Tuesday, March 4, 2008

किताब प्रोफेसर मंकी पर प्रसिद्ध विज्ञान कथा लेखक व संपादक विज्ञान कथा डॉ राजीव रंजन उपाध्याय की समीक्षा.

उपरोक्त समीक्षा विज्ञान कथा में प्रकाशित हुई.

2 comments:

आलोक said...

फ़ौलादी सिंह आदि कॉमिक्स को भी विज्ञान कथा माना जाता है क्या?

zeashan zaidi said...

आलोक जी,
फौलादीसिंह कामिक्स की कुछ किताबों को विज्ञान फंतासी में रख सकते हैं. लेकिन अधिकतर केवल फंतासी हैं, बिना कोई साइंटिफिक बेस लिए हुए. रॉकेट से बांधकर ग्रहों को उड़ाना एक प्योर फंतासी ही कहा जायेगा.