Monday, July 4, 2011

ड्रामा द ग्रेट डिक्टेटर्स (Part - 7 & Last)


डा0सायनाइड  : देखा तुमने, मैंने क्या कहा था। जब बहुत सी पावर्स इकट्‌ठा होती हैं तो वह एक दूसरे को ही नष्ट कर देती हैं। इसलिए पावर बैलेंस बहुत ज़रूरी है। अभी मैं अपनी टोपियों पर आगे और रिसर्च करूंगा। 

जैक्सन  : आखिर ये रिसर्च करके तुम क्या साबित करना चाहते हो। इन डिक्टेटरों को पैदा करने से दुनिया को क्या फायदा पहुंचेगा। 
डा0सायनाइड  : मैं दुनिया को बहुत बड़ा फायदा पहुंचाने जा रहा हूं। इस रिसर्च से हमें ये समझने में मदद मिलेगी कि अगर दुनिया में कोई डिक्टेटर पैदा हो जाये तो उससे दुनिया को बचाया कैसे जाये।  
जैक्सन  : कहीं लेने के देने न पड़ जायें। डाक्टर मैं तुम्हारी बरबादी का भविष्य देख रहा हूं। 
डा0सायनाइड  : मैं तुझे वर्तमान में ही हेलीकाप्टर में उड़ाकर उसका पंखा बन्द कर दूंगा। नालायक, हर वक्त मनहूस बोलियां बोलता रहता है।
(उसी वक्त जार्ज बुश और हिटलर वापस आ जाते हैं। पीछे पीछे क्लियोपेट्रा भी है।) 

जार्ज बुश  : आज के दौर में हमारे दो ऐसे बड़े दुश्मन मौजूद हैं जो हमारे दुनिया के कब्ज़े की राह में सबसे बड़ी रुकावट हैं। ये है ओसामा बिन लादेन और सद्दाम हुसैन। 
हिटलर  : और बादशाह अकबर? 
जार्ज बुश  : उससे हमें कोई खतरा नहीं। अनारकली ने उसे बेकार कर दिया है। हम आज से ओसामा और सद्दाम को टेररिस्ट एनाउन्स करते हैं ताकि वह जहां भी दिखें दुनिया के बच्चे पत्थर लेकर उन्हें दौड़ा लें।

(उसी वक्त मि0कन्फ्यूज़ कराहते हुए स्टेज पर दाखिल होता है।)

मि0कन्फ्यूज़  : हाय हाय। 
जार्ज बुश  : अरे मि0कन्फ्यूज़। तुमको क्या हुआ? 
मि0कन्फ्यूज़  : अरे क्या बताऊं। हमारे गुजरात में नर्मदा बचाव वालों ने प्रोटेस्ट में मेरे घर पर धावा बोल दिया। मैं बचने के लिये औरतों के कपड़े पहनकर खिड़की से बाहर कूद गया और बाहर झाड़ियों में घुस गया। मुझे क्या पता था कि वहां आतंकवादी ग्रुप लश्करे तौबा पहले से छुपा हुआ है।
जार्ज बुश  : तो क्या उन्होंने तुमको मारा? 
मि0कन्फ्यूज़  : अरे उससे भी बुरा किया। उन्होंने मुझे औरत समझकर मेरा रेप कर डाला। 
हिटलर  : हांय। क्या उनको पता नहीं चला कि तुम औरत नहीं मर्द हो। 
मि0कन्फ्यूज़  : हाय! पता तो तब चलता जब वो आगे से काम करते। हाय हाय। 

जार्ज बुश  : आज टेररिज्म़ पूरी दुनिया के लिये खतरा बन चुका है। किसी की जान माल और इज्ज़त आबरू सेफ नहीं रह गयी है। हमको इस टेररिज्म़ को पूरी दुनिया से जड़ से मिटाना होगा। इस टेररिज्म़ को टा टा कहना होगा।
मि0कन्फ्यूज़  : टा टा तो हमारे गुजरात में पहले से है। अपनी नैनो के साथ।
जैक्सन  : (डा0सायनाइड से) क्या नैनो टाटा की माशूका का नाम है?
डा0सायनाइड  : इस चिथड़े को आशिक माशूक के अलावा कुछ सुझाई नहीं देता। चल भाग यहां से। (वह जैक्सन को ध्क्का देता है और जैक्सन छिटक कर दूर चला जाता है।)

जार्ज बुश  : मि0कन्फ्यूज़ के साथ जो हरकत हुई है उसने हमारा काम आसान कर दिया। 
हिटलर  : वह कैसे? 
जार्ज बुश  : अब हम पूरी दुनिया को टेररिज्म़ का टेरर दिखाकर जहां चाहें वहां हमले कर सकते हैं। और अपना कब्ज़ा जमा सकते हैं। चलो, अब हमें देर नहीं करनी चाहिए। 

(वह आगे बढ़ते हैं, उसी वक्त सामने से सद्दाम, ओसामा, अकबर और अनारकली पहुंच जाते हैं।)

ओसामा  : रुक जाओ। हम तुम्हें तुम्हारे मकसद में हरगिज़ कामयाब न होने देंगे। 
जार्ज बुश  : (हिटलर से।) इन्हें अपनी मिसाईलों से दाग़ दो। ये जिहादी हैं। जिहादी मुसलमान होते हैं। मुसलमान टेररिस्ट होते हैं और हमको टेररिज्म़ के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई लड़नी है। 
(हिटलर और जार्ज बुश आगे बढ़ते हैं और सददाम व ओसामा से टकरा जाते हैं। कुछ देर दोनों में छीना झपटी चलती है और फिर जार्ज बुश व हिटलर ओसामा व सद्दाम की टोपियां उतारने में कामयाब हो जाते हैं। दोनों की टोपियां उतरते ही दोनों बेहोश होकर गिर जाते हैं।)
जार्ज बुश  : हम कामयाब हो गये। हमने दुनिया पर से टेररिज्म़ का खतरा उतार कर फेंक दिया। 

(दोनों अपने अपने हाथों की टोपियां तोड़ मरोड़ कर नीचे फेंक देते हैं। और फिर अपने पैरों तले कुचलने लगते हैं।)

जार्ज बुश  : अब हमारे बच्चे इज़्राइल के लिये कोई खतरा नहीं। 
हिटलर  : (चौंक कर।) क्या कहा इज़्राइल? क्या तू यहूदी है? 
जार्ज बुश  : नहीं। में तो क्रिश्चियन हूं। यहूदी तो मेरे बच्चा इज्ऱाइल है।  
हिटलर  : कुत्ते, कमीने, मैं तेरा खून पी जाऊंगा। 

(वह जार्ज बुश से भिड़ जाता है। और जल्दी ही वो दोनों भी एक दूसरे की टोपियां उतार लेते हैं। इसी के साथ दोनों बेहोश होकर गिर जाते हैं। अब बादशाह अकबर आगे बढ़ता है और दोनों के हाथ से टोपियां ले लेता है।)
अकबर : हमने पहले ही कहा था कि हुकूमत करने का तजुर्बा सिर्फ हमारे पास है।
(वह दोनों की टोपियां अपने पैरों तले कुचलता है। उसी वक्त अनारकली आगे बढ़ती है।)
अनारकली  : बादशाह सलामत आपकी हुकूमत का दौर बीत चुका है। अब यहां अनारकली की हुकूमत चलेगी। 
(वह बादशाह के सर से टोपी खींच लेती है। बादशाह अकबर भी नीचे गिर जाता है। अनारकली उसकी टोपी को पैरों तले रौंद रही है।)

अनारकली  : आजतक अनारकली मर्दों के हाथों का खिलौना बनती थी लेकिन आज से मर्द अनारकली के हाथों की कठपुतली बनेंगे। 
(उसी वक्त क्लियोपेट्रा आगे बढ़ती है।)
क्लियोपेट्रा  : बेवकूफ तू भूल गयी कि औरत का सबसे बड़ा दुश्मन मर्द नहीं बल्कि औरत ही होती है। मर्दों को कठपुतली बनाने के लिए क्लियोपेट्रा काफी है। तू जाकर किसी कोठे पर मुजरे कर। 
अनारकली  : तेरी किस्मत में ममी बनना लिखा है तू जाकर अपने पिरामिड में आराम कर। 
(दोनों एक दूसरे पर झपट पड़ती हैं। और एक दूसरे की टोपी को तोड़ने मरोड़ने लगती हैं। जैसे ही उनके सरों से टोपियां अलग होती हैं वे दोनों भी बेहोश होकर गिर जाती हैं। अब डाक्टर सायनाइड आगे बढ़ता है और एक एक टोपी उठाकर देखता है।)

डा0सायनाइड : अरे मेरी टोपियां। मैंने कितनी मेहनत से इन्हें बनाया था। इन कमबख्तों ने सारी कि सारी बरबाद कर डालीं।
जैक्सन  : बहुत अच्छा हुआ। दुनिया के सर पर मंडराता बहुत बड़ा खतरा टल गया। अब तुम्हारी टोपियों को पहनकर कोई डिक्टेटर नहीं बनेगा। 
डा0सायनाइड  : तुम क्या समझते हो। अब कोई डिक्टेटर पैदा ही नहीं होगा। ये जान लो कि जब जब दुनिया में शांति का ज़ोर बढ़ता है तब तब एक महान डिक्टेटर पैदा होता है जो उस शांति का रेप कर डालता है। हाय मेरी इन टोपियों का कैसा रेप हुआ है। 
(सर पकड़कर बिखरी हुई टोपियों के बीच बैठ जाता है। जबकि जैक्सन उसके पीछे खड़ा खुशी से मटक रहा है।)

---समाप्त---
(c) लेखक
यदि कोई सज्जन या संस्था इसका मंचन करना चाहे तो मुझसे  zeashanzaidi@gmail.com पर सम्पर्क करें।
--- जीशान हैदर जैदी (लेखक)

2 comments:

Vivek Jain said...

very good,

विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

santoshsir1 said...

good stories. mere blog santoshshrivastava.blogspot.com par sampark kare please tatha meri hausala afjai karen.