Friday, August 13, 2010

मौत की तरंगें : एपिसोड - 58

‘‘आपका विचार सत्य है। हम लोग उसी केस पर काम कर रहे हैं।’’ सुंदरम ने कहा।
‘‘क्या कोई सफलता मिली?’’
‘‘थोड़ी बहुत। हम लोग आपसे कुछ पूछना चाहते हैं।’’
‘‘जरूर पूछिए।’’ डायरेक्टर ने कहा।

‘‘मि0टेलर, आपकी कंपनी में एक कार्यकर्ता था दीनानाथ। जिसकी एक सड़क दुर्घटना में हाल ही में मृत्यु हो गयी है।’’
‘‘जी हाँ। मुझे मालूम हुआ था और मुझे इसका दु:ख हुआ था। मैंने उसके घरवालों को सहायता प्रदान कर दी थी।’’

‘‘दीनानाथ ही वह प्रोग्राम लैब से लाया था जो गृहमन्त्री की मीटिंग में पेश किया गया था। और मुझे इसी सम्बन्ध् में मि०शोरी ने एक बात बतायी।’’
‘‘क्या बात थी?’’

‘‘मि0’शोरी ने बताया कि दीनानाथ जब वह प्रोग्राम ला रहा था, तो रास्ते में उसकी टक्कर गिरधारीलाल कम्पनी के एक कार्यकर्ता राहुल से हो गयी। किन्तु यह टक्कर संयोगवश नहीं हुई थी बल्कि इसका आदेश आपने दिया था।’’ सुंदरम ने अपनी बात पूरी की।

‘‘मैंने?’’ डायरेक्टर अपनी कुर्सी पर सीधा होकर बैठ गया। ‘‘मैंने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया था। और मुझे इस बेसिरपैर का आदेश देने की कोई आवश्यकता भी नहीं थी।’’
‘‘मेरे पास उस काल का टेप मौजूद है। जिसमें आपने स्वीकार किया है कि दीनानाथ को गिरधारीलाल के कार्यकर्ता राहुल से टकराने का आदेश आपने दिया था। क्योंकि इस टक्कर में राहुल द्वारा एक वस्तु उसके पास पहुंचनी थी।’’

‘‘मैं वह टेप सुनना चाहता हूं।’’
सुंदरम ने बैग से टेपरिकार्डर निकालकर उसके सामने मेज पर रख दिया और उसे ऑन कर दिया।
डायरेक्टर ध्यान से उस टेप को सुन रहा था। जब बातचीत समाप्त हो गयी, तो उसने पूछा, ‘‘यह काल कब की रिकार्ड की हुई है?’’

‘‘दो दिन पहले की है यह काल।’’ सुंदरम ने जवाब दिया।
‘‘लेकिन उस समय तो मैं आस्ट्रेलिया में था। और वहाँ से मैंने कोई काल नहीं की थी।
‘‘हो सकता है आप आस्ट्रेलिया से कुछ समय के लिये वापस आ गये हों। मेरा मतलब है गुप्त रूप से। और फिर वापस चले गये हों।’’ सुंदरम ने कहा।

‘‘किन्तु मैं यह सब क्यों करने लगा?’’ डायरेक्टर ने आगे झुकते हुए कहा।
‘‘यह आप हमसे अधिक जानते हैं।’’ सुंदरम ने कहा।
‘‘मैं इसके अलावा और कुछ नहीं जानता कि यह काल मेरी नहीं है। यह किसी ने मेरी आवाज बनाकर शोरी को काल की है।’’ डायरेक्टर बोला।

‘‘जल्दी ही यह पता चल जायेगा। मैं एक बात आपसे और पूछना चाहता हूं कि आस्ट्रेलिया में आप कौन सा प्रोजेक्ट कर रहे हैं?’’

‘‘हमें एक पदार्थ मिला है, जिसके बारे में हमारी कंपनी के वैज्ञानिकों का अनुमान है कि उससे गैलियम आर्सेनाइड बहुत आसानी से प्राप्त हो सकता है। गैलियम आर्सेनाइड के बारे में आपको मालूम होगा कि कम्प्यूटर के सर्किट बनाने के लिये कितना महत्वपूर्ण होता है। तो उसी से सम्बंधित प्रोजेक्ट आजकल वहाँ चल रहा है।’’
फिर उसके बाद सुंदरम ने और कोई सवाल नहीं किया और वे लोग वहाँ से उठ गये।
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1 comment:

माधव said...

happy INDEPENDENCE DAY