Wednesday, May 27, 2026

सूरैन का हीरो - भाग 34

चूंकि वह बाकोल का सम्राट था इसलिए उसे अपने ग्रह की जेलों के बारे में पूरी जानकारी भी थी। और उसे मालूम था कि इस वक्त वह एक खास जेल में कैद किया गया है जिसे वह खुद हाविया नाम से पुकारता था।


हाविया कि खासियत ये थी कि उसमें गै्रविटेशनल वेव्स को डार्क एनर्जी के साथ मिलाकर स्पेस कर्वेचर को स्प्रिंग की तरह बल दे दिया जाता था जिसके नतीजे में रौशनी तो बाहर ही रह जाती थी और अन्दर जाने वाला अन्दर ही बल खाता रह जाता था ठीक किसी स्प्रिंग की तरह। जैसा कि इस वक्त हाबू का हाल हो रहा था।

एक खास दायरे में जब तक वह रहता था, उस वक्त तक तो आराम मिलता था लेकिन जैसे ही वह किसी एक तरफ ज़्यादा आगे बढ़ने की कोशिश करता उसे मालूम होने लगता जैसे कोई ताकत उसे वापस अपनी जगह खींच रही है और जैसे जैसे वह आगे बढ़ता वह खिंचाव वाली ताकत भी बढ़ती जाती और उसे ऐसा लगता मानो उसके जिस्म के अभी चिथड़े हो जायेंगे।

लाचार होकर वह वापस अपनी जगह जाता।

नाचते नाचते अचानक उसके दिमाग में एक तरकीब गयी जो अगर कामयाब हो जाती तो वह उस अँधेरी जेल से बाहर सकता था। अब उसे उस साइंटिस्ट की बात याद गयी जिसने इस तरह की जेल को तैयार किया था। वह साइंटिस्ट और कोई नहीं बल्कि डा0 कोसी ही था।

‘‘मेरी बनायी इस जेल से कोई भी बाहर नहीं सकता सिवाय उसके जिसे इससे बाहर आने की तरकीब मालूम है।’’ जेल का प्रेजेंटेशन दिखाते हुए डा0कोसी बोला।

‘‘वह किस तरह?’’ हाबू ने उससे पूछा।

‘‘बात ये है कि इस स्प्रिंग नुमा जेल में रहने वालों को हवा और पानी पहुंचाना तो ज़रूरी है न।’’ डा0कोसी कह रहा था, ‘‘तो फिर उसे पहुंचाने के लिये कोई कोई रास्ता होना चाहिए।’’

‘‘जेल के पहरेदार हैं इस काम के लिये, इसमें इतना सोचने की क्या बात है।’’

‘‘पहरेदार हैं लेकिन रास्ता नहीं है।’’ कहकर डा0कोसी चुप हो गया।

‘‘पहेलियाँ क्यों बुझा रहे हो? साफ साफ बात करो।’’ हाबू झुंझला कर बोला।

‘‘मेरी ये जेल इस तरह की है जिसमें से निकलना भी  मुश्किल है और साथ ही अन्दर जाना भी। दोनों कामों के लिये खास तकनीक का इस्तेमाल करना होगा।’’

‘‘अब वह तकनीक भी बता दो।’’ हाबू गुर्राकर बोला।

‘‘तकनीक ये है कि अन्दर पहुंचाने वाली चीज़ को तेज़ी के साथ रोटेट कराना होगा। जिसके लिये उसे किसी तेज़ी के साथ नाचने वाले बर्तन में या वाहन में रखकर भेजना होगा। फिर वह चीज़ या कोई जीव मेरी स्प्रिंगनुमा जेल का अन्दर उसी तरह पहुंच जायेगा जैसे किसी स्प्रिंग को ज़मीन पर नचाकर ज़मीन में एक गहरा गड्ढा किया जा सकता है। इसके अलावा और कोई तरकीब नहीं किसी चीज़ को अन्दर भेजने की।’’

‘‘और अगर किसी को वहाँ से बाहर निकालना हो?’’

डा0कोसी ने जवाब देने के लिये मुंह खोला ही था कि हाबू को अपने फोन पर कॉल का मैसेज मिला और फिर वह फोन पर किसी से बात करने लगा। शायद कोई ज़रूरी बात थी जिसकी वजह से कॉल बन्द करके वह फौरन वहाँ से रवाना हो गया। और फिर दोबारा डा0कोसी से बाहर निकलने के रास्ते के बारे में पूछना भूल गया।

और अब इस वक्त बुरी तरह अपनी उस भूल पर पछता रहा था। अगर उस दिन वह बाहर निकलने के रास्ते के बारे में पूछ लेता तो शायद इस वक्त वह जेल से बाहर होता।

‘‘क्या हो सकता है वह रास्ता?’’ वह अपने दिमाग के घोड़े दौड़ाने लगा।

काफी देर सोचने के बाद उसके दिमाग में ख्याल आया, अगर किसी चीज़ को यहाँ तक लाने के लिये तेज़ी के साथ रोटेट कराना होता है तो बाहर निकालने के लिये भी रोटेट ही किया जायेगा। क्योंकि स्प्रिंग को एक तरफ घुमाया जाये तो वह ज़मीन या किसी नर्म चीज़ में छेद करती हुई अन्दर पहुंच जाती है। लेकिन अगर उसे उल्टी दिशा में घुमाया जाये तो फिर से बाहर निकल जाती है।

‘‘तो क्या मैं उल्टी दिशा में घूमते हुए बाहर निकल सकता हूं?’’ उसके दिमाग में विचार कौंधा? और उसने अपने विचार पर किस्मत आज़माने का फैसला किया।

लेकिन उल्टी दिशा कौन सी होगी?’ वह फिर चक्कर में पड़ गया।

फिर उसने तय किया कि उस ग्रह पर बकुली के मंदिरों में जो परिक्रमा की दिशा होती थी वह उसके विपरीत चक्कर लगायेगा।

लेकिन चक्कर की स्पीड?

इसमें भी उसने तय किया कि वह पूरी ताकत के साथ अपनी अधिकतम स्पीड से चक्कर लगायेगा। भले ही बाद में उसे पूरी दुनिया घूमती हुई दिखाई दे।

अब उसने बिना वक्त गँवाये अपनी सोच पर अमल करना शुरू कर दिया। और जल्दी ही उसे एहसास हो गया कि शायद उसकी तरकीब काम कर गयी।

क्योंकि अब उसे लग रहा था कि उसकी जगह धीरे धीरे बदल रही है और उसे कोई प्रेशर भी नहीं मालूम हो रहा था। उसने अपनी आँखें बन्द कीं और जोश में और तेज़ी के साथ चकराने लगा।

फिर अचानक उसे एक झटका लगा और वह बुरी तरह किसी से जाकर टकरा गया। सर मालूम होता था किसी ठोस चीज़ से जाकर टकराया है। उसके मुंह से दर्दभरी चीख निकली और साथ में कराहट की भी आवाज। लेकिन ये कराहट की आवाज़ उसकी तो थी।

फिर जल्दी ही उसकी समझ में गया कि वह अपने ही जैसे किसी बन्दे से टकराया है। उसने अपनी आँखें खोल दीं। और उसे देखने की केशिश करने लगा जिससे टकराया था।

लेकिन वहाँ भी पूरी तरह अँधेरा ही छाया था।

‘‘कौन है भाई?’’ उस अनजान आदमी ने भर्राई हुई आवाज़ में पूछा और हाबू को वह आवाज़ जानी पहचानी महसूस हुई।

‘‘मैं बाकोल का सम्राट हाबू हूं लेकिन तुम कौन हो?’’ उसने गर्जदार आवाज़ में पूछा लेकिन बदले में उसे कोई जवाब नहीं मिला।

‘‘मैं पूछता हूं, कौन हो तुम और क्या तुम भी मेरी तरह कैद में हो?’’

‘‘बाकोल के सम्राट हाबू को किसने कैद कर दिया?’’ सामने वाले ने हैरत भरी आवाज़ में पूछा।

‘‘जिसने भी किया है मैं बहुत जल्द उसे उसके अंजाम तक पहुंचा दूंगा। लेकिन तुम कौन हो? मुझे तुम्हारी आवाज़ जानी पहचानी क्यों लग रही है?’’ वह उलझन भरे अंदाज़ में पूछ रहा था।

‘‘हाबू मेरी आवाज़ नहीं पहचानेगा तो और कौन पहचानेगा। हाबू - तुम ही ने तो मुझे यहाँ लाकर कैद किया है।’’ इस बार हाबू उसे पहचान गया।

ये तो बाकोल का भूतपूर्व सम्राट शीबू था जिसे उसने अपनी साज़िशों और ताकत के बल पर हरा दिया था और खुद सम्राट बन बैठा था।

उसने एक गहरी साँस ली।

‘‘बहुत खूब। यानि अब बाकोल के भूतपूर्व और वर्तमान सम्राट एक ही जगह इकट्ठा हो गये हैं।’’ वह बोला।

‘‘मैं तो भूतपूर्व हूं ये बात ठीक है। लेकिन मेरा ख्याल है कि अब तुम भी भूतपूर्व हो चुके हो। और बाकोल की गद्दी किसी तीसरे की तशरीफ के नीचे पहुंच चुकी है।’’ इसबार भूतपूर्व सम्राट तंज़िया अंदाज़ में बोला।

‘‘नहीं!’’ हाबू दहाड़ा, ‘‘वर्तमान सम्राट मैं ही हूं। ये बस कुछ दिनों का मामला है। फिर मैं उसे सबक सिखाकर अपनी गद्दी पर दोबारा पहुंच जाऊंगा।’’

‘‘लगता है अभी ताज़ा ताज़ा मामला है जो तुम ऐसा जोश दिखा रहे हो। कुछ दिन बाद तुम भी मेरी तरह खामोश होकर दिन गिनने लगोगे अपनी मौत का। वैसे यहाँ दिन या रात का पता ही नहीं चलता।’’ भूतपूर्व सम्राट फिर तंज़िया अंदाज़ में बोला।

‘‘मैं तेरा गला दबाकर यही मौत दे दूंगा।’’ हाबू दहाड़ा। जिसके जवाब में सामने से एक कहकहा फूटा और वह गुस्से में मुट्ठियाँ भींचकर एक बार फिर चक्कर काटने लगा।

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जल्दी ही बाकोल के भूतपूर्व सम्राट शीबू को मालूम हो गया कि हाबू को कैद करने वाला खुद उसका सगा बेटा पीको है। जो उसे कैद करके खुद उसकी जगह गद्दी पर बैठ गया है।

ये सुनकर वह बेतहाशा कहकहे लगाने लगा।

‘‘हंस क्यों रहा है मरदूद!’’ हाबू बौखलाकर बोला।

‘‘आज मेरे दिल में ठंडक पड़ गयी।’’ शीबू हंसते हंसते बोला, ‘‘तूने मेरी गद्दी छीनी और आज तेरे ही बेटे ने तुझसे तेरी गद्दी छीन ली। कुदरत ने अच्छा बदला दिया है तुझसे मेरा।’’

‘‘बादशाहों की गद्दियां तो छिनती ही रहती हैं।’’ इस बार अपने को कण्ट्रोल करके हाबू मुस्कुराया। और एक दिन मैं अपनी गद्दी दोबारा हासिल कर लूंगा।’’

‘‘उसके लिये तो तुम्हें अपने ही बेटे से मुकाबला करना होगा। और उस मुकाबले में तय है कि एक का खून दूसरे के हाथों हो जायेगा।’’ शीबू ने ध्यान दिलाया।

‘‘हाँ! पीको का खून हाबू के हाथों होगा।’’ हाबू गुर्राया और शीबू हैरत में पड़ गया। पहले एक बेटे ने बाप को गद्दी के लालच में कैद कर दिया। और अब बाप बेटे का खून बहाने की बात कर रहा था।

‘‘देखते हैं। पहले तो तुम इस जेल से निकल कर तो दिखाओ।’’ शीबू लापरवाही के साथ बोला।

‘‘जेल से तो मैं एक दिन निकल ही जाऊंगा। अरे!’’ अचानक हाबू चौंक पड़ा।

‘‘क्या हुआ?’’ शीबू ने उसे चौंकते देखकर पूछा।

‘‘मैं अब उस जेल में तो नहीं हूं जिसमें मुझे पीको ने कैद किया था।’’

‘‘ये तुम कैसे कह सकते हो?’’

‘‘क्योंकि उस जेल में तुम नहीं थे। तुम्हें तो मैंने कैद किया था। दूसरी जेल में। क्योंकि उस वक्त तक मेरी वो खतरनाक स्प्रिंगनुमा जेल हाविया बनी ही नहीं थी। इसका मतलब मैं अपनी तरकीब से उस खतरनाक जेल हाविया से बाहर चुका हूं।’’

‘‘ओह। लेकिन उससे फर्क क्या पड़ता है। जेल में तो तुम अब भी हो।’’ शीबू एक बार फिर व्यंग्य के साथ बोला।

‘‘फर्क पड़ता है।’’ हाबू मुस्कुराया, ‘‘उस जेल में मैं पूरी तरह लाचार था। लेकिन यहाँ नहीं। वह जेल तो ऐसी थी जिसमें मैं अपने चाहने वालों को किसी तरह का सिग्नल नहीं भेज सकता था। लेकिन यहाँ पर भेज सकता हूं।’’

‘‘सिग्नल भेजने के लिये तुम्हारे पास सिग्नल भेजने वाली डिवाईस भी तो होनी चाहिए। और मुझे यकीन है कि तुम्हें कैद करने से पहले तुम्हारे बेटे ने हर डिवाईस तुमसे छीन ली होगी।’’

‘‘मैं खुद चलती फिरती डिवाईस हूं।’’ हाबू गुर्राया।

‘‘बदबूदार गैस सभी के पेट में बनती है लेकिन उसे छोड़ने को सिग्नल भेजना नहीं कहते।’’ शीबू ने एक बार फिर उसे चिढ़ाया।

‘‘तुम उतना ही सोच सकते हो जितनी तुम्हारे दिमाग में बकुली की मेंगनियां हैं। तुम मेरी तरकीबों तक पहुंच ही नहीं सकते।’’ कहते हुए हाबू कहकहा मारकर हंस पड़ा। और शीबू इस तरह उसे घूरने लगा मानो उसकी दिमागी हालत पर शक कर रहा हो।

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पीको के सामने इस वक्त पेशी हुई थी डा0कोसी और गोजर की। और साथ में बाकोल के तमाम बड़े वैज्ञानिकों की। बस उन वैज्ञानिकों में हाबू के साले का साढ़ू शामिल नहीं था, क्योंकि पीको ने उसे महल में बनने वाली शराब का सुपरवाईज़र बना दिया था। पीको के अनुसार हाबू के साले के साढ़ू का मुनासिब काम वही था।

पीको ने फिलहाल गोजर को राहत दे दी थी यानि कि उसे कीमती पत्थरों के पहाड़ से वापस बुला लिया था और साथ ही उस पहाड़ के कुछ टुकड़े उसे इनाम के तौर पर बख्श दिये थे। और साथ में बोला था, ‘‘तुम एक होनहार साइंटिस्ट हो इसलिए मैं तुम्हें इनाम दे रहा हूं इस शर्त के साथ कि आगे तुम मेरे लिये पूरी वफादारी के साथ काम करोगे।’’

‘‘आप हुक्म कीजिए पीको सम्राट। गोजर आपके लिये अपनी जान भी दे सकता है।’’ खुशी खुशी बोला गोजर। क्योंकि अब वह बाकोल के सबसे अमीर लोगों में शामिल हो चुका था पीको की बख्शिश की बदौलत।

‘‘मुझे तुम्हारी जान लेकर चाटना थोड़ी है।’’ पीको मुंह बनाकर बोला, ‘‘तुम्हें तो मेरे महान काम के लिये जुटना है। एक अज़ीम मकसद है मेरा। बाकोल के सारे वैज्ञानिक अब मेरे उस मकसद के लिये काम करेंगे।’’

‘‘सम्राट पीको। आप हमें उस मकसद के बारे में बतायें। हम सब जी जान से उसके लिये काम करेंगे।’’ गोजर एक बार फिर पूरी चापलूसी के साथ बोला।

‘‘सुनो। मैं बाकोल का सम्राट बन चुका हूं। और पड़ोसी ग्रह सूरैन को तबाह कर चुका हूं। अब मैं इससे आगे की सोच रहा हूं।’’ कहकर वह थोड़ी देर के लिये चुप हो गया और सभी अटकलें लगाने लगे कि वह आगे की क्या सोच रहा है।

‘‘अब मुझे पूरे यूनिवर्स का सम्राट बनना है।’’ पीको की बात सुनकर वहाँ मौजूद सारे वैज्ञानिकों का मुंह खुला रह गया।

ये बहुत बड़ी बात थी। जाने पूरे यूनिवर्स में कितने बड़े बड़े सूरमा छुपे हुए थे जिन पर हुकूमत करने की ये सनकी सम्राट सोच रहा था।

‘‘ये नामुमकिन है महाराज।’’ एक वैज्ञानिक अपनी सोच को ज़बान पर ले आया, ‘‘अभी तो हमें यही नहीं पता कि यूनिवर्स में कितने ग्रह हमसे ज़्यादा विकसित हैं। ऐसे में हम उनपर कैसे विजय हासिल कर सकते हैं?’’

उसकी बात सुनकर पीको का चेहरा गुस्से से लाल हो गया। दूसरे ही पल उसने जेब से पिस्टन निकाली और वैज्ञानिक को निशाने पर लेकर फायर कर दिया।

नतीजे में वह सूखी लकड़ी की तरह जलकर खत्म हो गया।

उसकी चीख पुकार सुनकर बाकी वैज्ञानिक सन्नाटे में गये।

‘‘मैंने अगर ठान लिया है कि हम यूनिवर्स के सम्राट बनेंगे तो बनेंगे। अगर किसी को मेरे मकसद में ज़बान से या हाथ पैरों से अड़ंगा लगाना है तो सामने आये।’’ वह गुर्राकर बोला।

सामने आना तो दूर सभी वैज्ञानिक दो कदम पीछे हट गये जल्दी से। किसी को भी सूखी लकड़ी की तरह जलने का शौक नहीं था।

‘‘अगर आप ने ठान लिया है तो यकीनन आप पूरे यूनिवर्स के सम्राट बनकर रहेंगे।’’ इस बार गोजर ही बोला।

‘‘और हम सबको इसके लिये काम करना होगा।’’ डा0 कोसी भी कहां पीछे रहने वाला था।

‘‘बिल्कुल ठीक।’’ इस बार पीको अपने भयानक अंदाज़ के साथ मुस्कुराया, ‘‘और यूनिवर्स को जीतने का नक़्शा हमने बना लिया है। तुम सबको उसी नक़्शे के हिसाब से अमल करना है।’’

वह एक बार फिर थोड़ी देर के लिये चुप हुआ और सभी सोचने लगे कि उसने क्या नक्शा बना लिया है।

उसने आगे बताना शुरू किया, ‘‘गोजर, तुम इंसानों और तरह तरह के जानवरों को मिलाकर नयी नस्लें बनाने के माहिर हो।

हम चाहते हैं कि अब तुम इतने खतरनाक जानवरों की नस्लें तैयार करो जिनसे कोई भी मुकाबला कर पाये। एक एक जानवर ऐसा हो कि पूरे का पूरा प्लेनेट उसके अन्दर समा जाये। और जिसके अन्दर हज़ारों साँपों का ज़हर भरा हो।’’ गोजर ने पीको के हुक्म पर सर हिलाया।

‘‘और डा0 कोसी तुम्हारे अन्दर ऐसे हथियार बनाने की क्षमता है जो सूरैन जैसे ग्रह को हमेशा के लिये खत्म कर सकते हैं। इसलिए तुम अपने हथियारों को और विकसित करो। ताकि बड़े से बड़ा ग्रह डरकर हमारे कदमों में झुक जाये।’’

डा0कोसी ने भी सर हिलाया।

‘‘हमारे ग्रह पर एक से बढ़कर एक होनहार साइंटिस्ट मौजूद हैं। तुम लोगों को ऐसे हथियार बनाने हैं जो क्वासर की एनर्जी को डार्क मैटर के साथ जोड़कर पूरे यूनिवर्स में तबाही मचा दें। हमारे दुश्मनों के लिये सैंकड़ों ब्लेक होल पैदा कर दें। मुझे लोगों के दिमाग पढ़ने की भी शक्ति चाहिए ताकि अपने छुपे दुश्मनों का दिमाग पढ़कर उनका पहले ही सफाया कर दूं।

और ये सब तबाही के सामान मुझे जल्द से जल्द चाहिए ताकि हम अपनी विजय यात्रा पर निकल सकें। यूनिवर्स की विजय यात्रा पर।’’

कहते हुए उसने मीटिंग बर्खास्त कर दी और सभी हाँफते कांपते वहां से निकल गये। उन्हें टार्गेट ही इतना मुश्किल मिला था कि उसे पूरा करने में सौ जन्म लग जाने थे। लेकिन पूरा तो इसी जन्म में करना था वरना उनका सम्राट वो हाल करता कि दूसरा कोई जन्म ही हो पाता।

सभी वैज्ञानिकों के बाहर निकलने के बाद भी डा0कोसी अभी रुका हुआ था। क्योंकि पीको ने उसे रुकने का इशारा किया था।

‘‘सुनो डा0कोसी, तुमने सूरैन को तो खत्म कर दिया लेकिन शायद हमारा मकसद पूरा हो पाया।’’ सबके जाने के बाद पीको ने बात शुरू की।

‘‘कैसा मकसद सम्राट?’’

‘‘सूरैन की तबाही के पीछे का मकसद ये था कि हमें अपने अपमान का बदला लेना था जो वहाँ की राजकुमारी ने किया था। उसने मुझे ठुकराकर उस कमबख्त वैज्ञानिक क्या नाम था हाँ शीले के साथ शादी कर ली थी।’’

‘‘जी सम्राट!’’ डा0कोसी ने सर हिलाया।

‘‘अब मेरा ख्याल है कि ज़ारा अभी भी जिंदा है अपने पति के साथ। और इसलिए मेरा बदला भी अधूरा है।’’

‘‘जी ये कैसे हो सकता है?’’ डा0 कोसी चौंक कर बोला।

‘‘मैं तुम्हें एक फिल्म दिखाना चाहता हूं। ये फिल्म सूरैन की तबाही के बाद की है। लगभग आखिरी स्टेज की फिल्म।’’ उसने जेब से छोटा सा प्रोजेक्टर निकाला और उसे सामने की दीवार पर फोकस कर दिया।

अब सूरैन की तबाही की चलती फिरती तस्वीरें वो लोग सामने दीवार पर देख रहे थे।

फिर डा0कोसी ने भी वह सीन देख लिया जब ज़ारा शीले का यान घातक किरणों की चपेट में आकर खत्म हो चुका था और फिर वो दोनों उस यान से बाहर निकलकर एक तेज़ रौशनी के घेरे में जाकर गायब हो गये।

फिर रौशनी का वह घेरा भी गायब हो गया। इसी के साथ डा0 कोसी ने उस ग्लोब को ज़ारा के हाथों से छिटकते हुए भी देख लिया था जिसे बाद में उन्होंने स्ट्रांग पुश किरणों की मदद से बहुत दूर फेंक दिया था। और जिसके बारे में बाद में पीको ने ख्याल ज़ाहिर किया था कि उसमें ज़ारा शीले का बच्चा हो सकता है।

‘‘मुझे यकीन है कि जिस रौशनी के घेरे में वो दोनों जाकर गायब हुए हैं वह तुमने नहीं बनाया था।’’

‘‘जी आप ठीक कहते हैं।’’

‘‘तो फिर वह घेरा क्या था? जिसमें जाकर वो दोनों गायब हो गये?’’

‘‘इस बारे में मैं सोच नहीं पा रहा हूं।’’ डा0कोसी सर हिलाकर बोला।

‘‘मुझे पक्का यकीन है कि वो दोनों हमसे बचकर निकल चुके हैं। और इसलिए मेरा इंतिक़ाम अभी अधूरा है।

डा0कोसी अब तुम्हें उनका पता भी लगाना होगा ताकि हम उन्हें सबक सिखाकर अपना इंतिकाम पूरा कर सके।’’

डा0कोसी धीरे धीरे सर हिलाने लगा।

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वह बिस्तर शायद उस यूनिवर्स का सबसे नर्म बिस्तर था जिसपर ज़ारा पसरी हुई थी। लेकिन ऐसा नर्म बिस्तर भी उसे काँटों की तरह चुभ रहा था। हर पल की बेचैनी उसे किसी करवट सुकून नहीं दे पा रही थी। कभी उसे अपने माँ बाप याद आते थे जो सूरैन की तबाही के साथ ही उससे हमेशा के लिये जुदा हो गये थे तो कभी उसे अपना वह बच्चा याद आता था जो उसकी गोद में आने से पहले ही उससे बिछड़ गया शायद हमेशा के लिये।

वह इन ही विचारों में गुम थी कि उसे किसी के आने की आहट महसूस हुई। लेकिन उसने पलट कर देखने की कोशिश नहीं की। क्योंकि उसे मालूम था कि आने वाला शीले के अलावा और कोई नहीं हो सकता।

उस पूरे यूनिवर्स में उन दोनों के अलावा और था ही कौन।

‘‘ज़ारा!’’ आखिरकार शीले ने ही उसे पुकारा।

‘‘हूं?’’ उसने बेज़ारी के साथ जवाब दिया।

‘‘ज़ारा, आज मैं तुम्हें एक खुशखबरी सुनाना चाहता हूं।’’

‘‘अब मेरे लिये क्या खुशखबरी हो सकती है? मैं जानती हूं अब तो मेरे माँ बाप मुझे फिर से मिलने वाले - और ही मेरा बच्चा।’’

क्या तुम ये कहना चाहते हो कि तुम हमारे बच्चे को अपने यूनिवर्स में लाने में कामयाब हो गये?’’

‘‘नहीं। वो खुशखबरी इतनी बड़ी तो नहीं है। फिर भी मेरी खबर तुम्हें खुश कर सकती है कुछ हद तक।’’

‘‘तो फिर बता डालो।’’ एक बार फिर वह बेज़ारी के साथ बोली।

‘‘सुनो! यूनिवर्स की डार्क एनर्जी के साथ मिलकर मेरी इन्फार्मेंशन रेज़ की ताकत अब लाखों गुना बढ़ चुकी है। और अब वह इतनी ताकतवर हो चुकी हैं कि उनका सम्पर्क हमारे खोये हुए बच्चे से जुड़ गया है।’’

‘‘क्या?’’ ज़ारा चौंक कर बिस्तर से उठ बैठी।

‘‘हाँ। बच्चे को पालने वाली मशीन बनाते वक्त मुझसे एक अक्लमंदी ये हुई थी कि उसमें मैंने इन्फार्मेशन रेज़ को रिसीव करने का रिसीवर भी फिट कर दिया था।

अब उस रिसीवर ने मेरी ताकतवर इन्फार्मेंशन रेज़ को कैच कर लिया है। जिसका मतलब ये है कि हम यहाँ बैठे बैठे उसकी गतिविधियों को देख सकते हैं।’’

‘‘अगर देख सकते हैं तो उसे यहाँ ला भी सकते हैं। शीले तुम मेरे बच्चे को जल्द से जल्द यहाँ लाने की कोशिश करो।’’ ज़ारा बेताबी के साथ बोली।

‘‘मुझे अफसोस है ज़ारा। मुझे उसे लाने का रास्ता अभी भी नहीं मालूम।’’ शीले मायूसी के साथ बोला।

‘‘क्यों? जब उसे देख सकते हो तो ला क्यों नहीं सकते?’’

‘‘क्योंकि इन्फार्मेशन रेज़ पर स्पेस टाइम कर्वेचर का फर्क नहीं पड़ता, लेकिन ठोस चीज़ों पर पड़ता है। किसी ठोस को यहाँ तक लाने के लिये ज़रूरत है ऐसे वार्महोल की जिसकी मैथेमैटिकल इक्वेशन निहायत सटीक हो। ताकि हमारा बच्चा यहाँ पहुंच जाये। वरना फिर वो मल्टीवर्स के दूसरे यूनिवर्स में पहुंच जायेगा और फिर हम उसका सुराग हमेशा के लिये खो बैठेंगे। फिलहाल हम उसे देख सकते हैं जहाँ वह मौजूद है।’’

‘‘अच्छा! तो फिर प्लीज़ मुझे मेरे खोये हुए बच्चे को दिखा ही दो। आखिर वह कहाँ है?’’

‘‘इसके लिये तुम आँखें बन्द करो और इधर उधर की सारी बातें भूलकर सिर्फ बच्चे के बारे में सोचो। इन्फार्मेशन रेज़ तुम्हारे दिमाग में उस जगह के विज़ुअल्स पैदा कर देंगी। और तुम अपने बच्चे को उसी तरह देख सकोगी जैसे कोई सपना देखता है।’’

शीले के कहने पर ज़ारा ने आँखें बन्द कर लीं और शांत होकर बैठ गयी।

फिर थोड़ी देर के बाद बोल उठी, ‘‘हाँ मुझे दिख गया। मेरा बच्चा उसी तरह उस गोल गर्भ के अन्दर है और कोई उसे लेकर भाग रहा है तेज़ी के साथ।’’

---- जारी है

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