Welcome in the world of Hindi Science Fiction. In this blog you will see the science fiction Stories/Novels of Zeashan Zaidi. In addition you will also read the latest discussions/news related to Indian (Hindi) science fiction.

Sunday, July 17, 2011

उल्टा दांव (Part - 2)

फैम वासी इधर कई दिनों से अजीब सी बेचैनी महसूस कर रहे थे। हमेशा शांतचित और प्रसन्नचित रहने वाले फैमवासी इधर काफी उग्र स्वभाव के होते जा रहे थे। ज़रा ज़रा सी बातों पर एक दूसरे से मारपीट करना आम बात हो गयी थी। 
यहां तक होता तब भी ग़नीमत था। असली समस्या तो ये थी कि उनके जिस्म अत्यन्त कमज़ोर होने लगे थे। आपसी झगड़ों में अगर कोई दूसरे को थप्पड़ भी लगाता था तो दूसरे के मुंह से खून आ जाता था और वो बेहोश हो जाता था। और अगर कहीं ये थप्पड़ ज्य़ादा ज़ोर से लग जाता तो सामने वाला जान से हाथ धो बैठता था। 
बदन की हड्‌िडयां इतनी भुरभुरी हो गयी थीं कि हल्की सी चोट में भी टूट जाती थीं।

हद तो तब हो गयी जब फैम के बादशाह रामिश से खुद उसके नौकर ने बदतमीज़ी कर डाली। रामिश ने उसे किसी गलती पर टोका था। जिसके जवाब में उसका नौकर इतना क्रोधित हुआ कि उसपर जूता फेंक दिया। बादशाह रामिश के सुरक्षा गार्डों ने जब उस नौकर की यह हरकत देखी तो उसे इतना पीटा कि वह मौके पर ही खत्म हो गया।
इसके बाद रामिश ने एक हंगामी बैठक बुलायी। जिसमें उसका पूरा मन्त्रीमंडल शामिल हुआ।
‘‘हम अपने ग्रह की मौजूदा सिचुएशन से बहुत परेशान हैं। आम आदमी छोटी छोटी बातों पर आपे से बाहर हुआ जा रहा है। ऐसा लगता है जैसे लोग एक दूसरे को फाड़ खाने का इरादा बना बैठे हों। क्या आप लोगों ने यह बात महसूस की है?’’

सब ने रामिश की बात पर सहमति में सर हिलाया। सभी ने यह बात अच्छी तरह महसूस की थी। 
‘‘और दूसरी समस्या जो हमें दिखायी दे रही है कि हमारे ग्रह के लोगों के भीतर से जैसे सारी शक्ति छिन गयी हो। ग्रह के युवक इतने कमज़ोर दिखाई दे रहे हैं जैसे उनके अन्दर कुछ करने की ताकत ही नहीं बची।’’ बादशाह रामिश की इस बात से भी सभी को इत्तेफाक था।
‘‘आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? कहीं हमारे ग्रह पर कोई अनजानी बीमारी तो नहीं फैल रही है?’’ रामिश ने हेल्थ मिनिस्टर की ओर देखा। 
‘‘सर, हमारे डाक्टरों के अनुसार ग्रह के लोगों में किसी बीमारी का न तो वायरस और न ही बैक्टीरिया पाया गया है। हम अपने ग्रह से बीमारी फैलाने वाले तमाम वायरस और बैक्टीरिया पहले ही मिटा चुके हैं।’’ हेल्थ मिनिस्टर ने कहा, ‘‘लेकिन----’’

‘‘लेकिन क्या?’’ रामिश ने आतुरता से पूछा।
‘‘ग्रह वासियों में कमज़ोरी और गुस्से की बात हमारे डाक्टरों ने भी मार्क की है। और उन्होंने जो नतीजा निकाला है वह ये कि ग्रह वासियों के जिस्म में अजीब सा परिवर्तन आ रहा है। यह परिवर्तन सभी में देखा जा रहा है, क्या अमीर और क्या ग़रीब। लेकिन इस परिवर्तन की वजह ढूंढी नहीं जा सकी है।’’
‘‘अगर सभी में ये समस्या पैदा हो रही है तो इसका एक ही मतलब हो सकता है।’’
‘‘वह क्या?’’ हेल्थ मिनिस्टर ने पूछा।
‘‘समस्या का स्रोत पूरे ग्रह के लिये एक ही होना चाहिए। तुम लोग सोचो, वह स्रोत क्या हो सकता है।’’
‘‘पानी?’’ एक मिनिस्टर ने अंदाज़ा व्यक्त किया।
‘‘नहीं। वह ग्रह के विभिन्न हिस्सों में बदल जाता है।’’ 
‘‘हवा?’’ 
‘‘नहीं। हवा भी ग्रह के अलग अलग हिस्सों में अलग अलग है।’’

‘‘सूर्य का प्रकाश?’’
‘‘हाँ। यह मुमकिन है। लेकिन यही प्रकाश हज़ारों साल से हमारे शरीरों पर पड़ रहा है। मेरा ख्याल है, हमारे ग्रह के वायुमंडल में कोई ऐसा विकिरण प्रवेश कर रहा है जो ग्रहवासियों पर खराब प्रभाव डाल रहा है।’’ 
‘‘लेकिन हमारा ग्रह तो सुरक्षा घेरे में है।’’
‘‘उस सुरक्षा घेरे को चेक कीजिए और साथ में बाहर से आने वाले विकिरण को भी। मि0 मारियो, ये काम मैं आपको सौंपता हूं। क्योंकि सुरक्षा घेरे को कण्ट्रोल करने वाली मशीन आप ही की देख रेख में रहती है।’’
मारियो ने सर हिलाया। इसी के साथ मीटिंग बर्खास्त हो गयी।
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लेकिन इसके तुरंत बाद ही बादशाह को फिर से एक हंगामी मीटिंग बुलानी पड़ी। क्योंकि मारियो ने जाँच के बाद जो रिपोर्ट तैयार की थी वह अत्यन्त गम्भीर थी।
‘‘तुम्हारा मतलब हमारा सुरक्षा घेरा पूरी तरह हट चुका है। और उसकी जगह कोई नया घेरा आ चुका है।’’ बादशाह रामिश ने मारियो की तरफ चिंताजनक दृष्टि से देखते हुए कहा। 
‘‘जी हाँ।’’ मारियो ने सर हिलाया, ‘‘यह नया घेरा हमारे लिये अत्यन्त खतरनाक है। क्योंकि यह बाहर से आने वाले लाभदायक विकिरण को तो रोक दे रहा है जबकि हानिकारक विकिरण को ग्रह की ओर भेज देता है। इसी हानिकारक विकिरण की वजह से हमारे ग्रह पर लोग कमज़ोर और गुस्से वाले हो रहे हैं।’’ 
‘‘लेकिन ऐसा हुआ कैसे? किसने हमारे सुरक्षा घेरे को बदल दिया’’ रामिश ने पूछा। 
‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि यह हरकत सम्राट बोरस की है। वह बहुत दिन से हमारे ग्रह पर कब्ज़े का ख्वाब देख रहा है।’’ इस बार सेनापति बोला।

‘‘हम सिर्फ अनुमान के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहरा सकते।’’ रामिश ने इंकार में सर हिलाया।
‘‘सेनापति जी सही कह रहे हैं। ये हरकत सम्राट बोरस की ही है।’’ इस बार मारियो बोला।
‘‘ये तुम कैसे कह सकते हो?’’ रामिश ने उसकी ओर देखा।
‘‘मैंने सुरक्षा घेरे को कण्ट्रोल करने वाली मशीन का पूरा रिकार्ड देखा है। और उससे मुझे मालूम हुआ कि इस घेरे को तोड़ने वाली किरणें बोरस के ग्रह से आयी थीं।’’
‘‘अगर ऐसा है, तो भी हम बोरस के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। क्योंकि वह हमसे कई गुना ज्य़ादा शक्तिशाली है।’’ सेनापति ने कहा। 
‘‘हाँ, बेहतर यही है कि हम अपने सुरक्षा घेरे को नये सिरे से और ज्य़ादा शक्तिशाली बनायें। मारियो ये काम कितने दिन में हो सकता है?’’
‘‘इसके लिये कम से कम एक महीने के वक्त लगेगा।’’
‘‘ठीक है। तुम अपना काम शुरू कर दो।’’
‘‘एक अंदेशा और भी है।’’ इस बार सेनापति बोला। 
‘‘क्या?’’

‘‘जब बोरस को पता चलेगा कि हम अपना सुरक्षा घेरा फिर से बना रहे हैं तो वह जान जायेगा कि हम उसकी चाल समझ चुके हैं। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि वह हम पर तुरंत हमला कर दे। चूंकि हमारा सुरक्षा घेरा टूट चुका है इसलिए उससे बचना बहुत मुश्किल होगा।’’
‘‘हाँ। ये भी हमारे सामने एक गंभीर समस्या है।’’ बादशाह रामिश गंभीरता पूर्वक इस मसले पर विचार करने लगा।

‘‘मेरे पास एक प्लान है।’’ थोड़ी देर बाद मारियो बोला।
‘‘क्या है तुम्हारा प्लान?’’ मारियो धीरे धीरे अपना प्लान बताने लगा। जैसे जैसे वह अपना प्लान बता रहा था वैसे वैसे रामिश की आँखों में चमक आती जा रही थी। 
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2 comments:

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') said...

रोचक, रोमांचक।

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ब्‍लॉगसमीक्षा की 23वीं कड़ी।
अल्‍पना वर्मा सुना रही हैं समाचार..।

Vaneet Nagpal said...

जीशान अली जी,
नमस्कार,
आपके ब्लॉग को सिटी जलालाबाद डाट ब्लॉगस्पोट डाट कॉम के "हिंदी ब्लॉग लिस्ट पेज पर लिकं किया जा रहा है |

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