Monday, July 27, 2009

प्लैटिनम की खोज - एपिसोड : 17

कुछ देर वहां मौनता छायी रही, फिर रामसिंह बोला, ‘‘तुम्हारा क्या विचार हे प्रोफेसर, हमें यहां किस तरह का काम दिया जायेगा?’’
‘‘मुझे तो लगता है कि हमें कोई साइंटिफिक वर्क दिया जायेगा। वर्ना मेरे जैसे वैज्ञानिक को यहां क्यों बुलाया जाता।’’

‘‘मैं तो समझता हूं कि वह जरूर कोई एडवेंचर वाला काम होगा वर्ना मेरे जैसे जाँबाज का यहां क्या काम।’’ शमशेर सिंह अपना सीना ठोंकता हुआ बोला।

तभी रामसिंह चीखा, ‘‘शमशेर सिंह, तुम्हारे कपड़े पर मकडी रेंग रही है।’’
‘‘कहां?’’ शमशेर सिंह बौखला कर उठ खड़ा हुआ और जल्दी जल्दी अपने कपड़े झाड़ने लगा।

‘‘मैंने तो मजाक किया था।’’ रामसिंह हंसते हुए बोला, ‘‘मैं तो तुम्हारी जाँबाजी देख रहा था।’’
‘‘आगे से यदि ऐसा मजाक किया तो मैं तुम्हारे ही ऊपर अपनी जाँबाजी दिखा दूंगा।’’ शमशेर सिंह ने क्रोधित होकर कहा।

उसके बाद वे मौन हो गये। क्योंकि चेयरमैन मि0 जमशेद अपने दोनों डायरेक्टरों के साथ अंदर आ रहे थे।

‘‘हैलो, मुझे खुशी है कि आप तीनों यहां इस समय मौजूद हैं।’’ उसने तीनो दोस्तों से हाथ मिलाते हुए कहा।
‘‘हमें भी आपसे मिलकर बहुत प्रसन्नता हुई।’’ प्रोफेसर ने कहा।

फिर वे लोग कुर्सियों पर बैठ गये।

‘‘अब आप हमें बताईए कि हमें क्या कार्य करना होगा।’’ रामसिंह को कुछ अधिक उत्सुकता थी।

‘‘वही बताने जा रहा हूं।’’ चेयरमैन ने कहा, ‘‘आप लोगों को कांगो की यात्रा करनी होगी।’’

‘‘मुझे मालूम है। ये केरल के पास है।’’ प्रोफेसर ने अपने ज्ञान का परिचय दिया।

‘‘ऐसा कुछ नहीं है। ये दरअसल अफ्रीका का एक देश है। घने जंगलों और पहाड़ियों से भरपूर। काफी खूबसूरत है। विशेष रूप से शमशेर सिंह जैसे एडवेंचर के शौकीन और प्रोफेसर डेव जैसे खोजियों के लिए।’’ चेयरमैन ने आगे कहा।
शमशेर सिंह और प्रोफेसर फूल गये। जबकि रामसिंह का मुंह बन गया क्योंकि चेयरमैन ने उसका नाम नहीं लिया था।

‘‘हम लोग वहां किस सम्बन्ध में यात्रा करेंगे?’’ उसने पूछा।
‘‘प्लेटिनम की खोज के सम्बन्ध में। कुछ दिनों पहले हमारा एक खोजी दल वहां गया था, उसने वापस आकर रिपोर्ट दी कि वहां के जंगलों में प्लेटिनम काफी मात्रा में पाये जाने की संभावना है। अत: हम प्रोफेसर को वहां भेजकर मालूम करना चाहते हैं कि वहां किस स्थान पर प्लेटिनम के भंडार हैं।’’

‘‘यह कार्य तो मैं चुटकी बजाते कर लूंगा।’’प्रोफेसर ने चुटकी बजाकर कहा, ‘‘लेकिन इस कार्य में आप इन दोनों को क्यों भेज रहे हैं?’’
‘‘क्योंकि हो सकता है कि जब आप अपनी रिसर्च कर रहे हों तो उस समय कोई जंगली जानवर आप पर हमला कर दे। अत: शमशेर सिंह का होना आवश्यक है। इसके अलावा आपकी सहायता के लिए असिस्टेंट के तौर पर हम रामसिंह जैसे जीनियस को आपके साथ भेज रहे हैं।

‘‘क्या वहां हमारे आवास का कोई प्रबंध रहेगा?’’ शमशेर सिंह ने पूछा।

‘‘जी हां। जहां से आपकी जंगल की यात्रा आरम्भ होगी। वहां पर हमारा एक रेस्ट हाउस है। पहले आप फ्लाइट से हमारे साथ कांगो की राजधानी किंशासा जायेगे। फिर लोकल साधनों के द्वारा हमारा आदमी आपको उस रेस्ट हाउस तक पहुंचा देगा। आगे का काम फिर आपको करना होगा।’’

तीनों ध्यान से उसकी बातें सुन रहे थे। उसने आगे कहना शुरू किया, ‘‘हम आपको विशेष प्रकार के सूट देंगे, जो वहां जाने से पहले आपको पहनने होंगे। यह सूट जंगल के वातावरण से आपकी रक्षा करेंगे। अत: इन्हें आपको कभी नहीं उतारना है।

अब आप कांगो के जंगलों के बारे में लाईब्रेरी जाकर विस्तार से पढ़ लीजिए। एक सप्ताह के बाद हम यहां से रवाना हो जायेंगे।’’ चेयरमैन उठते हुए बोला।

1 comment:

Arvind Mishra said...

vaah jaaree rahiye !