Thursday, August 8, 2013

मायावी गिनतियाँ : भाग 31


''तुम ही बताओ कि मैं आगे क्या करूं?" रामू ने हाथ में पकड़े सर से पूछा। लेकिन सर खामोश रहा। हालांकि उसकी पलकें झपक रही थीं जिससे मालूम होता था कि वह सर अभी भी जिंदा है। फिर रामू ने देखा उस सर की आँखें धड़ की तरफ इशारा कर रही हैं। 
कुछ सोचकर रामू वापस धड़ तक पहुंचा और सर को उस धड़ के ऊपर रख दिया। फिर उसने हैरत से देखा कि अब तक बेजान धड़ एकाएक उठ खड़ा हुआ। लेकिन अब उसे धड़ कहना मुनासिब नहीं था क्योंकि सर उसके ऊपर पूरी तरह जुड़ चुका था। और अब वह बूढ़ा व्यक्ति पूरी तरह मुकम्मल था।

और अब वह अपना हाथ रामू की तरफ बढ़ा रहा था। रामू डर कर जल्दी से दो तीन कदम पीछे हट गया। 

''डरो नहीं मेरे बच्चे। तुमने बहुत बड़ा काम किया है। जिसके लिये मैं अगर जिंदगी भर तुम्हारा शुक्रिया अदा करूं तो भी कम होगा।" उस बूढ़े ने मोहब्बत से उसके सर पर हाथ फेरा। 

''अ...आप कौन हैं?" रामू ये सवाल पहले भी उस बूढ़े के सर से पूछ चुका था और उस समय उसका जवाब नहीं मिला था। 

''मैं एम-स्पेस का क्रियेटर हूं।" बूढ़े की बात सुनकर रामू को एक झटका सा लगा।

यानि वह बूढ़ा इस पूरे खतरनाक चक्रव्यूह का रचयिता था। लेकिन फिर वह खुद ही इस चक्रव्यूह में कैसे कैद हो गया? और उसने इस खतरनाक चक्रव्यूह को बनाया ही क्यों? अपने दिमाग में उमड़ते सवालों को रामू उस बूढ़े से पूछ बैठा।

''एम-स्पेस स्वयं कोई खतरनाक चक्रव्यूह नहीं है। बल्कि इसकी मदद से चक्रव्यूह की रचना की जा सकती है।" बूढ़ा बताने लगा, ''वास्तव में एम-स्पेस एक ऐसी मशीन है जो गणितीय समीकरणों द्वारा कण्ट्रोल होती है। और उन समीकरणों में उलट फेर करके कोई व्यक्ति इस यूनिवर्स में कहीं भी जा सकता है। और वहाँ की घटनाओं को कुछ हद तक कण्ट्रोल कर सकता है। सच कहा जाये तो हम जिस वास्तविक यूनिवर्स में रहते हैं वह भी गणितीय समीकरणों पर ही आधारित है। ये समीकरण ही फिजि़क्स के नियम कहलाते हैं। इस तरह हम कह सकते हैं कि एम-स्पेस वास्तविक यूनिवर्स का छोटा सा गणितीय माडल है।

''और इस माडल को आपने बनाया है।" रामू ने प्रशंसात्मक दृष्टि से उस जीनियस को देखा।

''हाँ। ये जो बाक्स तुम देख रहे हो। जिसमें मेरा धड़ कैद था, ये एम-स्पेस को कण्ट्रोल करने का यन्त्र है। इसमें सैंकड़ों कीलों के अलग अलग काम्बीनेशन के द्वारा एम-स्पेस यूनिवर्स के अलग अलग स्थानों की घटनाओं को नियंत्रित किया जा सकता है। और उन घटनाओं के लिये चक्रव्यूह की भी रचना की जा सकती है।

''हाँ, मैंने भी कुछ कीलों को दबाकर घटनाओं को देखा था।" 

''किसी जगह की घटनाओं को नियनित्रत करने के लिये कम से कम चार कीलों को एक साथ दबाना ज़रूरी है। क्योंकि यूनिवर्स की सभी घटनाएं स्पेस-टाइम की चार विमाओं से कण्ट्रोल होती हैं। और चार कीलों का ग्रुप उन चारों विमाओं को प्रभावित करता है। लेकिन यूनिवर्स की घटनाओं को सुचारू तरीके से कण्ट्रोल करने के लिये कीलों के सही काम्बीनेशन की जानकारी होना बहुत ज़रूरी है वरना इसे इस्तेमाल करने वाला गंभीर मुसीबत में भी गिरफ्तार हो सकता है।" 

बूढ़े की बात रामू के पल्ले पूरी तरह नहीं पड़ी। अत: उसने अगला सवाल पूछा जो बहुत देर से उसके दिमाग में घूम रहा था, ''लेकिन आप खुद अपनी बनायी मशीन के चक्रव्यूह में कैसे फंस गये थे?"

बूढ़े ने एक ठंडी साँस ली और कहने लगा, ''दरअसल मैंने बहुत बड़ा धोखा खाया। जब मैं अपनी मशीन को लगभग मुकम्मल करने की आखिरी स्टेज में था तो कुछ अपराधी प्रवृत्ति के लोग मेरे शागिर्द बनकर मेरे ग्रुप में शामिल हो गये। सम्राट उनका लीडर था, वही सम्राट जिसका दिमाग तुम्हारे शरीर में फिट है। उन्होंने मेरी इस मशीन पर कब्ज़ा करके मुझे कैद कर लिया। इसी मशीन द्वारा उन्होंने मेरा सर अलग और धड़ अलग कर दिया था जिसके कारण मैं कुछ भी करने से लाचार हो गया। यहाँ तक कि मैं किसी को मदद के लिये भी नहीं कह सकता था वरना हमेशा के लिये मेरे सर का सम्पर्क धड़ से टूट जाता। यही वजह है कि मैंने हमेशा तुमसे इशारों में बात की। फिर इसी एम स्पेस द्वारा उन्होंने एक यान की रचना की और उसे लेकर पृथ्वी पर उतर गये। लेकिन उन्होंने कोई तकनीकी गलती कर दी थी अत: पृथ्वी पर उतरते समय सम्राट का शरीर नष्ट हो गया और उसने तुम्हारा शरीर ग्रहण कर लिया।" 

''तो क्या अब मुझे कभी अपना शरीर वापस नहीं मिलेगा?" रामू ने थोड़ी आशा और थोड़ी निराशा के साथ बूढ़े की ओर देखा।

''तुम अपने दिमाग से सम्राट द्वारा बनाये गये एम-स्पेस के चक्रव्यूह को तोड़ने में कामयाब हुए है। इसलिए तुम्हारा शरीर तुम्हें ज़रूर मिलेगा। अब ये जि़म्मेदारी मेरी है। बूढ़े ने उसका कन्धा थपथपाया।
-------

उस मैदान में कम से कम एक लाख लोगों का मजमा था जो रामू बने सम्राट के भक्त हो चुके थे। उनकी जय जयकार से पूरा मैदान गूंज रहा था। अभी तक उनके भगवान का वहाँ पर अवतरण नहीं हुआ था अत: टाइम पास करने के लिये वे उसकी तस्वीरों को नमन कर रहे थे। लगभग सभी के हाथों मे रामू उर्फ सम्राट की तस्वीरें पायी जाती थीं। 
............continued

1 comment:

Hotels said...

Are you seeking for hotels in Dubai? Click here bookinghotelsdubai.com get the special rates with the best deal...