Tuesday, May 6, 2014

विज्ञान कथा - विज्ञान कथाओं को समर्पित हिन्दी पत्रिका

---जीशान हैदर ज़ैदी

हिन्दी की एकमात्र पत्रिका जो विज्ञान कथाओं को समर्पित है वह फैज़ाबाद से प्रकाशित होने वाली पत्रिका ‘‘विज्ञान कथा’’ है। यह त्रैमासिक पत्रिका विगत बारह वर्षों से अनवरत रुप से प्रकाशित हो रही है। इसके मुख्य सम्पादक हैं डा0राजीव रंजन उपाध्याय, जबकि सह सम्पादक डा0अरविन्द मिश्र व श्री हरीश गोयल हैं। इसका प्रथम अंक सितम्बर-नवम्बर 2002 था जिसमें मेरी भी कहानी ‘एडहिसिव’ शामिल थी।

इस पत्रिका के प्रमुख लेखकों में हैं, डा0राजीव रंजन उपाध्याय, डा0अरविन्द मिश्र, हरीश गोयल, डा0ज़ाकिर अली रजनीश, कल्पना कुलश्रेष्ठ, मनीष मोहन गोरे, डा0रचना भारतीय, डा0 सुबोध महंती, मेघना शर्मा, बुशरा अलवेरा, अमित कुमार, आइवर यूशिएल, डा0श्रीगोपाल काबरा, डा0विष्णु दत्त शर्मा, विष्णु प्रसाद चतुर्वेदी, अभिषेक मिश्र व मैं स्वयं।
 
इस पत्रिका में मेरी अब तक पन्द्रह विज्ञान कथाएं व उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं। जिनका विवरण इस प्रकार है,
1. एडहिसिव - कहानी (सितम्बर-नवम्बर 2002)
2. रोशनी का वाहन - कहानी (मार्च-मई 2003)
3. ज़ेड वन - कहानी (सितम्बर-नवम्बर 2003)
4. ख्याली संगीतकार - कहानी (मार्च-मई 2004)
5. अनजान मुजरिम - कहानी (सितम्बर-नवम्बर 2004)
6. ताबूत - उपन्यास (मार्च-मई 2005 से दिसम्बर-फरवरी 2007 तक धारावाहिक रूप में)
7. अवतार - कहानी (जून-अगस्त 2007)
8. बुड्ढा फ्यूचर - नाटक (दिसम्बर-फरवरी 2008)
9. अण्डर एस्टीमेट - कहानी (जून-अगस्त 2008)
10. बरमूदा त्रिकोण की यात्रा - कहानी (सितम्बर-नवम्बर 2009)
11. मजबूर आसमाँ - कहानी (मार्च-मई 2010)
12. मौत की तरंगें - उपन्यास (मार्च-मई 2011)
13. उल्टा दाँव - कहानी (जनवरी-मार्च 2013)
14. खून का रिश्ता - कहानी (अक्तूबर-दिसम्बर 2013)
15. नक़ली जुर्म - कहानी (जनवरी-मार्च 2014)

इस पत्रिका का पता है,
विज्ञान कथा, भारतीय विज्ञान कथा लेखक समिति,
परिसर कोठी काके बाबू, देवकाली मार्ग,
फैज़ाबाद 224001
फोन: 9838382420
  

3 comments:

B said...

very good .. and congrats on getting published

my hindi is not that good

Bikram

Vinay Singh said...

हैल्थ बुलेटिन की आज की बुलेटिन स्वास्थ्य रहने के लिए हैल्थ टीप्स इसे अधिक से अधिक लोगों तक share kare ताकि लोगों को स्वास्थ्य की सही जानकारिया प्राप्त हो सकें।

arvind mishra said...

Great going Zeashan!