Saturday, July 17, 2010

मौत की तरंगें : एपिसोड - 50

‘‘यह सब तुम्हारा सरदर्द है। ये बताओ मुझे कब तक तुम लोगों के लिये काम करना पड़ेगा?’’ इं-त्यागी बोला।
‘‘तुम इसकी चिन्ता मत करो। इस केस की समाप्ति तक हमें तुम्हारा सहयोग चाहिए। उसके बाद तुम स्वतन्त्र होगे।’’

‘‘तो क्या मुझे वह फोटो और कागजात वापस मिल जायेंगे जिनके आधार पर तुम मुझे ब्लैक मेल कर रहे हो?’’ इं-त्यागी ने शांत स्वर में पूछा।
‘‘मैं तुम्हें ब्लैक मेल कहां कर रहा हूं? मैं तो तुम्हारा सहयोग प्राप्त कर रहा हूं। वह कागजात तो मेरे पास ही रहेंगे ताकि तुम कभी हमारे खिलाफ मुंह न खोल सको। वैसे तुम तो अभी से घबरा गये। जब तुमने राहुल को गिरफ्तार किया उसी समय तो मैंने तुम्हें वह कागजात दिखाये। उसके पहले तो तुम आजाद थे और अब भी हो, केवल इस केस को छोड़कर।’’

‘‘तो अब मुझे क्या करना होगा?’’ इं-त्यागी ने सवाल किया।
‘‘समय आने पर बता दिया जायेगा। किन्तु किसी भी दशा में कोई ऐसी हरकत न कर बैठना कि खोका का कोई आदमी पुलिस के हाथ आ जाये। वरना इस दशा में वह कागजात पुलिस के हाथ आ जायेंगे और फिर तुम स्वयं सोच सकते हो। नौकरी से बाहर और साथ में जेल भी।’’

‘‘मुझे मालूम है। और मैं यह कभी नहीं चाहूंगा।’’
इं-त्यागी की कार धीमी गति से राजनगर की सड़कों पर दौड़ रही थी फिर एक स्थान पर उस व्यक्ति ने कहा,
‘‘यहीं रोक दो। मैं अब जा रहा हूं। सुंदरम की एक एक कार्यवाई को अपनी दृष्टि में रखो। मैं आवश्यकता पड़ने पर रिपोर्ट ले लूंगा।’’

इं-त्यागी ने कार रोक दी और वह व्यक्ति उतर गया। इं-त्यागी कुछ देर उसे जाते हुए देखता रहा फिर अपनी कार आगे बढ़ा दी।
इं-त्यागी की कार जाने के बाद उस व्यक्ति ने एक टैक्सी रोकी।

‘‘जेल रोड चलो।’’ उसने टैक्सी ड्राईवर से कहा और टैक्सी में बैठ गया। कुछ देर बाद टैक्सी जेल रोड पर थी। उसने जेल से कुछ दूरी पर टैक्सी रुकवाई और जेल के पास एक इमारत की ओर बढ़ गया। फिर जैसे ही वह इमारत के गेट के पास पहुंचा, एक व्यक्ति सिपाही की वर्दी में उसके सामने आ खड़ा हुआ।
‘‘क्या रिपोर्ट है जोगासिंह?’’ उसने पूछा।

‘‘राहुल तक पोटेशियम सायनाइड तथा पुर्जा पहुंचा दिया गया है। कुछ देर बाद परिणाम सामने आ जायेगा।’’
‘‘गुड । जैसे ही उसकी मृत्यु हो जाये तुम किसी भी तरह से उसका भोजन वहाँ से हटा देना।’’
‘‘ओ-के- सर। वैसे यदि भोजन न भी हटाया जाये तब भी पुलिस यही समझेगी कि राहुल ने आत्महत्या की है। क्योंकि पूरे भोजन में जहर न मिलाकर मैंने केवल एक वस्तु में जहर मिलाया है। जैसा कि आपने आदेश दिया था।’’

‘‘ठीक है। मैं कुछ देर बाद उसकी रिपोर्ट लूंगा।’’ उस व्यक्ति ने कहा और इमारत के अन्दर चला गया। जबकि जोगासिंह वापस लौट गया।
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