Thursday, May 13, 2010

मौत की तरंगें : एपिसोड - 29


सुंदरम को नागालैण्ड आये हुए आज दूसरा दिन था और वह किसी सूत्र की तलाश में उस क्षेत्र में घूम रहा था जो खोका की माँग में था। अभी तक उसे इस क्षेत्र में कोई विशेष बात नहीं दिखाई दी थी सिवाय इसके कि कुछ विदेशी यहाँ घूम रहे थे।

फिर उसने एक द्विभाषिए को लिया जो हिन्दी और स्थानीय भाषा बोल सकता था और उसे लेकर क्षेत्र के एक गाँव में पहुंचा।
‘‘बाबा क्या आप यहीं रहते हैं?’’ द्विभाषिए की मदद से उसने एक बूढे व्यक्ति से पूछा जो एक मकान के सामने चारपायी पर बैठा था।

‘‘हाँ। मेरा तो यही घर है। मेरे पूर्वज भी एक अर्से से यहीं रह रहे हैं।’’ उसने जवाब दिया।
‘‘आपके रिश्तेदार सीमा के दूसरी ओर भी रहते हैं या सब यहीं हैं?’’
‘‘करीबी सम्बन्धी तो सब इसी ओर हैं कुछ दूर के रिश्तेदार दूसरी ओर रहते हैं।’’ बूढ़े ने बताया।

‘‘तो फिर उनसे मिलने जुलने में आपको कठिनाई तो होती ही होगी।’’ सुंदरम बोला। अब तक मकान के अन्दर से कई लोग निकलकर खड़े हो गये थे।
उनमें से एक युवक ने जवाब दिया, ‘‘ऐसी कोई विशेष कठिनाई नहीं होती। इधर की सीमा पर सरकार काफी उदार है। हमें आसानी से उधर जाने की अनुमति मिल जाती है।’’

फिर सुंदरम आगे बढ़ गया। उसने गाँव के कई लोगों से इस प्रकार के प्रश्न किये। सभी का यही जवाब था कि उन्हें सीमा पार के सम्बन्धियों से मिलने में कोई विशेष कठिनाई नहीं होती।
अब वह उन विदेशियों पर ध्यान देने की सोच रहा था जो वहाँ देखे गये थे। ये लोग पर्यटक नहीं हो सकते थे क्योंकि यह क्षेत्र पर्यटन स्थल नहीं था।

छानबीन करने पर जल्द ही उसे मालूम पड़ गया कि ये लोग वहाँ तेल की खोज में आये थे। सरकार ने एक आस्ट्रेलियाई कंपनी को उस क्षेत्र में तेल की खोज का ठेका दिया था। उसी कंपनी की ओर से ये लोग आये थे।
‘‘क्या यहाँ तेल के अलावा कुछ और भी मिलने की आशा है?’’ कंपनी के एक प्रतिनिधि से मिलने पर उसने प्रश्न किया।

‘‘हाँ। हमें यहाँ जो प्रारम्भिक नमूने मिले हैं उनके आधार पर हमें यहाँ एक ऐसे पदार्थ के मिलने की आशा है जिससे गैलियम आर्सेनाइड काफी सुगमता से प्राप्त हो सकता है। यह वह पदार्थ होता है जिससे कम्प्यूटर के सर्किट बनाये जाते हैं।’’
‘‘क्या यहाँ तेल मिलने की कोई सम्भावना है? अर्थात अब तक की खोजों के आधार पर कुछ आशा बनी है?’’
‘‘नब्बे प्रतिशत हमें आशा है कि यहाँ तेल प्राप्त हो जायेगा। और गैलियम आर्सेनाइड का खनिज मिलने की तो शत प्रतिशत सम्भावना है।’’

इस आस्ट्रेलियाई कंपनी से बातचीत के बाद सुंदरम ने वापसी का निर्णय लिया। अब वह राजनगर जाना चाहता था।
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