Sunday, July 3, 2011

ड्रामा द ग्रेट डिक्टेटर्स - (Part - 6)


डा0सायनाइड  : तो फिर बेफिक्र रह। चल मैं तुझे चिकन टिक्का खिलाता हूं। 

जैक्सन  : (मुंह पर ज़बान फेरते हुए) डाक्टर इतनी देर के बाद तूने मेरे मन की बात की है। चल जल्दी चल। 
डा0सायनाइड  : (उसका हाथ पकड़कर) जेब में पैसे हैं न? 
जैक्सन  : हां, हैं तो। 
डा0सायनाइड  : तो फिर जल्दी चल। (दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़कर निकल जाते हैं।)       
 
  (उध्रा सारे डिक्टेटर फिर से स्टेज पर आ जाते हैं।)
जार्ज बुश  : इससे पहले कि हम दुनिया की मुहिम पर निकलें, हमारे बीच ये फैसला हो जाना चाहिए कि दुनिया जीतने के बाद बादशाहत की गद्दी पर कौन बैठेगा। वैसे ये फैसला मैंने कर लिया है। और यूएन भी मेरे फैसले से राज़ी है। 
हिटलर  : लेकिन तुम्हारा फैसला है क्या जार्ज बुश? 
जार्ज बुश  : बादशाहत की गद्दी पर बैठने का हक सिर्फ मेरा है। ताकि हम अपना लाइफ स्टाइल पूरी दुनिया पर थोप सकें। और अगर किसी ने हमारा लाइफ स्टाइल नहीं अपनाया तो हम उसका लाइफ बरबाद कर देंगे। उसे फांसी पर लटका देंगे। उसके घर में प्लेन क्रैश करा देंगे।
ओसामा  : लेकिन तुम्हारा लाइफ स्टाइल है क्या?
जार्ज बुश  : हम मार्निंग के टाइम मैदान में लोटा लेकर नहीं जाते, हम टायलेट पेपर लेकर जाते हैं। तुम भी वाटर नहीं पेपर लिया करो। हम सेक्स नीचे से नहीं ऊपर से करते हैं। तुम भी करो। हमारे बच्चों में मैरिज लड़के लड़के और लड़की लड़की के बीच होती है, तुम भी करो।
ओसामा  : अगर हम ऐसी शादियां करेंगे तो हमारे बच्चे किधर से आयेंगे? फिर हमारे जिहादी ग्रुप कहां बन पायेंगे?

अकबर  : तुम सब खामोश हो जाओ। बादशाह बनने का हक़ सिर्फ हमारा है। हमें बादशाहत का पूरा तजुर्बा है और हम जानते हैं कि मुल्क कैसे चलाया जाता है। 
अनारकली  : बादशाह सलामत, आप एक अनारकली को तो संभाल नहीं पाये। उसने पूरी दुनिया में आपकी नाक कटा दी। भला पूरी दुनिया की हुकूमत कैसे चला पायेंगे। 
अकबर  : खामोश गुस्ताख लड़की। काश कि हमने रियल में तुम्हें दीवार में चुनवा दिया होता तो आज ये दिन देखने के लिये हम ज़िन्दा न होते। तुम सब सुन लो, अगर मुझे बादशाहत न मिली तो मैं सत्याग्रह करूंगा। 
ओसामा  : सत्याग्रह, वो क्या होता है? 
अकबर  : ये लफ्ज़ कल मैंने किताब में पढ़ा था। इसका मतलब होता है कि आगे से हाथ जोड़कर पीछे से ठोंक दो। 

मि0कन्फ्यूज़  : मैंने इतिहास में पढ़ा है कि अकबर पढ़ा लिखा कम था। आज देख लिया।
हिटलर  : अकबर, अगर तुम सत्याग्रह करोगे तो मैं अनशन करूंगा। मैं अपने अनशन के लिये एक आर्मी तैयार कर रहा हूं। जो सबको गैस चैंबर में ले जाकर मरवा देगी।
डा0सायनाइड  : अगर आज गांधीजी ज़िन्दा होते तो वह अपने शब्दों की ये परिभाषाएं सुनकर बिना गोली खाये मर जाते।
ओसामा  : आप लोग अपनी कहे जा रहे हो। हमारी भी तो सुनो। अगर आप दुनिया पर हुकूमत करोगे तो हम क्या करेंगे?
जार्ज बुश  : हुकूमत हमारे लिये छोड़ दो और तुम जिहाद करो। पूरी दुनिया को मार मारकर मुसलमान बनाओ, हम कुछ नहीं बोलेंगे।

ओसामा  : भाड़ में जाये मुसलमान और इस्लाम। हमें भी दुनिया की गद्दी पर बैठना है। हमारे जिहाद का असली मक़सद तो यही है। सद्दाम चलो, हम इसका साथ यहीं छोड़ देते हैं।
जार्ज बुश  : अगर तुम हमारा साथ छोड़ोगे तो हम तुमको ऊंची बाउन्ड्री वाले दो मंज़िला मकान में कैद कर देंगे। और फिर हमारा बेटा आकर तुम्हारा एनकाउन्टर कर देगा।
मि0कन्फ्यूज़  : इसके लिये हमारी सेवाएं हाज़िर हैं। हम फर्जी एनकाउण्टर स्पेशलिस्ट हैं। अपने गुजरात में बहुत करवाये हैं।
सद्दाम  : ये बात गलत है जार्ज बुश। हम तुम्हारी कठपुतली नहीं है। बादशाह बनने और हुकूमत करने का हक़ सबको है। 
जार्ज बुश  : इसे देखो। हमारे हथियार लेकर हमी पर गुर्रा रहा है। इसको मैंने अपना पेट (Pet  ) बनाया था लेकिन ये तो जंगली निकल गया।
ओसामा  : जब चूहे की पूंछ पर पैर पड़ता है तो वह भी काट लेता है। 
जार्ज बुश  : भाड़ में जाओ तुम लोग। दुनिया पर कब्ज़े के लिये मैं अकेला ही काफी हूं। हिटलर आओ हम और तुम मिलकर इस मिशन को आगे बढ़ाते हैं।

(वह हिटलर का हाथ पकड़ता है और दोनों निकल जाते हैं।)
क्लियोपेट्रा : रुको मैं भी आती हूं तुम्हारे साथ। गददी पर तुम लोग बैठोगे लेकिन असली हुकूमत तो मैं ही करूंगी । 
(वह भी उसी दिशा में चली जाती है। 
सद्दाम  : बादशाह सलामत, हम भी मुसलमान और आप भी मुसलमान। आप हमारे खैमे में आ जायें।
अकबर  : मैं मुसलमान नहीं हूं। मैंने तो नया मज़हब चलाया है दीने इलाही। 
सद्दाम  : कोई बात नहीं। हम कौन सा असली मुसलमान हैं। लेकिन हमारे नाम तो मुसलमानों ही वाले हैं। हम लोग दुनिया में मुस्लिम बनाम गैर मुस्लिम जिहाद का नारा दे रहे हैं। इस नारे के ज़रिये हम सब मिलकर इन लोगों का बैंड बजा देंगे।
ओसामा  : बैंड बजाना हमारे मज़हब में हराम है।

सददाम  : अबे अक्ल के खोते, मैंने मुहावरा बोला है। ये साला हर वक्त हमें अपनी मिसाईलों से डराता रहता है। चल अँधेरे में उसकी मिसाईलों को माचिस की तीली दिखा दें। सब मोमबत्ती की माफिक जलकर खत्म हो जायेंगी।
ओसामा  : आईडिया तो बढ़िया है। तो बादशाह सलामत, क्या आप हमारे खैमे में आने के लिये तैयार हैं। 
अकबर  : ठीक है। लेकिन एक शर्त है मेरी। 
ओसामा  : वह क्या? 
अकबर  : हमारी अनारकली को तुम लोगों में से कोई आँख उठाकर न देखे। 
सददाम  : आप बेफिक्र रहें बादशाह सलामत उसे कोई आँख उठाकर नहीं देखेगा 
ओसामा  : जब ज़रूरत होगी हम बिना देखे उसे हरम में शामिल कर लेंगे। 
अकबर  : ऐं।
अनारकली  : या खुदा। अनारकली की इज्ज़त हर ज़माने में लुटी है और लुटती रहेगी। (गाती है) ऐ मेरे मुश्किल कुशा, फरियाद है फरियाद है। आपके होते हुए दुनिया मेरी बरबाद है। 

(सद्दाम उसकी तरफ बढ़ता है लेकिन ओसामा उसका हाथ पकड़ लेता है।)

ओसामा  : उसकी तरफ मत देखो। हमने बादशाह अकबर से वादा किया है कि उसकी तरफ आँख उठाकर न देखेंगे। 
सद्दाम  : लेकिन उसकी दुनिया जो बरबाद हो रही है उसका क्या होगा? एक काम करते हैं। 
ओसामा  : क्या? 
सद्दाम  : हम लोग पहाड़ पर चढ़ जाते हें और फिर उसे आँख झुकाकर देखते हैं। 
(इस बार ओसामा बिना कुछ बोले उसका हाथ पकड़ता है और बाहर निकल जाता है। फिर बादशाह अकबर अनारकली का हाथ पकड़ता है और बाहर निकल जाता है।)

3 comments:

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') said...

जोरदार चल रही है यह श्रृंखला।

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…ये ब्‍लॉगिंग की ताकत है...।

Arvind Mishra said...

बाप रे इतने महान किरदारों को एक साथ लेकर भी धडधडाती चल रही है कहानी ...:)

Sam said...

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