ कदम बढ़ा रहा था जबकि राजकुमारी ने अभी अभी जवानी में कदम रखा था।
‘‘उसने शादी के लिये क्या क्या तैयारियां
कर लीं? मेरा मतलब शापिंग वगैरा ढंग से कर ली?’’
‘‘जी, अभी तक तो वह घर से ही नहीं निकले।’’
सेक्रेटरी का जवाब सुनकर ज़ारा वहीं ठिठक गयी और पीछे आता हुआ सेक्रेटरी झोंक में उससे टकराते टकराते बचा।
‘‘क्या कहा? उसने अभी तक कोई तैयारी नहीं की? शीले इतना गधा कैसे हो सकता है। क्या मेरी च्वाइस गलत है?’’ वह अपने आप से कह रही थी, फिर सेक्रेटरी
से पूछ बैठी, ‘‘अरे कुछ तो बताया होगा हमारी शादी के बारे में।’’
‘‘जी वह कह तो रहे थे कि अब वो शादी करने जा रहे हैं। लेकिन फिर उसके बाद लैब में जो घुसे हैं तो अभी तक बाहर नहीं निकले।’’
‘‘उसे मैं निकालूंगी
कान पकड़कर। अब उसकी शामत आ गयी है।’’ ज़ारा दाँत पीसकर बोली, ‘‘आज या तो मैं रहूंगी या फिर उसकी लैब।’’ ज़ारा के कदमों में और तेज़ी आ गयी।
‘‘म...मैं जाकर चिल्ड कोल्ड ड्रिंक का इंतिज़ाम करता हूं।’’ सेक्रेटरी
सकपका कर बोला। और धीरे से दूसरी तरफ खिसक गया। अब उसे राजकुमारी के गुस्से का एहसास हुआ था।

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