Friday, July 23, 2010

मौत की तरंगें : एपिसोड - 52

जग्गू ने जल्दी जल्दी पहरेदार की वर्दी अपने ऊपर चढ़ाई और फिर पहरेदार को उसी कोठरी में बन्द करके बाहर से ताला लगा दिया। फिर उसने राहुल को अपनी बगल में किया और राइफल उसकी ओर तानते हुए बोला, ‘‘इसी तरह मेरे साथ चलो।’’
वे लोग एक गैलरी में आगे बढ़ते गये। रास्ते में दो तीन पहरेदार मिले। पूछने पर जग्गू ने उंगली से नम्बर वन का संकेत किया और वे लोग आगे बढ़ गये।

जल्दी ही वे लोग जेल की पिछली और बाहरी चहारदीवारी के पास पहुंच गये। ये लोग जिस स्थान पर खड़े थे, उसके थोड़ी दूर पर चहारदीवारी की कुछ ईंटें निकली हुई थीं।
‘‘मुझे मालूम था कि यहाँ पर फरार का अच्छा रास्ता बना हुआ है। अब ऊपर चढ़ो और आराम से भाग निकलो।’’ जग्गू ने राहुल को आगे बढ़ाया।

‘‘भाग कर जायेंगे कहाँ। पुलिस हमें दोबारा नहीं पकड़ लेगी? मेरा तो कहीं ठिकाना भी नहीं है।’’ राहुल वहीं खड़ा होकर कहने लगा।
‘‘तुम इसकी चिन्ता मत करो। अब तुम मेरे शिष्य हो। तुम्हारा कोई बाल भी बाँका नहीं करेगा। अब जल्दी से ऊपर चढ़ो।’’ जग्गू ने राहुल को सहारा देकर ऊपर चढ़ाया। फिर स्वयं भी चढ़ गया। उसके बाद ये लोग दूसरी ओर कूद गये।

‘‘पुलिस हमारी तलाश में आ रही होगी। अब तक उस पहरेदार ने होश में आकर शोर मचा दिया होगा।’’
‘‘चिन्ता मत करो। अभी वह कम से कम आधा घण्टा और बेहोश रहेगा। जग्गू का घूंसा मामूली नहीं होता। अब जल्दी जल्दी कदम बढ़ाओ। हमें जल्दी से किसी सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचना है।’’ जग्गू ने राहुल का हाथ पकड़कर जल्दी जल्दी चलना शुरू कर दिया। 
-------

सुबह इं-त्यागी और सुंदरम केस के बारे में विचार विमर्श कर रहे थे जब फोन की घण्टी बजी। सुंदरम ने फोन उठाया।
‘‘हलो! ओह यह कैसे हुआ--वह भोजन क्या वहीं रखा है? गायब कर दिया गया? कैसे?-- जोगासिंह को हिरासत में ले लो। मैं वहाँ पहुंच रहा हूं।’’ सुंदरम ने रिसीवर रखा।

‘‘किसका फोन था?’’ इं-त्यागी ने पूछा।
‘‘जेल से आया था। राहुल फरार हो गया। उसके साथ एक और कैदी भी था। वह भी उसके साथ भाग गया।’’
‘‘ओह! यह कैसे हुआ?’’
‘‘वहीं के एक पहरेदार की लापरवाही से। उस पहरेदार का बयान और भी विचित्र है उसके अनुसार राहुल के साथ वाले कैदी ने भोजन में जहर की शिकायत की थी। जब वह पहरेदार पास आया तो उसने उसे घूंसा मारकर बेहोश कर दिया और पहरेदार की जेब से चाबी निकालकर ताला खोलने के बाद फरार हो गया।’’

‘‘भोजन में जहर? कौन उन्हें जहर देना चाहेगा?’’ इं-त्यागी ने आश्चर्य से कहा।
‘‘पता नहीं। पूरी बात वहीं चलकर मालूम होगी। अब हम वहीं चल रहे हैं।’’ सुंदरम ने खड़े होते हुए कहा। इ-त्यागी भी उसके साथ उठ गया। अब उनकी जीप जेल की ओर जा रही थी। 

No comments: