‘‘ये तुम क्या कह रहे हो मास्टर पंजुम? लगता है तुम्हारा दिमाग चल गया है।’’ हाबू बड़बड़ाया।
‘‘दिमाग तो अब तुम्हारा चलने वाला है। और साथ में तुम्हारे बेटे का भी। क्योंकि तुम जिसको ब्याह कर लाये हो, वह इंसान नहीं बल्कि इंसान के मेकअप में एक मादा जानवर है।’’ मास्टर पंजुम बता रहा था।
‘‘ये नामुमकिन है। मंदोरा ज़ारा को शादी के मंडप से उठाकर लाया था। जब शीले उसकी उंगली में अँगूठी पहना चुका था।’’ हाबू पंजुम की बात मानने के तैयार नहीं था।
‘‘लगता है तुमको पूरी कहानी बतानी पड़ेगी। ताकि तुम अपनी नकली कामयाबी का जश्न मनाना छोड़ दो। सुनो जब पिछली बार पीको भेड़ के मेकअप में हमारे ग्रह पर अपने नौकरों के साथ आया था, तो उनमें से एक नौकर को हमारे वैज्ञानिकों ने पकड़ लिया था और फिर उसकी स्टडी करके इंसान से जानवर बनने की तकनीक हमने मालूम कर ली।
फिर रिवर्स इंजीनियरिंग द्वारा हमने जानवर को इंसान के मेकअप में लाने की भी तकनीक हासिल कर ली। हमें अंदेशा था कि पहली नाकामी के बाद तुम लोग दूसरी कोशिश ज़रूर करोगे। इसलिए हमने तुम्हारे ग्रह की ही एक काईडोर लाकर उसे इंसानी ज़ारा का रूप दे दिया और फिर असली के साथ साथ ज़ारा व शीले की नकली शादी का भी ड्रामा स्टेज कर दिया। असली शादी तो शीले के बनाये नये यूनिवर्स में हुई जिसकी तुम्हें भनक भी न लग पायी और नकली शादी में हमारी उम्मीदों के अनुरूप तुम्हारा वज़ीर रंग में भंग डालने पहुंच गया। और काईडोर को ज़ारा समझकर उठा ले गया।
उस काईडोर में ज़ारा की ही मेमोरी आरोपित की गयी है इसलिए जब तक उसका इंसानी मेकअप बाकी रहेगा वह अपने को ज़ारा ही समझती रहेगी। मुझे लगता है तुम्हारे आधे जानवर आधे इंसानी बेटे के लिये इससे बेहतर ज़ोड़ हो ही नहीं सकता। यानि इंसान के मेकअप में एक जानवर। बस उसे ताज़ा ताज़ा घास खिलाते रहना तो वह खुद भी खुश रहेगी और तुम्हारे बेटे को भी खुश रखेगी। बाय।’’ मास्टर पंजुम ने सम्पर्क काट दिया और गुस्से से भरे हाबू ने झल्लाकर अपना फोन ज़मीन पर खींच मारा।
फोन टुकड़े टुकड़े हो गया था। पीको ने भी पूरा किस्सा सुना था और अब दहाड़ें मार मारकर रो रहा था।
‘‘यकीन नहीं आता कि सूरैन वाले भी इतनी दूर दिमाग दौड़ा सकते हैं।’’ मंदोरा बड़बड़ाया।
‘‘उनके दिमाग के पीछे तुम भी मात खा गये मंदोरा। बाकोल के सबसे अक्लमंद वज़ीर!’’ हाबू ने व्यंग्य भरी नज़रों से मंदोरा की ओर देखा।
‘‘डोडी! अब मेरा क्या होगा? क्या अब इस नामुराद काईडोर के साथ मुझे पूरी जिंदगी घास खानी पड़ेगी?’’ पीको रोते हुए पूछ रहा था।
‘‘बेटा हम अपनी तमाम कोशिशों के बाद भी ज़ारा के साथ तेरी शादी कराने में नाकाम रहे हैं।’’ सम्राट हाबू उसका सर सहलाते हुए कहने लगा।
‘‘इसलिए अब काईडोर के साथ ही...!’’ मंदोरा ने बीच में दखल देना चाहा, लेकिन हाबू ने हाथ उठाकर उसे चुप करा दिया।
‘‘हम अपनी बेइज़्ज़ती का बदला ज़रूर लेंगे। सूरैन वालों को ऐसा सबक सिखायेंगे
कि वो तड़प तड़प कर मरेंगे।’’ हाबू मुट्ठी भींचकर कह रहा था।
‘‘डोडी, अब आप सूरैन को हमेशा के लिये खत्म कर दें। हमारे पास ऐसे हथियार मौजूद हैं जो पूरे ग्रह के टुकड़े टुकड़े कर सकते हैं।’’ पीको भी दाँत पीसते हुए बोला।
‘‘लेकिन, उससे तो ज़ारा भी खत्म हो जायेगी।’’
मंदोरा जल्दी से बोला।
‘‘उसने मेरे साथ धोखा किया है। उसके चक्कर में पड़कर मैं आधा जानवर हो चुका हूं। इसलिए अब मुझे उसमें कोई दिलचस्पी नहीं। वैसे भी अब वह किसी और की हो चुकी है।’’ पीको के लहजे से मालूम होता था कि अब वह ज़ारा के पाने उम्मीद छोड़ चुका है।
‘‘इसका मतलब कि तुम्हारे दिल से उसकी मोहब्बत हवा हो गयी है और अब इंतिकाम की आँधियां उसमें चलने लगी हैं।’’ मंदोरा ने अंदाज़ा लगाया। और जल्दी ही उसे अपने अंदाज़े का सुबूत भी मिल गया। क्योंकि उसी समय पीको ने बुलन्द आवाज़ के साथ गैस छोड़ी थी जो शायद अन्दर चलने वाली आँधियों का ही इफेक्ट थी।
‘‘तो फिर हमारी आर्मी को आर्डर पहुंचा दो कि वो सूरैन को अपने टार्गेट पर ले लें।’’ हाबू ने मंदोरा को ही हुक्म दिया और मंदोरा ने सर हिला दिया।
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लेकिन उसके थोड़ी ही देर बाद हाबू को आर्मी चीफ की तरफ से इमरेजेन्सी मैसेज रिसीव हुआ और वह हैरत में पड़ गया।
चीफ ने उसे कण्ट्रोल रूम में बुलाया था।
‘‘ऐसी क्या बात है जो तुम फोन पर नहीं कह सकते?’’ हाबू ने उलझन भरी आवाज़ में पूछा।
‘‘बात कुछ ऐसी ही है। इसलिए आपका आना बहुत ज़रूरी है।’’ चीफ की आवाज़ में न जाने क्या था कि हाबू फौरन चल पड़ा। और साथ में पीको भी। मंदोरा तो पहले ही आर्मी चीफ के पास पहुंच चुका था।
हाबू जब कण्ट्रोल रूम पहुंचा तो वहां आर्मी चीफ बेचैनी के साथ टहल रहा था।
‘‘क्या बात है? क्या सूरैन खत्म हो गया?’’ आते के साथ ही हाबू पूछने लगा।
‘‘एक बड़ी समस्या आ गयी है।’’
‘‘कैसी समस्या? क्या तुम्हारे हथियार रखे रखे सड़ गये हैं?’’ हाबू उसे घूरकर बोला।
‘‘नहीं सम्राट, बल्कि सूरैन ग्रह हमारे वार करने से पहले ही गायब हो गया है।’’
‘‘क्या?’’ हाबू उछल पड़ा, ‘‘कहाँ गायब हो गया?’’
‘‘सम्राट, अंतरिक्ष मे सूरैन की जो लोकेशन होनी चाहिए वहांँ वह मौजूद ही नहीं है।’’
‘‘तो आसपास कहीं खिसक गया क्या? हमारे हथियारों की धमक का असर होगा ये।’’ हाबू ने ख्याल ज़ाहिर किया।
‘‘सम्राट, सूरैन ग्रह अंतरिक्ष की किसी भी लोकेशन पर नहीं दिख रहा है।’’ इसबार मंदोरा ने और साफ किया।
‘‘क्या बक रहे हो तुम लोग। क्या नशा करके आये हो?’’ हाबू ने पहले दोनों को डपटा और फिर सामने की स्क्रीन पर नज़रें गड़ा दीं जहाँ से अंतरिक्ष साफ नज़र आ रहा था।
लेकिन उस अंतरिक्ष में कहीं भी सूरैन ग्रह नज़र नहीं आ रहा था जिसे हाबू अच्छी तरह पहचानता था।
‘‘ये कैसे मुमकिन है? क्या हमसे पहले उसे किसी और ने खत्म कर दिया?’’ हाबू बड़बड़ाया।
‘‘अगर किसी ने खत्म किया होता तो उसके टुकड़े दिखाई देने चाहिए थे। और उसकी तबाही भी हमारे कैमरे कैच कर लेते। लेकिन वह तो एकाएक इस तरह ग़ायब हो गया जैसे किसी जादूगर ने छू मंतर कर दिया हो।’’ मंदोरा कह रहा था।
‘‘इसका मतलब ये हुआ कि ये सूरैन की चाल है। मास्टर पंजुम को अंदाज़ा हो गया है कि हम उसपर हमला कर सकते हैं। इसलिए उसने अपने ग्रह को हमसे छुपा लिया। तुम एक काम करो।’’
चीफ व मंदोरा हाबू की ओर सवालिया नज़रों से देखने लगे।
‘‘पुरानी लोकेशन के आधार पर सूरैन ग्रह जिस जगह था तुम लोग उसी को टार्गेट पर लेकर हथियारों का मुंह खोल दो। मुझे पक्का यकीन है कि सूरैन ग्रह वहाँ मौजूद है, लेकिन हमारे यन्त्रों की डिटेक्शन रेंज से उसे बाहर कर दिया गया है।’’
‘‘हाँ, यही बात होगी।’’ मंदोरा ने भी समर्थन किया, ‘‘अब सूरैन वाले भी डिफेंस और अक्ल में काफी आगे बढ़ गये हैं।’’
‘‘मंदोरा! मुझे ये पसंद नहीं कि तुम हमारे सामने हमारे दुश्मन की तारीफ करो।’’ हाबू ने आँखें निकालीं।
‘‘माफी चाहता हूं।’’ मंदोरा जल्दी से बोला, ‘‘मेरे दिमाग में अभी भी शायद यही है कि वहाँ की राजकुमारी
आपकी बहू बन चुकी है।’’ मंदोरा के अलफाज़ ज़बान समेत दाँत के नीचे दब गये। क्योंकि हाबू का ज़ोरदार झांपड़ उसके गाल पर पड़ा था।
चीफ हड़बड़ाकर जल्दी से कण्ट्रोल रूम के आपरेटर के पास पहुंचा और उसे हथियार छोड़ने का हुक्म देने लगा।
फिर कुछ ही पलों बाद हाबू ने देखा कि अंतरिक्ष में रंग बिरंगी किरणें छोड़ते हुए राकेट नुमा हथियार बिखरने लगे थे जो तेज़ी के साथ उस दिशा की ओर जा रहे थे जहाँ कुछ समय पहले सूरैन ग्रह चमचमाता नज़र आता था। लेकिन अब वहाँ अँधेरे के सिवा कुछ नहीं दिख रहा था।
‘‘अभी जब राकेट वहाँ पहुंचेंगे
तो तुम ज़ोरदार आतिशबाज़ी का नज़ारा ले सकोगे।’’ हाबू के चेहरे पर इस तरह का उल्लास दिखाई दे रहा था जैसे किसी छोटे बच्चे के सामने उसका अब्बा पटाखा छुड़ाने जा रहा हो।
मंदोरा ने सर हिलाया और राकेट्स के उस जगह पहुंचने का इंतिज़ार करने लगा।
फिर राकेट्स उस जगह पहुंच भी गये जहाँ उन लोगों के अनुमान के मुताबिक सूरैन ग्रह को छुपा हुआ मौजूद होना चाहिए था।
लेकिन यह क्या? न तो किसी पटाखे के छूटने का कोई धमाका हुआ और न ही किसी आतिशबाज़ी का कोई नज़ारा दिखाई दिया।
बल्कि वह सारे राकेट्स शांत फिज़ा में तैरते हुए आगे बढ़ते चले गये।
जिसका मतलब साफ था कि अंतरिक्ष में उस जगह कोई भी ठोस चीज़ मौजूद न थी।
‘‘ये नामुमकिन है। मैं नही मान सकता। आखिर सूरैन गया कहाँ?’’ हाबू बड़बड़ाया।
‘‘क्या सूरैन वाले इतना विकास कर गये कि अपने ग्रह को लेकर ही भाग गये!?’’ मंदोरा भी हैरत से कह रहा था।
‘‘कुछ न कुछ ऐसा खेल हमारे साथ हो रहा है जिसे हम समझ नहीं पा रहे हैं। बाकोल के शाही वैज्ञानिकों की टीम को तलब करो, जो सच्चाई का पता लगा सके।’’ हाबू का अगला हुक्म था।
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जबकि सूरैन ग्रह का सम्राट मास्टर पंजुम अपनी बेटी व दामाद यानि असली ज़ारा व शीले के साथ अपने महल में मौजूद बाकोल ग्रह द्वारा भेजे गये विनाशकारी राकेट्स का नज़ारा कर रहा था जो फिज़ा में तैरते हुए किसी अंजान दिशा की ओर जा रहे थे।
‘‘हम लोगों ने बहुत सही वक्त पर और अच्छा कदम उठाया। वरना ये हथियार अब तक हमारे ग्रह को तबाह कर चुके होते।’’ सम्राट सुकून की साँस लेते हुए बोला।
‘‘मेरे पिता! मैंने आपको पहले ही कहा था कि शीले सूरैन का सबसे बड़ा साइंटिस्ट
है। और आज शीले की ही वजह से हम न सिर्फ सूरैन को बचाने में कामयाब हुए हैं, बल्कि हाबू की तमाम चालों का तोड़ निकाल चुके हैं।’’
‘‘हाँ। तो हम कब इससे इंकार करते हैं। उस वक्त तो हमारी जान ही निकल गयी थी, जब ये खबर सुनी थी कि शीले की शक्ल में हाबू का वज़ीर मेरी बेटी को उठा ले गया। फिर जब असलियत मालूम हुई तो जान में जान आयी। मुझे मालूम ही नहीं हो पाया था कि तुम लोग अपनी शादी का इतना बेहतरीन प्लान बना चुके हो। मुझे गर्व है कि शीले मेरा दामाद बन चुका है।’’ सम्राट सर ऊंचा करके बोला।
‘‘लेकिन शीले को भी गर्व होना चाहिए कि मेरे जैसी खूबसूरत लड़की इनकी हमसफर बन चुकी है।’’ ज़ारा ने कनखियों से शीले की ओर देखा, जो अपने ख्यालों में गुम था।
‘‘क्या सोच रहे हो?’’ ज़ारा ने उसे ठहोका दिया।
‘‘आँ? क्या तुम कुछ कह रही हो?’’ वह चौंक कर पूछने लगा।
‘‘बस, तुम्हारी यही बात मुझे खल जाती है।’’ ज़ारा ने त्योरियाँ
चढ़ा लीं, ‘‘बात करते करते पता नहीं किस दुनिया में पहुंच जाते हो?’’
‘‘ये अपने बनाये यूनिवर्स में पहुंच जाता है।’’ सम्राट मज़ाकिया लहजे में बोला।
‘‘शीले कान खोलकर सुन लो। तुम्हें हमेशा उसी यूनिवर्स में रहना है, जहाँ मैं मौजूद रहूंगी।’’
ज़ारा इसबार थोड़ा तेज़ होकर बोली और शीले ठंडी साँस लेकर रह गया।
‘‘लेकिन ये करिश्मा हुआ कैसे? आखिर बाकोल वालों को हमारा ग्रह दिखाई क्यों नहीं दे रहा?’’ इस बार सम्राट ने सवाल उठाया था।
शीले मुस्कुराया और कहने लगा, ‘‘बात ये है कि हम और हमारा सूरैन जिस यूनिवर्स में हैं वह कुल ग्यारह डाईमेन्शन्स पर बेस्ड है। हम लोग एक दूसरे को व दूसरी चीज़ों को तभी देख सकते हैं जब वो ग्यारह डाईमेन्शन्स से ज़्यादा की न हों। अब मैंने सूरैन के आसपास एक नयी बारहवीं डाईमेन्शन क्रियेट कर दी है। जिसने ग्यारह डाईमेन्शन रखने वाले तमाम प्राणियों से हमारे ग्रह को गायब कर दिया। अब सूरैन को फिर से देखने के लिये उन्हें बारहवीं डाईमेन्शन पैदा करनी पड़ेगी। जो कि फिलहाल नामुमकिन ही लग रहा है।’’
‘‘और अगर उन्होंने इस नामुमकिन को मुमकिन कर दिया तो?’’ ज़ारा का सवाल था।
‘‘तब की तब देखी जायेगी। फिलहाल उनके राकेट्स को अंतरिक्ष में इधर उधर भटकते देखो और फिरकी लो।’’ शीले मज़े से एक आँख दबाकर बोला।
ये हरकत उसने सम्राट से छुपकर की थी। क्योंकि सूरैन पर भी बड़ों के सामने आँख मारना बदतमीज़ी समझा जाता था।

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